Bindash News || इतनी मज़बूर क्यों हुई वो लड़की.?
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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इतनी मज़बूर क्यों हुई वो लड़की.?

Bindash News / 11-06-2022 / 1053


नहीं है कोई बंधन,किसी कास्ट से वो करेगी गठबंधन


आशुतोष रंजन
गढ़वा

टीवी सीरियल के साथ साथ कहानियों में भी हमलोगों ने तो अब तलक यही देखा,पढ़ा और सुना है कि त्रेता युग में राजा जनक द्वारा सीता के विवाह हेतु स्वयंवर आयोजित किया गया था,लेकिन इस गुज़रते कलियुग में स्वयंवर की बात शायद ही किसी ने सुनी होगी,अग़र नहीं सुनने और देखने का मलाल है तो आइए आपको इस ख़ास ख़बर के जरिये बताते हैं कि कहीं दूर देश में नहीं बल्कि अपने राज्य झारखंड में एक लड़की स्वयंवर आयोजित कर रही है।

क्या आप तैयार हैं
:- आख़िर इसका कारण क्या है इससे तो हर कोई अनभिज्ञ है पर इस आशय की चर्चा ज़ोरों से हो रही है कि एक लड़की स्वयंवर करना चाहती है,क्या आप तैयार हैं.?,अग़र आप चाहत रखते हैं तो उक्त लड़की द्वारा बजाप्ते एक इश्तेहार चिपकाया गया है,हम उसकी तस्वीर इस ख़बर में लगाये हैं,उसे सरसरी निग़ाह से नहीं बल्कि पूरा ध्यान लगा कर पढ़ लीजिये,क्योंकि हो सकता है आप अब तलक कुवांरे हों और उसकी शर्तें आपको जंच रही हों,तो फ़िर क्या है,संपर्क साधिए और तैयारी कीजिये।

किसी कास्ट से करेगी वो गठबंधन:- नहीं है कोई जातिबंधन,किसी कास्ट से वो करेगी गठबंधन", आपको यहां बताएं कि त्रेता युग के उस स्वयंवर जैसा आपको धनुष नहीं तोड़ना है,पर इतना ज़रूर है कि अपनी शादी और शादी के बाद विवाहित जिंदगी को ले कर जो भ्रम आपने मन में पाला होगा तो उसे ज़रूर दूर करना है,क्योंकि शर्तों में कुछ ऐसी शर्ते भी हैं जो आपको विचलित करेंगीं,वो कैसे तो आपको बताऊं की हज़ारीबाग जिले के विष्णुपुरी मोहल्ला निवासी एक लड़की द्वारा झंडा चौक स्थित दुर्गा बाड़ी मंदिर के दीवाल पर एक इश्तेहार चिपकाया गया है जिसमें ख़ुद से शादी करने के लिए उसने कुछ शर्तें रखीं हैं,उक्त इश्तेहार में उसने लिखा है कि मैं अपनी शादी के लिए एक लड़के की तलाश कर रही हूं,जो पहले तो लोकल यानी स्थानीय हो,योग्य हो,जिसकी उम्र 30 और 40 के बीच हो,बेंगौली हो तो ठीक नहीं तो कोई जातिबंधन नहीं है,ख़ुद के साथ साथ मेरे परिवार की जिम्मेवारी संभाले,शादी के बाद मन में लालच और बेईमानी ना लावे,और घर जमाई बन कर ही मेरे घर आवे,अग़र किसी को ये सारी शर्ते मंजूर हैं तो बिना एक पल गंवाए आप इश्तेहार में अंकित मोबाइल नंबर पर संपर्क करें और एक निश्चित तिथि और शुभ मुहूर्त तय कर स्वयंवर में शामिल हो वरमाला पहनें और पहनावें।

ज़रूरत है सामाजिक पहल की:
- जहां तक मैं समझ रहा हूं मेरा दावा है कि आप भी जरूर सोच में पड़ गए होंगें आख़िर ऐसा क्या हुआ कि एक लड़की को अपनी शादी के लिए इश्तेहार चिपकाना पड़ रहा है,इश्तेहार को पढ़ कर इतना तो समझ आ रहा है कि उसके सर से पिता का साया उठ गया है,यानी उसकी शादी के लिए एक सुयोग्य वर तलाशने वाले उसके पिताजी अब इस दुनिया में नहीं हैं,लेकिन केवल एक विवशता नहीं बल्कि उसके सामने जरूर कोई और मज़बूरी है जिसके कारण उसे ख़ुद की शादी के लिए इश्तेहार देना पड़ रहा है,ऐसे में ज़रूरत है समाज के पहरुओं को आगे आ कर सामाजिक पहल करने की ताक़ि इस लड़की की शादी हो सके।

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