Bindash News || रमेश और अंजनी कर रहे प्रयास,हो पूरी सबकी मतदान की आस
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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रमेश और अंजनी कर रहे प्रयास,हो पूरी सबकी मतदान की आस

Bindash News / 18-04-2022 / 516


अब हमें समझ आया,हमने क्या खोया,क्या पाया


आशुतोष रंजन
गढ़वा


एक वह वक्त था जब लाख प्रशासनिक प्रयास के बाद भी लोग मतदान नहीं कर पाते थे क्योंकि एक तरफ जहां उन्हें मतदान करने के लिए उस हद तक ना तो जागरूक किया जाता था,तो वहीं दूसरी ओर नक्सलियों द्वारा वोट नहीं देने को डराया भी जाता था,नतीजा होता था कि मतदान कर्मी केंद्र पर बैठे रह जाते थे लेकिन कोई भी मतदाता मतदान करने नहीं आता था,पर आज का समय देखिये जहां जो लोग मतदान नहीं करते थे,आज वहीं पर वो लोग खुद जागरूक होने के साथ साथ और लोगों में मतदान के प्रति आशक्ति जगा रहे हैं,कैसे यह सब संभव हुआ पढ़िए इस रिपोर्ट में।
 
हालात थे राजतांत्रिक:- व्ययवस्था भले था लोकतांत्रिक,पर हालात थे राजतांत्रिक,जी हां हम बात कर रहे हैं झारखंड राज्य के गढ़वा जिला की,जो एक तरफ देश के पिछड़े जिलों में शुमार होता है,तो दूसरी ओर इसे सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित जिला भी कहा जाता है,यह वही गढ़वा है जहां राजतांत्रिक व्यवस्था लागू थी,आप पूछेंगें ऐसा क्यों.?,तो आपको यहां बताऊं की जिला के जंगली इलाकों में बसर करने वाले लोग कुछ अरसा पहले तक चाह कर भी मतदान नहीं कर पाते थे क्योंकि लोकतांत्रिक व्यवस्था के बाद भी नक्सलियों द्वारा अपनी व्यवस्था लागू की गयी थी,उनके द्वारा लोगों को बरगलाने के साथ साथ डराया भी जाता था,उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा नहीं बनने को ले कर समझाया जाता था जिसका नतीजा होता था कि वो मतदान नहीं करते थे,लेकिन आज वक्त बदला है अब तो वो भी मतदान करना चाह रहे हैं जो कल खुद को मतदान केंद्र से दूर रखा करते थे।
 
 

हमने क्या खोया और क्या पाया:- अब हमें समझ आया कि हमने क्या खोया और क्या पाया",ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि गढ़वा जिला के उन सभी गांव के ग्रामीण एक स्वर से बोल रहे हैं जो कल नक्सलियों की भ्रमित बातों में आ कर मतदान नहीं किया करते थे,आपने ऐसा कर के क्या पाया यह पूछे जाने पर ग्रामीणों ने कहा कि हमने पाया नहीं बल्कि खोया,कहा कि उनकी बातों में आ कर मतदान नहीं करने का परिणाम है कि हमने पाया कुछ नहीं बल्कि खो दिया,जिस तरह हम कल भी पिछड़े थे आज भी वही हालात हैं,इसके जिम्मेवार वही नक्सली हैं जो हमें बरगला कर हम सबों को मतदान से दूर रखते थे,पर अब हमलोगों को अहसास हो गया है इसलिए हर विपरीत स्थिति से निबटने के लिए तैयार हो कर हम सभी एक स्वर से बोल रहे हैं कि "आवे चाहे कोई व्यवधान,नहीं रुकेंगे कदम हमारे,जरूर करेंगें हम मतदान।"
 
हो पूरी सबकी मतदान की आस:- रमेश और अंजनी कर रहे प्रयास,हो पूरी सबकी मतदान की आस",शहरी मुख्यालय से ले कर वैसे सुदूर गांव जहां के लोग मतदान नहीं कर पाते थे उन सभी जगहों पर भी लोग अब सामान्य मतदान नहीं बल्कि बेहतर मतदान के लक्ष्य को भी हासिल करेंगें,ऐसा संभव होगा जिला प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे मतदाता जागरूकता अभियान से,आपको यहां बताएं कि जहां एक तरफ प्रशासन द्वारा सुदूर गांव में कई माध्यमों से जागरूकता अभियान शुरू किया गया है,तो उधर जिला उपायुक्त रमेश घोलप और एसपी अंजनी कुमार झा द्वारा भी लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने के साथ साथ मतदान का महत्व समझाया जा रहा है,लोगों को विश्वास दिलाया जा रहा है की अब आपको ना तो किसी के बहकावे में आना है और ना ही किसी से डरना है,पूरी तरह निडर और निर्भीक हो कर आप घर की दहलीज़ से बाहर निकलिए और अपना मतदान कीजिये,क्योंकि आपका यह मतदान ही जहां एक ओर आपके पिछड़ेपन के कलंक को धोएगा तो वहीं दूसरी ओर विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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