Bindash News || रखने की जगह मान, विधायक कर रहे अपमान
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

Economy

रखने की जगह मान, विधायक कर रहे अपमान

Bindash News / 24-06-2021 / 379


यह मेरे अधिकार का हनन है:अध्यक्ष


आशुतोष रंजन
गढ़वा

वो विधायक रहे हैं,राज्य के मंत्री पद को भी उन्होंने सुशोभित किया है,फ़िर भी उन्हें किसी के अधिकार का ना तो ज्ञान है और ना ही भान है,उक्त बातें बंशीधर नगर पंचायत की अध्यक्ष विजया लक्ष्मी द्वारा कहा गया,उनके द्वारा किस विधायक के बावत ऐसा और किन कारणों से कहा गया,आइये आपको बताते हैं।

विधायक कर रहे अपमान:- आपने ऊपर में मेरे द्वारा लिखा हुआ पढा की अध्यक्ष विजया लक्ष्मी द्वारा यह कहा गया कि उन्हें अधिकार का ज्ञान और भान नहीं है,अब उनके द्वारा कहा गया कि विधायक नहीं रख रहे मान,कर रहे अपमान,ऐसे में आप जरूर जानना चाह रहे होंगें की वो विधायक कौन हैं,तो आपको बताऊं की वो भानु प्रताप शाही हैं जो भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं,अब सवाल उठता है कि आख़िर विधायक किस रूप में अध्यक्ष का अपमान कर रहे हैं,तो इस विषयक अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि जब एक विधायक द्वारा नगर परिषद क्षेत्र में समीक्षा बैठक की जाती है तो बजाप्ते नगर परिषद अध्यक्ष को उक्त बैठक के निमित लिखित रूप में बुलाया जाता है साथ ही जो भी अध्यक्ष हो उसके द्वारा उस बैठक की अध्यक्षता की जाती है,लेकिन यहां तो विधायक द्वारा अध्यक्ष को बुलाये जाने की बात कौन करे वो तो बैठक कर के निकल भी लिए,सवाल पूछते हुए विजया लक्ष्मी कहती हैं कि क्या यह अध्यक्ष का अपमान नहीं है तो और क्या है.?

यह मेरे अधिकार का हनन है
:- अध्यक्ष द्वारा केवल कोई ज़बानी राजनीतिक बयान नहीं दिया गया,बल्कि उनके द्वारा उस नियम का हवाला दिया गया जो अधिनियम में निहित है,कहा कि नगर पालिका अधिनियम 2011 के तहत अध्याय 9 में यह बताया गया है कि नगर पंचायत नगर निकाय में बैठक आयोजित करना या सामान्य बैठक की अध्यक्षता नगर पंचायत अध्यक्ष के द्वारा किया जाता है,लेकिन भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के श्री बंशीधर नगर पंचायत में माननीय विधायक के द्वारा समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया,जो श्री बंशीधर नगर प्रखंड मुख्यालय में आयोजित हुआ,अध्याय 9 में उल्लेखित किया गया है की बैठक की अध्यक्षता नगर निकाय के अध्यक्ष के द्वारा ही किया जाता है,परंतु विधायक द्वारा नगर पंचायत अध्यक्ष को इसकी सूचना नहीं दी गई,पर इसे नासमझी कहें या जानबूझ कर किया गया अपमान की अध्यक्ष को ना बुलाते हुए नगर पंचायत कर्मी और कार्यपालक पदाधिकारी को बैठक में आमंत्रित किया गया,जो कि प्रोटोकॉल के तहत पूरी तरह गलत है,साथ ही साथ नगर पालिका अधिनियम के तहत यह अध्यक्ष के विशेषाधिकार अधिकार का हनन है,इसे विडंबना ही कहेंगें की विधायक के साथ साथ झारखंड सरकार में मंत्री रह चुकने के बाद भी उनके समझ से परे है कि विधानसभा सदस्य की गरिमा क्या होती है,यह विधायक जी को पता होना चाहिए लेकिन किसी दूसरे के कार्य क्षेत्र में हस्तक्षेप करना इनकी आदत सी बन गई है,जहां तक मेरे द्वारा आयोजित की जाने वाली आम बैठक हो या बोर्ड की बैठक,सभी में विधायक प्रतिनिधि को ससम्मान बुलाया जाता है और वो उक्त बैठक में मौजूद रहते हैं तथा उनको बोर्ड में हुई कार्रवाई की प्रति उपलब्ध कराई जाती है,ऐसे में क्या यह कहना मेरा लाज़िमी नहीं है कि "मैं करूं सम्मान,पर आप करें अपमान,मैं करूं आपकी हर बातों का मनन,और आप करते रहें मेरे अधिकारों का हनन।"

Total view 379

RELATED NEWS