Bindash News || मंत्री ने लिया फ़ैसला,अब तो रखिये विरोध से फ़ासला
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

Economy

मंत्री ने लिया फ़ैसला,अब तो रखिये विरोध से फ़ासला

Bindash News / 04-06-2021 / 1051


अब इंदिरा प्रियदर्शिनी टावर के नाम से जाना जाएगा गढ़वा का घंटाघर : मंत्री मिथिलेश


ओछी राजनीति छोड़ लोग विकास में करें सहयोग

आशुतोष रंजन
गढ़वा

गढ़वा में घंटाघर निर्माण पर हो रही राजनीति पर गढ़वा विधायक झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने विराम लगा दिया है। मंत्री श्री ठाकुर ने कहा है कि इंदिरा गांधी पार्क में बनने वाला घंटाघर इंदिरा प्रियदर्शनी टावर के नाम से जाना जाएगा। साथ ही इस पार्क का सुंदरीकरण करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आदम कद प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। मंत्री ने कहा कि उन्हें अपने पूज्य पिता स्व. कौशल किशोर ठाकुर के स्वतंत्रता आंदोलन में दिए योगदान पर गर्व है। घंटाघर का निर्माण करा कर  किसी की भावना को आहत पहुंचाना उनका मकसद नहीं। है जिस कार्य से किसी को आपत्ति ना हो वही कार्य किया जाएगा,मंत्री श्री ठाकुर ने कहा कि कांग्रेसी नेता उनके आवास पर आकर मुलाकात किए थे, परंतु किसी ने नाम पर विरोध नहीं किया था। आज ही मुझे जानकारी मिली कि घंटाघर मेरे पिता के नाम पर बनाए जाने का विरोध है। यदि लोगों को नामकरण से विरोध है तो यह घंटाघर इंदिरा प्रियदर्शनी टावर के नाम से ही बनाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि लोग ओछी राजनीति छोड़कर गढ़वा के विकास में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि गढ़वा शहर सहित गढ़वा विधानसभा को राज्य के पटल पर अव्वल बनाना ही उनका एकमात्र उद्देश्य है। वे गढ़वा  के विकास के लिए कृत संकल्पित हैं। नहीं तो अपने निजी कोष से इस तरह का कार्य नहीं करते। वे अपने निजी कोष बहुत सारे कार्य किए हैं और आगे भी करेंगे। मंत्री श्री ठाकुर ने सभी कांग्रेसियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी पार्क के संबंध में उनके दिए गए सुझाव को वे स्वीकार करते हैं। इंदिरा प्रियदर्शनी टावर के नाम से यह घंटाघर जाना जाएगा। उन्होंने अन्य लोगों से कहा कि इस तरह की ओछी राजनीति से सभी परहेज करें। सभी मिलकर गढ़वा तथा वासियों के हित में हो रहे विकास कार्यों में सहयोग करें। मंत्री ने कहा कि किसी की भी भावना को ठेस पहुंचाना उनका मकसद नहीं है। गढ़वा वासियों के हित व गढ़वा के विकास के लिए वे अपना सर्वस्व न्यौछावर करने को तैयार हैं।

 

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