Bindash News || एसपी की क्लास में दारोगा की परीक्षा
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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एसपी की क्लास में दारोगा की परीक्षा

Bindash News / 18-12-2021 / 935


कितने थाना प्रभारी होते हैं पास..?


आशुतोष रंजन
गढ़वा

ऐसे सामान्य दिनों में भी अग़र किसी पुलिस अधिकारी का अपने वरीय पदाधिकारी के पास जाना होता है तो वो गुज़रा क्षण भी उनके लिए कम महत्वपूर्ण नहीं होता है क्योंकि उस अल्प वक्त में भी साहेब कुछ ऐसा ना पूछ दें जो मेरे ओर से ना ज़वाब रहे,यह तो सामान्य दिनों की बात हो गयी,लेकिन सोचिये जब जिला के पुलिस कप्तान अपराध की समीक्षा हेतु एक विशेष बैठक आहूत करें जिसमें सभी थाना प्रभारियों का जाना होता है,तब सोचिये बैठक अवधि में अधिकारियों की मनोदशा क्या होती होगी,ठीक उसी तरह की मनःस्थिति होती होगी जैसी हम सभी की बोर्ड एक्ज़ाम के वक्त थी,तभी हमने आज इस ख़बर का शीर्षक दिया है एसपी की बैठक में दारोगा की परीक्षा।

पहला सवाल:- हम आप अपने जीवन में जिस भी परीक्षा से गुज़रे हैं उसमें एक निर्धारित वक्त में ज़वाब देना होता है,लेकिन यह परीक्षा कुछ अलग होता है इसमें परीक्षार्थियों को कुछ सवाल के ज़वाब तुरंत देने होते हैं तो कुछ प्रश्न साथ में ले जाने होते हैं जिनके उत्तर उन्हें अगले परीक्षा में देने होते हैं,अब आज के पहले सवाल की बात करें तो गढ़वा में अपने पदस्थापना के बाद यहां के ज़मीनी विवाद को शिद्दत से महसूस करने के उपरांत एसपी अंजनी कुमार झा द्वारा एक निर्णय लिया गया कि प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को थाना स्तर पर थाना दिवस आयोजित किये जायें जहां अन्य मामलों के साथ साथ थाना के स्तर से सुलझने वाले ज़मीनी मामलों को सुलझाए जाएं,साहब से प्राप्त निर्देश के आलोक में सभी थानों में थाना दिवस का आयोजन हुआ,जहां थाना क्षेत्र के लोग अपनी परेशानी के साथ पहुंचे जहां अंचलाधिकारी की मौजूदगी में उनके सहयोग से कई परेशानियों का हल भी निकला,आज की बैठक में एसपी द्वारा थाना दिवस के बावत जानकारी ली गयी,जहां सभी थाना प्रभारियों द्वारा ख़ुद के यहां आयोजित हुए थाना दिवस और उस रोज़ निराकरण किये गए मामलों की जानकारी दी गयी।

दूसरा सवाल,नया साल:- बस कुछ ही दिनों में हम नए साल में प्रवेश करेंगें,भले दो साल हम कोरोना के विषम दौर से गुज़रे हैं और ओमीक्रौन के रूप में तीसरी आहट हमें डर का आभास करा रही है लेकिन फ़िर भी हम निडर हो कर नए साल का आगाज़ करने को उत्सुक हैं और ख़ुमारी में डूबने की तैयारी अभी से करने लगे हैं,पर वो ख़ुमारी हमारे लिए ख़तरे का शबब ना बन जाये उससे हर किसी को आगाह करने के साथ साथ सभी पिकनिक स्पॉटों पर विशेष निगरानी को ले कर ही सभी थाना प्रभारियों के समक्ष एसपी द्वारा सवाल रखा गया,एसपी द्वारा कहा गया कि आगामी क्रिसमस सहित नववर्ष एवं मकर संक्रांति के अवसर पर जिला के विभिन्न पर्यटन स्थल पर अधिक भीड़ होने की संभावना रहेगी,इसे नज़र कर सभी पर्यटन स्थलों पर बलों की प्रतिनियुक्ति करते हुए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना ज़रूरी होगा,ताक़ि हर तरह से लोग महफ़ूज रहें।

तीसरा सवाल..विकास कार्यों में ना आवे कोई व्यवधान,है आपकी जिम्मेवारी रखें पूरा ध्यान:- झारखंड के गढ़वा जैसे जिले में कालांतर में नक्सलियों के फुंसी से नासूर होने का सब कारणों में एक बड़ा कारण जो रहा वो है विकास कार्य,कहने का मतलब की सड़क से ले कर छोटी बड़ी कोई भी योजनाओं को उनके द्वारा कार्यरूप में नहीं आने दिया जा रहा था,ताक़ि जहां एक ओर ख़राब सड़कें पुलिस को हम तक पहुंचने में बाधक बने तो वहीं दूसरी ओर विकास से महरूम लोगों को बहला और बरगला कर संगठन में शामिल कर सकें,लेकिन बात यह कालांतर यानी गुज़रे वक्त की हो गयी,क्योंकि वर्तमान समय में जहां एक तरफ़ नक्सली उन्मूलन को ले कर सरकार कटिबद्ध है तो वहीं सिविल और पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है,आज उसी प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि कभी रात के अंधेरे में कौन कहे दिन के उजाले में गांव की गलियों में अपनी धमक देने वाले नक्सली आज बूढा पहाड़ रूपी एक पॉकेट में ख़ुद को छुपाये हुए हैं,तो इधर विकास योजनाएं भी सरज़मीन पर कार्यरूप ले रही हैं,उन सभी संचालित योजनाओं में किसी तरह का कोई व्यवधान ना आवे इसे ले कर भी एसपी द्वारा अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया गया,कहा गया कि सभी ज़रूरी कार्यों के साथ इसे भी बेहद महत्वपूर्ण समझते हुए किसी भी विकास योजना के धरातल पर मूर्तरूप लेने में अग़र किसी असामाजिक तत्वों द्वारा बाधा पहुंचायी जा रही हो तो सूचना के सत्यापन के उपरांत त्वरित कार्रवाई करें।

चुनौतीपूर्ण है चौथा सवाल:- जिले को अपराध,नक्सलवाद और नशामुक्त बनाने को ले कर सतत प्रयासरत एसपी अंजनी कुमार झा के कुशल नेतृत्व में काम कर रही पुलिस टीम अनवरत सफ़लता हासिल कर रही है लेकिन इन सफ़लताओं से इत्तर कुछ घटनाएं ऐसी भी घटित हो गयीं जिसमें सफ़लता हासिल करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है,उक्त सभी घटनाओं को जहां एक तरफ़ एसपी द्वारा गंभीरता से लिया गया है तो वहीं पुलिस अधिकारियों को तल्ख़ लहज़े में यह निर्देश भी दिया गया कि वो उक्त घटनाओं का जल्द अनुसंधान पूर्ण कर मामले का ख़ुलाशा करें,साथ ही बेअसर नहीं बल्कि प्रभावकारी पेट्रोलिंग कराना सुनिश्चित करें,ताक़ि गढ़वा को अपराधमुक्त बनाने का लक्ष्य जल्द हासिल हो सके।

पांचवां सवाल...हम सभी ऐसी व्यवस्था लाएं,ताक़ि ख़ुद को सुरक्षित महसूस करें महिलाएं
:- बैठक में मौजूद सभी पुलिस अधिकारियों से एसपी ने कहा कि महात्मा गांधी के उस सपने को हमें साकार करना है जिसमें उन्होंने कहा था कि हम अपने वतन को तब आजाद समझेंगें जब अपने यहां की महिलाएं दिन के उजाले में नहीं बल्कि स्याह अंधेरी रात में भी सड़कों पर महफ़ूज हो निकल सकेंगीं,आज हम सबों को ऐसी सुरक्षा व्यवस्था क़ायम करना है ताक़ि महिलाएं ख़ुद को सुरक्षित महसूस कर सकें,साथ ही एसपी द्वारा महिला अपराध के विरुद्ध पूर्ण संवेदनशीलता प्रदर्शित करते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिए जाने की बात भी कही गयी।

बैठक में मौजूद रहने वाले सभी थाना प्रभारियों ने किया साहेब की बातों का गंभीरता से अहसास,पर देखना अब यह होगा कि दे कर माक़ूल ज़वाब सभी सवालों का कितने थाना प्रभारी होते हैं परीक्षा में पास..?

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