Bindash News || आइये जानिए गढ़वा के पत्रकार ने लखनऊ में क्या किया..?
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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आइये जानिए गढ़वा के पत्रकार ने लखनऊ में क्या किया..?

Bindash News / 01-03-2022 / 1724


धार्मिक काम देता है मन की अशांति को विराम : विकास


आशुतोष रंजन
गढ़वा

अग़र आप आस्थावान हैं,भगवान में आपकी आस्था है तो उसके लिए कोई माक़ूल जगह की ज़रूरत नहीं होती,आप जहां होते हैं वहीं आपकी आस्था परिलक्षित होती है,जैसा कि आज गढ़वा के युवा पत्रकार विकास जायसवाल के व्यवहार में तब नुमाया हुआ,जब वो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अवस्थित एक शिवालय में जहां पूजा अर्चना किये वहीं आयोजित एक बड़े भंडारा में सेवा भी की,आपको बताएं कि वो अपने परिजन के इलाज़ के वास्ते एसजीपीजीआई में हैं,लेकिन आज महाशिवरात्रि के मौक़े पर जब वो पूजा करने के ख़्याल से मंदिर पहुंचे तो भगवान शिव की पूजा करने के उपरांत उन्हें वहीं आयोजित भंडारा दिखा,जिसे देख वो वहां पहुंचे और सेवा करने से ख़ुद को नहीं रोक सके,अहले सुबह से दोपहर तक उनके द्वारा श्रद्धालुओं के बीच भंडारे का प्रसाद वितरण किया गया,पूछे जाने पर विकास ने बताया कि उनमें भगवान के प्रति गहरी आस्था है,क्योंकि गांव में रहें या कहीं बाहर हर महाशिवरात्रि को वो शिवालय पहुंच जहां एक ओर पूजा अर्चना करते हैं वहीं दूसरी ओर अग़र वहां भंडारा आयोजित है तो वहां सेवा करते हैं,कहा कि हम आप हर रोज़ सुबह से देर रात तक जीवन की झंझावातों में उलझे रहते हैं,जिस कारण कई बार वक्त ऐसा भी जीवन में आता है जब मानसिक अशांति से गुज़रना पड़ता है,हम आप सभी उस अशांति को दूर करने के लिए दवा का सहारा लेना पड़ता है,पर अफ़सोस उससे वो शांति नहीं मिल पाती जिसकी हमें चाहत होती है,लेकिन यह शाश्वत सत्य है कि भगवान की पूजा अर्चना और धार्मिक कार्य जहां एक ओर हमारे दिल को सुकून पहुंचाता है वहीं अशांत मन भी शांत होता है,जिससे हम मानसिक अशांति और परेशानी से दूर हो जाते हैं,साथ ही कहा कि वो आज के युवाओं को सोशल मीडिया में रमे रहने के साथ साथ दर्शन पूजन के निमित जागरूक भी करते हैं,क्योंकि भगवान की पूजा अर्चना ही एकमात्र सफ़ल जीवन का माध्यम है।

 

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