Bindash News || सच में "अद्भुत" हैं "नंदलाल" कह गयीं "राज्यपाल"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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सच में "अद्भुत" हैं "नंदलाल" कह गयीं "राज्यपाल"

Bindash News / 25-11-2018 / 921


हो गया दो दिनी महोत्सव का आग़ाज़

आशुतोष रंजन
गढ़वा

वंशीधर मंदिर को पर्यटन के विश्व फ़लक पर स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाने वाला वंशीधर महोत्सव का आज आगाज़ हो गया,झारखंड की राज्यपाल ने की राज्यपाल ने की समारोह की शुरुआत,मौके पर ऐसा क्या कहा राज्यपाल ने जो लोगों को आह्लादित कर गया,जानने के लिए पढ़िए यह रिपोर्ट-

देखिये नहीं लग रहा मेरी सफ़लता पर विराम:- लेता हूं हर वक्त भगवान वंशीधर का नाम,देखिये नहीं लग रहा मेरी सफ़लता पर विराम",जी हां कुछ इस पंक्ति के साथ अपने उदबोधन की शुरुआत करने वाले झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने आह्लादित होते हुए और जिक्र करते हुए कहा कि एक दौर वह था जब वह इसी नगर उंटारी अनुमंडल मुख्यालय में एक कर्मचारी हुआ करते थे लेकिन आज भगवान वंशीधर की ही कृपा है की वह इसी नगर उंटारी में आयोजित हो रहे महोत्सव में मंत्री के रूप में मौजूद हैं,साथ ही कहा कि वंशीधर भगवान की महत्ता बहुत है,इनसे जो कोई भी मन्नत मांगता है भगवान उसे पूरा करते हैं।

उनके पाले नहीं आता मृगतृष्णा:-
उधर दिली इक्षा से पिछले साल से समारोह की शुरुआत कराने वाले पलामू सांसद ने कहा की जहां पूजे जाते हों कृष्णा,उनके पाले में नहीं आती मृगतृष्णा",साथ ही कहा कि सांसद बनने के बाद से ही उनकी दिल में यह बात थी कि वंशीधर महोत्सव कराया जाए जो पिछले साल सफ़लीभूत हुआ,और आज दूसरे साल फिर से आयोजन होने से मन बहुत खुश है,साथ ही उनके द्वारा समारोह में शिरकत करने के लिए राज्यपाल को बधाई दिया गया।

सच में अद्भुत हैं नंदलाल:-वंशीधर मंदिर पहुंच भगवान कृष्ण की अलौकिक और अद्वितीय प्रतिमा का दीदार करने और पूजा अर्चना करने के उपरांत समारोह में राज्यपाल ने कहा कि सच में बहुत ही अद्भुत हैं नगर उंटारी में अवस्थित भगवान नंदलाल,कहा कि ऐसी प्रतिमा उन्होंने आज तलक नहीं देखी थी,साथ ही जिला प्रशासन द्वारा गैलरी में गढ़वा जिले के अन्य स्थलों का फोटो का अवलोकन का जिक्र करते हुए कहा कि गढ़वा में पर्यटन की असीम संभावना हैं।

इस सच को झुठलाया नहीं जा सकता कि ऊपरवाले ने प्राकृतिक नजारों से झारखंड को नवाज़ने के साथ साथ खुद से मौजूद रह कर एक अलग पहचान दी है,अब उसे और पहचानित करने का सरकार का यह महोत्सव रूपी निर्णय निश्चित रूप से सराहनीय है,एक तरफ जहां लोग महोत्सव के आयोजन से स्थल की जानकारी से अवगत हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर मौके पर आयोजित हो रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी लुफ़्त उठा रहे हैं।

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