Bindash News || "विवाद" की जद्द में "जिला परिषद"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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"विवाद" की जद्द में "जिला परिषद"

Bindash News / 07-10-2018 / 1317


राजा को मालूम नहीं,लोग बांटने लगे गांव:रेखा
मेरी हुई है ताजपोशी,हूं मैं ही राजा:विकास
 
आशुतोष रंजन
गढ़वा
 
एक हो कर कार्य कर जिले को विकास के पथ पर अग्रसर करने का संकल्प लेने वाला जिला परिषद अब विवाद की जद्द में आ गया है,आख़िर क्या है कारण जानने के लिए पढ़िए यह रिपोर्ट
 
बैठक बना मुद्दा विवाद का:- जिला परिषद के अधीन आने वाले जिला स्तरीय विभागों के कार्यों की समीक्षा के लिए बैठकें आयोजित की जाती हैं,आप खुद तस्वीरों के जरिये देख सकते हैं कि परिषद भवन के सभागार में एक बैठक चल रही है,बस यही बैठक विवाद का कारण बन गया,हुआ यूं कि उक्त बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद के अध्यक्ष विकास कुमार द्वारा किया जाने लगा,जबकि उपाध्यक्ष ने रेखा चौबे ने सीधे रूप में आरोप लगाते हुए उक्त बैठक का बहिष्कार कर दिया कि नियमतः बैठक उनकी अध्यक्षता में होनी है तो अध्यक्ष कौन होते हैं बैठक आहूत करने वाले,साथ ही उनके द्वारा कहा गया कि जहां एक तरफ नियम के अनुसार उक्त विभागों क्रमशः शिक्षा,स्वास्थ्य और समाज कल्याण की समीक्षा करने के लिए जिला परिषद के अध्यक्ष अहर्ता नहीं रखते हैं तो वो फिर कौन होते हैं बैठक लेने वाले,आक्रोशित उपाध्यक्ष द्वारा कार्रवाई के बाबत उपायुक्त सहित सरकार को लिखने के साथ साथ व्यंग्यात्मक लहज़े में कहा गया कि राजा को मालूम नहीं,लोग बांटने लगे गांव।
 
हूं मैं ही राजा:- उधर बैठक आहूत कर एक एक कर विभागों के कार्यों की समीक्षा कर रहे जिला परिषद अध्यक्ष इस बात के लिए तनिक भी तनाव में नहीं दिखे की उपाध्यक्ष बैठक में नहीं हैं,और उनके द्वारा बैठक का बहिष्कार कर दिया गया है,क्योंकि अध्यक्ष विकास कुमार ने सीधे शब्दों में कहा कि मैं ही बैठक ले सकता हूं,क्योंकि उसकी अहर्ता मैं रखता हूं,साथ ही कहा कि जब जनता ने मेरी ताजपोशी की है तो राजा तो मैं ही हुआ न।
 
अब से रहेगी हमारी नज़र:- उधर बैठक में सचिव के हैसियत से मौजूद उप विकास आयुक्त नमन प्रियेश लकड़ा से जब विवाद के बाबत पूछा गया तो वो अपने गोलमोल जवाब के जरिये मामले को पैचअप करते नजर आए,लेकिन उनके द्वारा इतना जरूर कहा गया कि आगे से जो बैठकें आयोजित होंगी उसमें सबको सूचना के मद्देनजर बारीकी से नजऱ रखी जायेगी।
 
आपस में समन्वय बना कर नाम के अनुरूप विकास की लंबी रेखा खींचने की जगह विवाद की लक़ीर बढ़ाने में जुटे जिला परिषद के अध्यक्ष विकास और उपाध्यक्ष रेखा को चाहिए कि समय रहते अपने जिला परिषद के जरिये विकास के कई आयाम गढ़ें,ताकि कल जनता के बीच जाने पर सवाल का जवाब देने के बजाए बंगला झांकने की नौबत ना आये ?

 
 

 

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