Bindash News || बड़ी पहल: बेटियों के नाम से जाने जाएंगे भरटिया गांव के घर
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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बड़ी पहल: बेटियों के नाम से जाने जाएंगे भरटिया गांव के घर

Bindash News / 10-09-2021 / 673


हर दरवाजे पर लगेगी बेटियों के नाम की नेम प्लेट


आशुतोष रंजन
गढ़वा

झारखंड के गढ़वा जिला अंतर्गत मध्या पंचायत के छोटे से गांव भरटिया के लोग एक नई पहल करने जा रहे हैं,अब जल्द ही इस गांव के हर दरवाजे के बाहर उस घर की बेटी/बेटियों के नाम से नेम प्लेट लगाई जाएगी,अब तक कि यह सबसे बड़ी पहल है,लेकिन ऐसी पहल आख़िर किसके द्वारा की गयी यह भी जानना बेहद ज़रूरी है,तो आपको बताऊं की जिला में अधिकारी के रूप में अपनी पदस्थापना के बाद से नित नए आयाम गढ़ रहे डिप्टी कलेक्टर सह जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार मध्या गांव पहुंचे जहां वो वहां की मुखिया,पंचायत समिति प्रतिनिधि,गणमान्य बुजुर्गों, महिलाओं तथा बच्चियों के बीच मंथन बैठक कर उक्त सुझाव दिया,मुखिया बिंदु देवी तथा उपस्थित ग्रामीणों ने इसे सहर्ष स्वीकार किया।

आइये जानते हैं भरटिया गांव के बारे में:- गढ़वा प्रखंड अंतर्गत आने वाले भरटिया गांव में 2011 की जनगणना के अनुसार कुल 113 परिवार रहते हैं,उच्च साक्षरता तथा शहर के नजदीक होने के बावजूद इस गांव में स्त्री पुरुष लिंगानुपात बहुत कम है,यहां 1000 पुरुषों में सिर्फ 740 महिलाओं वाला अनुपात है,जो कि देश के औसत लिंगानुपात 943 तथा झारखंड राज्य के औसत लिंगानुपात 948 से बहुत ही कम है,इतना ही नहीं बच्चों में लिंगानुपात की स्थिति और भी ज्यादा खराब है,इस गांव में बाल लिंगानुपात महज 658 ही है,यानि यहां 1000 बच्चों के बीच महज 658 बच्चियों का अनुपात है,इस विसंगति का कारण जानने तथा सामाजिक बदलाव हेतु आवश्यक अभियान चलाने हेतु ही शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार गांव पहुंचे हुए थे।

मेरी बेटी,मेरी पहचान
:- घरों के बाहर बेटियों के नाम से नेम प्लेट लगाने की पहल संजय कुमार द्वारा अपने पूर्व पदस्थापन जिला पूर्वी सिंहभूम में एक अभियान के तहत किया गया था,जिसका आसपास के इलाकों में गहरा प्रभाव पड़ा था,कुछ उसी तर्ज पर गढ़वा में भी कम लिंगानुपात वाले गांव में जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से सामाजिक प्रशासनिक अभियान चलाए जाने की वे कोशिश कर रहे हैं।

नेम प्लेट क्यों:- अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि बच्चियों के नाम से दरवाजों पर नेम प्लेट लगाने से न केवल बच्चियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा बल्कि गांव में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक धनात्मक परिवेश बनेगा,संजय कुमार ने कहा कि सामाजिक बदलाव की गति बहुत धीमी होती है किंतु कुछ धनात्मक प्रयास करने से अपेक्षित परिणाम जरूर आते हैं,मुखिया बिंदु देवी ने कहा कि वे 'मेरी बेटी, मेरी पहचान' जैसी मुहिम को लेकर आशान्वित हैं।

3 दिन में होगा सर्वे:- मुखिया बिंदु देवी ने कहा कि वे स्वयं तथा शिक्षकों की मदद से अगले 3 दिन में गांव का वास्तविक सर्वेक्षण कर लिंगानुपात की मौजूदा स्थिति जानेंगी,साथ ही सभी बच्चियों का नाम तथा उनकी माताओं का नाम संकलित करेंगी ताकि नेम प्लेट बनवाई जा सके।

ये रहे मौजूद:
- इस दौरान मुखिया के अलावा पंचायत समिति प्रतिनिधि सुनील राम,समाजसेवी जितेंद्र सिन्हा युवा समाजसेवी उज्जवल चौबे, प्रेम नाथ तिवारी,संजय चौबे अवध तिवारी,प्रिंस तिवारी,कौशल तिवारी,अंकिता ज्योति एवं काजल खुशबू सहित कई लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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