Bindash News || जिसके ख़ुद के दामन दाग़दार हैं...
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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जिसके ख़ुद के दामन दाग़दार हैं...

Bindash News / 09-07-2021 / 1959


जिन्होंने पार्टी में फूंका जान,आज उन्हीं को कर दिया बेज़ान:भानु


आशुतोष रंजन
गढ़वा

कालांतर से ले कर वर्तमान गुज़र रहे वक्त तक हम वक्त बे वक्त यही सुनते आ रहे हैं कि आप दूसरों की सफ़ेदी पर लगे दाग़ को देख कर कहकहे तब लगाएं जब आपके बेदाग़ हों,अरे आपके दामन तो पहले से दागदार हैं और आप हमारे और हमारी पार्टी पर छींटे उछाल रहे हैं,लेकिन शायद आपको इसका तनिक भी इल्म नहीं है कि हमारी पार्टी का दामन आपके जद्द से इतना बाहर है कि आपका पूरा कुनबा एक साथ मिलकर भी छींटा उछाले फ़िर भी पहुंचना मुश्किल है,उक्त लच्छेदार व्यंग्यात्मक बातें भवनाथपुर से भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही द्वारा झारखंड में सत्तासीन सरकार पर ज़बानी हमला बोलते हुए कही गयी,उनके द्वारा और क्या कहा गया आइये आपको इस ख़बर के माध्यम से पढ़ाते हैं।

वो हमें क्या सिखाएगा:- जो ख़ुद अनसिख होता है वही दूसरों को सिख देने की बात कहता है,कुछ यही रवैया-ए-हाल झामुमो का है,जो ख़ुद सीखा नहीं वो आज हमें और हमारी पार्टी यानी भाजपा को सिखाने की बात कहता है,विधायक ने कहा कि वंश वाद की बुनियाद पर निर्मित पार्टी JMM अब राष्ट्रवादी पार्टी भाजपा को सिखाएगी,अरे जिसके खुद के घर में लोकतंत्र नहीं है वो दूसरों को सलाह दे रहा है,जिस पार्टी में पिता अध्यक्ष और सांसद हो,जिसके पार्टी में बेटा कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हो,जिसके घर में बेटा युवा मोर्चा अध्यक्ष और विधायक हो,जिसके घर में बहु पार्टी महासचिव और विधायक हो वो दूसरों को नसीहत दे,तो बड़ा ही हास्यास्पद लगता है,झामुमो के वरीय नेता पार्टी की क्रियाकलाप से मायूस और नाराज़ हैं,क्योंकि जिन्होंने पूरी जवानी खपा कर पार्टी को यहां पहुंचाया,वो आज गुमनाम जीवन जी रहे हैं,वैसे नामों की फ़ेहरिस्त में स्टीफ़न मरांडी,लोबिन हेंब्रम,मथुरा महतो,सरफ़राज जी,बिरुवा जी जैसे बड़े और मजबूत स्तंभ नाम शामिल हैं,यहां तो वही पंक्ति याद आ रही है कि "जब वक्त पड़ा तो हमने खून दिया,आज बहार आयी तो कहते हैं कि तेरा काम नहीं",कहने का मतलब की नापाक इरादे के साथ कितनों को राजनीतिक काल कोठरी में डालने वाली यह पार्टी आज ख़ुद को पाक बताती फ़िरती है,और कितना कहें, आप सभी को याद होगा कि अलग राज्य बनने से पूर्व एक बड़े नामवर नेता द्वारा यह कहा जा रहा था कि झारखंड मेरी लाश पर बनेगी,और इन्हें देखिये जो ख़ुद को अलग राज्य निर्माण का अगुआ बताते हैं वो आज वैसा कहने वाले को गले लगाया और उनके साथ में सरकार भी बनायी,मतलब की जब आपकी नीति और नियत ठीक नहीं है और बाक़ी आपकी कारगुजारी से सभी कोई तो वाक़िफ़ है ही,ऐसे में नीति सिद्धांत को ताक पर रख कर सत्ता के मलाई खाने वाले आपको शर्म तो आनी ही चाहिए।

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