Bindash News || सोच सरकार का "कंक्रीट" जैसा,पर बन रहा "शौचालय मिट्टी" का
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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सोच सरकार का "कंक्रीट" जैसा,पर बन रहा "शौचालय मिट्टी" का

Bindash News / 02-11-2018 / 945


गढ़वा में बन रहा मिट्टी का शौचालय

 
होगी जांच,और दोषियों पर कार्रवाई:डीडीसी
 
आशुतोष रंजन
 
गढ़वा
 
राज्य में गांव हो या शहर सभी खुले में शौच से मुक्त हों सरकार इस निमित ओडीएफ अभियान चला रही है,लेकिन सरकार की यह सोच कितनी सफलीभूत हो रही है या पुरानी परिपाटी ठेकेदारी प्रथा की भेंट चढ़ रही है,आइये तस्वीर के जरिये देखिये इस ख़ास रिपोर्ट में- 
शौचालय मिट्टी का:- सोच सरकार का कंक्रीट जैसा,पर बन रहा शौचालय मिट्टी का",जी हां यह कोई जुमला नहीं बल्कि एक स्याह सच्चाई है जो गढ़वा में सामने आयी है,जहां शौचालय बना गांव को खुले में शौच मुक्त करने का अभियान बिचौलियागिरी और ठेकेदारी प्रथा की भेंट चढ़ रहा है,हम बात कर रहे हैं गढ़वा जिले के नगर उंटारी अनुमंडल अंतर्गत गरबाँध गांव की जहां आप खुद देखिये कैसे बालू-सीमेंट का उपयोग कर पक्के की जगह मिट्टी का प्रयोग कर शौचालय बनाया जा रहा है,यानी उसे सीधे रूप में मिट्टी का शौचालय कह देने में कोई अतिशयोक्ति नहीं होनी चाहिए,उधर उक्त शौचालय के निर्माण में लगाया जा रहा ईंट भी पूरी तरह घटिया है,ग्रामीण कहते हैं कि वह तो खुले में शौच जाने से अब मुक्ति होने का ख्वाब देख रहे थे पर इस तरह अनियामिततापूर्ण तरीके से बनाया जा रहा मिट्टी का शौचालय हमें बाहर जाने से कितना दिन रोक पायेगा,लेकिन अफसोस हमारी पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है।
 
जब घोरान ही खाने लगे घांस:- किस के भरोसे धरें आस,जब घोरान ही खाने लगे घांस",कहने का मतलब की विकास की अवधारणा के साथ सत्ता का विकेंद्रीकरण कर पंचायत के गठन करने का लाभ लोगों को कितना मिला इसका भी उदाहरण इस ख़बर में देखने को मिल रहा है,क्योंकि जिले के पंचायतों को दी गयी शौचालय निर्माण की ज़िम्मेवारी पंचायतों ने कितनी ईमानदारी से निभायी यह ज्वलंत मामला इस ख़बर में निहित है,जिले को पूर्ण रूपेण ओडीएफ घोषित करने को ले कर जिले की सभी पंचायतों को अपने अपने पंचायतों के गांवों में विभाग से प्राप्त राशि से शौचालय निर्माण कर गांव को ओडीएफ करने का लक्ष्य दिया गया था,लेकिन आज हक़ीक़त पर ग़ौर करें तो पंचायतों के गाँव तो ओडीएफ हुए नहीं लेकिन विभाग से निर्माण योजना की सारे रुपयों की निकासी कर ली गयी,और उक्त शौचालयों का निर्माण किस ईमानदारी से किया जा रहा है आप खुद से वाकिफ हुए ही,उधर इस बाबत पूछे जाने पर मुखिया जी द्वारा अनियमितता की बात को सिरे से नकारा जा रहा है।
जांच करने की बात कह रहे अधिकारी:- हमने दी जानकारी,अब जांच करेंगें अधिकारी,जी हां हमारे द्वारा बताए जाने के बाद जिले के उप विकास आयुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने मामले को गंभीरता से लिया है साथ ही सवाल के जवाब में बरती गयी अनियमितता का ज़िक्र करते हुए तत्काल जांच और दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।
 
एक तरफ खुले में शौच नहीं जाने को जागरूक होते लोग,तो दूसरी मिट्टी का शौचालय बना खुले में शौच को बाहर जाने के लिए मजबूर करता बिचौलियावाद,उधर हर ऐसे मामलों की तरह इस मामले में भी जांच और कार्रवाई की जुमला दुहराते अधिकारी,ऐसे में सवाल उठता है कि कैसे होगा प्रधानमंत्री का वह सपना पूरा जिसमें उन्होंने देखा है कि एक दिन ऐसा हो,की सबके आलय में शौचालय हो।
 
 

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