Bindash News || बहुत मर्माहत हूं...
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

Economy

बहुत मर्माहत हूं...

Bindash News / 21-05-2021 / 1323


जिला प्रशासन का करें सहयोग,वो आपके लिए सड़क पर हैं:चिंटू


आशुतोष रंजन
गढ़वा

आप जब सड़क पर निकलते हैं और पुलिस के अधिकारी और जवान जब आपको रोकते हैं तो आपको बड़ा नागवार गुज़रता है,आप एकाएक तिलमिला उठते हैं,कोई सामान्य बात करता है तो कोई उलझ पड़ता है,लेकिन ज़रा दिली संज़ीदगी से सोचिए कि आप कभी कभी बाहर निकल रहे हैं,लेकिन वो अधिकारी और जवान अहले सुबह से पूरी रात सड़क पर ही रह रहे हैं,आप तपाक से कहेंगें की यह उनकी डयूटी है लेकिन यह बात आप तब कह रहे हैं कि जब आपको मालूम है कि वो डयूटी बेशक़ कर रहे हैं,लेकिन ख़ुद के लिए नहीं आपके और हमारे लिए,अरे आप कैसे भूल जा रहे हैं कि देश की सीमा पर भी तैनात पुलिसकर्मी नौकरी ही कर रहे हैं,लेकिन तपती और झुलसाती धूप,हाड़ गलाती ठंढ और मूसलाधार बारिश में वो बिना पलक झपकाए अपलक सीमा की निगेहबानी करते रहते हैं,क्योंकि देश के दुश्मन से हमारा देश और हमारे वतन के लोग महफ़ूज रहें,उधर देश के अंदर भी तैनात अधिकारी और जवान भी वही काम करते हैं,इनका भी उद्देश्य मात्र एक ही होता है कि असामाजिक लोगों से हमारे लोग सुरक्षित रहें,और आप सबकुछ जानते हुए भी यह कहने से गुरेज़ नहीं करते कि वो अपना डयूटी कर रहे हैं,यह सब को अग़र हम परे रखें तो जो घटना आज घटित हुई उसके बारे में जानकर तो यह धारणा तो पूरी तरह बदल देनी होगी कि पुलिस अधिकारी और जवान अग़र सड़क पर रहते हैं तो वो ख़ुद के लिए नहीं हमारे लिए रहते हैं,क्या घटना घटित हुई और किस तरह लोगों को अपनी धारणा बदलनी होगी,आइये आपको बताते हैं।

इस घटना से बहुत मर्माहत हूं,क्या आप आहत नहीं हैं.?:- कोरोना के दूसरे स्ट्रेन को बढ़ता देख और ज़्यादा संख्या में लोगों को आक्रांत होते पाए जाने के बाद लॉकडाउन प्रभावी हुआ,कुछ रोज़ बाद जब इस पहल के बाद भी स्थिति में और लोगों की सोच में बदलाव नहीं हुआ तो फ़िर सख़्ती की शुरुआत हुई और E पास की व्यवस्था लागू की गयी,निर्देश ज़ारी हुआ कि गाड़ियों से सड़क पर आवाजाही करने वाले लोगों के पास अग़र ई पास नहीं पाया जाएगा उनकी गाड़ी ज़ब्त की जाएगी और उनसे जुर्माना वसूला जाएगा,इस निर्देश का अनुपालन हुआ और पुलिस प्रशासन द्वारा जांच की गयी जिसमें सड़कों पर आवाज़ाही करने वाले लोगों में बड़ी लापरवाही सामने आयी,तभी तो बड़ी संख्या में गाड़ियां पकड़ी गयी और राज्य में सबसे ज़्यादा 7 लाख 40 हज़ार रुपया जुर्माना भी वसूला गया,दो तीन रोज़ से लगातार चलाये जा रहे इस जांच अभियान के बाद लोगों में ई पास के साथ चलने की आदत शुरू हुई लेकिन घटना भी घटित हो गयी,आपको बताएं कि जिले के डंडा थाना क्षेत्र के भिखही मोड़ पर पुलिसकर्मियों द्वारा गाड़ियों की जांच की जा रही थी,इसी दरम्यान एक गाड़ी पर सवार तीन युवक पलामू से गढ़वा की ओर आ रहे थे,उन्हें जब रुकने को कहा गया तो उनके द्वारा गाड़ी की स्पीड बढ़ा दी गयी और जब उन्हें रोकने और पकड़ने को जवान आगे बढ़े तो गाड़ी सवारों द्वारा सीधे रूप में जवान को ज़ोरदार सीधे रूप में टक्कर मारा गया जिससे एक तरफ़ जहां पुलिस का जवान गंभीर रूप से घायल हुआ वहीं गाड़ी सवार भी ज़ख्मी हुआ,सभी को सदर अस्पताल लाया गया जहां जवान की मौत तत्क्षण हो गयी वहीं कुछ देर बाद ज़ख्मी गाड़ी सवार तीन युवकों में से एक की भी मौत हो गयी,इसी घटना को देख आज बहुत मर्माहत हूं क्योंकि वो जवान जहां अपने लिए नहीं बल्कि हमारे और आपके लिए सड़क पर था,जहां वो हमसबों के लिए सेवा देते हुए शहीद हो गया तो वहीं लाख प्रशासनिक जागरूकता के बाद भी वो जागरूक नहीं हुआ तभी तो जहां एक ओर वो बिना ई पास का था और साथ ही उसके द्वारा पुलिस को चोटिल कर भागने का प्रयास किया गया,वो प्रयास तो किया बचने का पर उसे भी मौत मिली,तभी तो पूछ रहा हूं कि इन दो मौत से मैं तो मर्माहत हूं,क्या आप आहत नहीं हैं..?

वो आपके लिए सड़क पर हैं:- जबसे कोरोना का यह दूसरा दौर शुरू हुआ है तबसे जहां एक ओर मेरे द्वारा जहां एक ओर क्षेत्र में लोगों को जागरूक किया जा रहा है,उन्हें इस महामारी से बचने की बात कही जा रही है,वहीं साथ ही साथ एक बात जो मुख्य रूप से कही जा रही है वो यह है कि प्रशासन के कनीय या वरीय अधिकारी हों,या पुलिस के जवान हों वो अग़र आपको कहीं भी रोकते टोकते और इस महामारी से बचने के लिए मास्क का उपयोग और भींड़ से दूर रहने की बात कहते हैं तो उसे अन्यथा ना लें,उसे ख़ुद का अपमान ना समझें,क्योंकि वो आपका अपमान नहीं बल्कि आपका ही जीवन पूरी तरह महफ़ूज रहे बस इसीलिए सारी बातें कहते और समझाते हुए आपके जीवन का मान रख रहे हैं,लेकिन अफ़सोस काश वो युवक समझ पाते तो आज ना तो हम अपने जिले के जाबांज़ जवान को खोते और ना ही उन तीन युवकों में से एक कि जान जाती,इसलिए अभी भी वक्त है वैसे सभी लोग जो पुलिस के प्रति मन में ग़लत धारणा पाले बैठे हैं वो उसे बाहर निकाल फेंके,और एक सकारात्मक धारणा जागृत करते हुए उनका इस विषम दौर में सहयोग करें ताकि हम सभी इससे जल्द उबर कर एक नयी ज़िंदगी में सुखद अहसास के साथ प्रवेश करें।

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