Bindash News || कौन कहता है कि बदल गए हैं वर्दीवाले..?
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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कौन कहता है कि बदल गए हैं वर्दीवाले..?

Bindash News / 27-10-2021 / 683


सुनते हैं पुलिस आधुनिक हो गयी है.?


आशुतोष रंजन
गढ़वा

हमें तो कुछ अलग दिखता नहीं,जिस हालात को हम सालों से नज़र करते आ रहे हैं,वही तो आज भी नज़रों को नुमाया होता है,लेकिन फ़िर भी न जाने क्यों सुनने में आता है कि पुलिस आधुनिक हो गयी है,आधुनिक होती तो क्या आज भी थानों में पैसे की भाषा ही समझी जाती ?,लेकिन वर्तमान हालात यही है कि आज भी थानों में आपकी फ़रियाद तब सुनी जाएगी जब आप सामने वाले साहेब का पॉकेट गर्म करेंगें,और हां वह गर्मी इतनी होनी चाहिए कि उसका अहसास साहेब को हो,तो फ़िर क्या कहने आपके काम सही हों या ग़लत कोई फ़र्क नहीं पड़ता,आप पुछेंगे की आख़िर ऐसा क्या हुआ कि यह सब लिखना पड़ रहा है तो आपको बताऊं की आज वो हुआ जिसकी कल्पना ना तो कोई प्रशासनिक महक़मा किया होगा और ना ही हम आप,लेकिन वो होनी तो हुई,दरअसल थाना में पदस्थापित एक पुलिस अधिकारी द्वारा एसीबी टीम पर हमला किया गया,अब यह हमला क्यों हुआ,आइये आपको इस ख़ास ख़बर के जरिये बताते हैं।

कहां बदले हैं वर्दीवाले:- आज की इस घटना के बाद हम क्या हर कोई यह कहने से गुरेज़ नहीं करेगा कि कहां बदले हैं वर्दीवाले,बात भी बिल्कुल सही है,क्योंकि सालों पहले भी थानों में  किसी फ़रियादी की बातों को कम उसके पैसे को ज़्यादा समझा जाता था,आज भी कहां कुछ बदला है,वही पुरानी परिपाटी तो आज भी परंपरा के रूप में जड़वत है,आज भी थाना स्तर के आपके काम तब होते हैं जब आप चढ़ावा चढ़ाते हैं,उसी चढ़ावे वाले रुपये के चक्कर में तो आज इतनी बड़ी बात हो गयी,हुआ क्या यह बताऊं की रंका थाना में एक व्यक्ति किसी काम से पहुंचा तो उसके काम का ज़िम्मा वहां पदस्थापित एएसआई कमलेश कुमार को दी गयी,अब कमलेश कुमार काम सुनने के बाद उसके समाधान के एवज़ में संबंधित व्यक्ति से मोटी रक़म की मांग किये,मुफ़लिसी का हवाला देते हुए पहले तो उसके द्वारा साहेब से विनती मिन्नत की गयी,पर ये साहेब अब मंदिर वाले भगवान थोड़े हैं कि पांच लड्डू चढ़ाने से मान जाएं,सो साहेब उसे रोज़ दौड़ाने लगे,और वो रोज़ काम हो जाने के आसरे के साथ साहेब के दर पर माथा टेकने लगा,जब कुछ दिन दौड़ कर वो परेशान हो गया तो अंततः वो चढ़ावा चढ़ाने को तैयार हुआ,लेकिन इससे पहले उसके द्वारा यह तय किया गया कि जिस तरह एक काम के लिए उसे परेशान हलकान होना पड़ा है,किसी और को ना होना पड़े,यही सोच को दिल में आत्मसात किये वो एसीबी के प्रमंडलीय कार्यालय पहुंचा और सारी आपबीती बतायी,उधर सारी जानकारी से अवगत होने के बाद एसीबी टीम द्वारा घूसखोर को पकड़ने के बावत सारी तैयारी की गयी और आज तय तारीख़ के अनुसार उक्त व्यक्ति द्वारा एएसआई कमलेश कुमार को रिश्वत की राशि दी गयी,जैसे ही कमलेश कुमार द्वारा रुपया लिया गया ठीक उसी वक्त एसीबी टीम द्वारा उसे रिश्वत के रुपये के साथ रंगे हांथों गिरफ़्तार कर लिया गया,बार बार रिश्वत ले कर ऐसे किसी कार्रवाई से बहुत दूर रहने वाले एएसआई को भला गिरफ़्त में आना कैसे गंवारा होता सो उसके द्वारा पहले तो कई हथकंडे अपनाए गए,जब उससे बात नहीं बनी तो उसके द्वारा एसीबी की टीम पर हमला बोल दिया गया,कहा तो यहां तक जा रहा है कि उस हमले में उसके पुलिस साथी द्वारा भी सहयोग किया गया,लेकिन यह तो जांच में स्पष्ट होगा,लेकिन हमला कर के वो एएसआई कमलेश कुमार गिरफ़्त से भाग गया,इधर जहां अपने पुलिसकर्मी द्वारा रिश्वत लिए जाने से पुलिस के अधिकारी शर्मिंदा हैं ही तो उधर इस तरह एसीबी की टीम पर हमला कर उसके भाग जाने से आहत भी हैं,बताया जा रहा है कि उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीम जुटी हुई है,इसी बात को ले कर हमने लिखा कि कोई कहता है कि बदल गए हैं,हद बात है,कहां बदले हैं वर्दीवाले..?

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