Bindash News || भतीजों ने रास्ता के लिए,चाचा को रास्ते से ही हटा दिया
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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भतीजों ने रास्ता के लिए,चाचा को रास्ते से ही हटा दिया

Bindash News / 30-05-2022 / 278


चाचा ने गोद दिया,पर भतीजों ने गोली दी


आशुतोष रंजन
गढ़वा 
 
वो वक्त गुजर गया जब लोगों को रिश्तों की परवाह होती थी,सभी घरों में अपनों की कद्र किया करते थे,पर आज इस कलियुग में रिश्तों की परवाह पूरी तरह से ख़त्म हो गई,घर के व्यस्कों की बात कौन करे,बच्चों ने भी जहां एक ओर कद्र करना छोड़ दिया तो वहीं रिश्तों का कत्ल भी करने लगे,कुछ ऐसी ही एक ताज़ा घटना झारखंड के गढ़वा जिले में घटित हुई है,जहां रिश्तों कत्ल कर दिया गया,आख़िर घटना कहां घटित हुई है,आइए आपको ऐ हो इस ख़ास ख़बर के जरिए बताते है।
 
रास्ता के लिए रास्ते से ही हटा दिया: इस घटना के बावत पूरी कहानी बताने से पहले आपको बताऊं की राज्य का गढ़वा वो जिला है जहां ग्रामीण इलाकों के साथ साथ शहरी मुख्यालय तक जमीनी विवाद से पूरी तरह त्रस्त है,यहां सुलझाने से ज्यादा मामला उलझता जाता है,कुछ ऐसा ही एक मामला इस घटना से जुड़ा है,जहां महज़ एक अदद रास्ता के लिए भतीजे ने अपने सगे चाचा को ही रास्ते से हटा दिया, दरअसल यह मामला तो बहुत पहले का है पर हत्या की कहानी आज से नौ रोज़ पहले की है जब किसी ज़रूरी काम से बाहर गए शिव यादव की हत्या तब की गई जब वो वापस घर को लौट रहे थे,जैसा कि हमने शुरू में बताया कि गढ़वा में जमीनी मामलों की एक लंबी फेहरिस्त है,सो उसी फेहरिस्त में एक मामला शिव यादव,दारोगा यादव और सुरेंद्र यादव का भी है,शहर थाना क्षेत्र के सुखबाना गांव निवासी इन तीनों सहोदर भाइयों के बीच जमीनी विवाद है,लेकिन हत्या महज़ एक छोटे से रास्ता विवाद में कर दी गई,छोटे से रास्ते का विवाद इतना बढ़ा की घटना से कुछ रोज़ पहले शिव यादव द्वारा पुलिस में रिपोर्ट दर्ज़ कराई गई,बस यही रिपोर्ट दर्ज़ कराना ही शिव के लिए काल बन गया और उनके भाई भतीजों ने उसी छोटे रास्ते वाले विवाद के कारण उन्हें रास्ता से हटाने का बड़ा प्लान बना डाला और गुज़रे 21 मई को शिव यादव की हत्या कर उस बड़े प्लान को अंजाम दे डाला।
 
भतीजे ने गोली दी: चाचा ने तो गोद दिया,पर भतीजे ने गोली दी", हम आप जब छोटे होते हैं तो माता पिता ही नहीं बल्कि चाचा के गोद में भी खेलते हैं,जिस तरह हमें हमारे मां बाप दुलारते पुचकारते हैं ठीक उसी तरह हमारे चाचा भी हम पर अपना प्यार लुटाते हैं,वो भी हमारी बला अपने ऊपर ले लेने की दुआ करते हैं,कुछ वही प्यार लुटाने के साथ साथ चाचा शिव द्वारा भी अबोध पंकज को गोद में ले कर बलाएं ली गई होंगी,पर चाचा शिव को उसका सिला क्या मिला,तीन गोली ?,जी हां चाचा ने जिस भतीजे पर प्यार लुटाया था आज उसी भतीजे ने उसकी ज़िंदगी ही लूट ली,शहर थाना परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधिकारियों के पीछे खड़े ये तीनों हत्याकांड के आरोपी हैं,लेकिन इनमें दो पंकज सिंह यादव और मुकेश कुमार ये वो भतीजे हैं जिनके द्वारा रास्ता के विवाद में अपने चाचा की हत्या कर उन्हें हमेशा के लिए रास्ता से हटा दिया गया।
 
ऐसे हुआ हत्याकांड का खुलासा: हत्या की यह घटना तब घटित हुई थी जब पंचायत चुनाव का दौर चल रहा था,पुलिस प्रशासन का ध्यान चुनाव को निर्विघ्न संपन्न कराने की ओर केंद्रित था,पर जैसा की हम आप जानते हैं कि कानून के हाथ बड़े लंबे होते हैं,लेकिन इस घटना के बाद यह भी ज्ञात हो ही गया की नज़रें भी काफ़ी तेज़ होती हैं,तभी तो ध्यान भले चुनावी प्रक्रिया पर केंद्रित था पर नज़रें बाज़ की तरह हर गतिविधि पर नुमाया हो रही थीं,तभी तो जहां एक ओर अनुसंधान करते हुए हत्याकांड का खुलासा हुआ तो वहीं हत्या में शामिल आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया,जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अवध कुमार यादव ने बताया कि घटना के तुरंत बाद एसपी अंजनी कुमार झा द्वारा एक S I T टीम का गठन करते हुए त्वरित अनुसंधान और खुलासे का निर्देश दिया गया,उक्त निर्देश को आत्मसात करते हुए मामले की पड़ताल शुरू की गई,और घटना के कारण को ज्ञात करते हुए तीनों आरोपियों पंकज सिंह यादव,मुकेश कुमार और विकास कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया,जहां पंकज और मुकेश द्वारा हत्या की गई तो वहीं विकास द्वारा हत्या में प्रयुक्त किए गए हथियार 7.65 MM पिस्टल को छुपाया गया,बताया गया की तीनों के द्वारा अपने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया गया,उनके द्वारा बताया गया की उक्त जमीनी विवाद के कारण ही इस हत्या की घटना को अंजाम दिया गया।
 
क्योंकि गिरफ्तारी में इनकी रही भूमिका महत्वपूर्ण: चुनावी दौर में हत्याकांड का खुलासा ऐसे हुआ पूर्ण,क्योंकि गिरफ्तारी में इनकी भूमिका जो रही महत्वपूर्ण", कहने का मतलब की चल रहे पंचायत चुनाव के दरम्यान घटी घटना के खुलासे का मिला टास्क S I T टीम के नेतृत्वकर्ता अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अवध कुमार यादव के साथ साथ टीम के अन्य सहयोगी क्रमशः शहर थाना प्रभारी कृष्ण कुमार,पुलिस अवर निरीक्षक संजय कुमार,कृष्ण कुमार कुशवाहा,प्रवीण कुमार,सूर्य प्रकाश दुबे,सहायक अवर निरीक्षक अभिमन्यु सिंह के साथ साथ आरक्षी इंद्र कुमार मंडल,श्रीकांत पासवान और अमित कुमार सिंह द्वारा अनथक प्रयास एवं अपनी अपनी भूमिका का बखूबी निर्वहन करते हुए हत्याकांड के खुलासे को पूर्ण किया गया।
 

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