Bindash News || उजड़ने लगा बसा बसाया "आशियाना",कारण बना "नक्सली" बेटे का वापस नहीं आना
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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उजड़ने लगा बसा बसाया "आशियाना",कारण बना "नक्सली" बेटे का वापस नहीं आना

Bindash News / 30-11-2018 / 1009


अब तो कुछ भी नहीं बचेगा शेष,लौट आओ "राजेश":मां

 
 
 
आशुतोष रंजन
 
गढ़वा 
 
 
गढ़वा को पूर्ण रूप से नक्सल मुक्त करने के लिए जारी अनवरत अभियान के साथ साथ नक्सलियों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए गढ़वा एसपी द्वारा एक अनोखी पहल शुरू की गयी है जिसके दूसरी कड़ी में एसपी शिवानी तिवारी एएसपी सदन कुमार के साथ नक्सली राजू भुइयां के घर पहुंची थी जहां उसके परिजनों से मुलाक़ात कर उनका हाल जाना था और उसे वापस बुलाने के साथ साथ हर संभव मदद करने की बात हुई थी,फिर क्या हुआ जानने के लिए पढ़िए यह खास रिपोर्ट-
गवाह बने लवाही:- ना हो ग़लत राह पर आवाजाही,अब गवाह बने लवाही,जी हां इस पंक्ति के साथ लोगों से मुख़ातिब होती हुई एसपी ने कहा था कि ना सरकार और ना ही पुलिस प्रशासन आपसे कुछ नहीं कहेगा,अब तो आपको खुद सोचने की ज़रूरत है कि जो नक्सली दस्ते में गए और जिन्होंने उनका सहयोग किया उन्होंने क्या पाया और क्या खोया,दरअसल उक्त बातें एसपी द्वारा पिछले सत्रह सितंबर को डंडई थाना क्षेत्र के लवाही गांव में कही गयी,थी,क्योंकि वो वहां नक्सली राजू भुइयां के परिजनों से मिलने पहुंची थीं,वहां पहुंच एसपी द्वारा परिजनों के साथ साथ ग्रामीणों को भी नक्सल उन्मूलन अभियान के बाबत जानकारी देने के अलावे सरेंडर नीति के विषय में सारी जानकारी दी गयी थी,इसके साथ ही एसपी ने कहा था कि पूर्व में जो हुआ सो हुआ,पर अब ना हो उनका आवाजाही,इस काम का गवाह बने लवाही।
 
हैं आपके हम साथ:- नक्सली राजू भुइयां के परिजनों से बात करने और उनके हालात को दिली संज़ीदगी से महसूस करने के उपरांत एसपी ने कहा था कि ना समझें आप खुद को अनाथ,हैं आपके हम साथ,साथ ही कहा था कि आप जब खुद से अहसास कर रहे हैं कि परिवार के सदस्य का रास्ता भटकने के कारण आज परिवार की गाड़ी पटरी से पूरी तरह उतर चुकी है,इसलिए अभी भी वक्त है आप अपने राजू तक अपने हालात की जानकारी पहुंचाने के साथ साथ हमारा संदेश भी पहुंचाएं की उसके लिए सरेंडर पॉलिसि नाम का एक बेहतर भविष्य उसकी राह निहार रहा है,इसलिए वो संगठन छोड़ कर मुख्य राह का हमराह बने ताकि खुद के साथ साथ परिवारवालों की ज़िंदगी भी महफ़ूज रह सके।
 
कारण बना बेटे का घर नहीं आना:- उजड़ने लगा बसा बसाया आशियाना,कारण बना बेटे का घर नहीं आना,जी हां दो माह पहले एसपी द्वारा लाख समझाए और सारे रास्ते सुझाये जाने के बाद भी नक्सली राजू भुइयां संगठन छोड़ कर मुख्य राह को नहीं लौटा,नतीज़तन पुलिस द्वारा कार्रवाई शुरू कर दी गयी,पहली कड़ी में राजू के घर की कुर्की की गयी,घर के दरवाजे खिड़की के और छप्पर उखाड़े जाने के साथ साथ घर के सारे सामान को जब्त कर लिया गया।
लौट आओ राजेश:- अब तो कुछ भी नहीं बचेगा शेष,लौट आओ राजेश",कुछ इसी पंक्ति के साथ एक कसक भरे लहजे में राजेश उर्फ राजू भुइयां की मां ने कहा कि कितना बढ़िया मैडम द्वारा समझाया और बताया गया था,उस तक तो बात जरूर पहुंची होगी,काश वह समझ पाता तो आज पूरे परिवार को घर रहते हुए बेघर नहीं होना पड़ता,साथ ही बिलखते हुए कहा कि किसी का बेटा मां बाप और परिवार को एक बेहतर जिंदगी दे रहा है और आज हमारा बेटा हमें यह कैसी जिंदगी नसीब करा रहा है,आज उसके गलत राह छोड़ कर सही रास्ते पर नहीं आने के कारण हुई पुलिसिया कार्रवाई से हम सभी पूरी तरह रोड पर आ गए और यह सब हुआ मात्र अपने बेटे के कारण,इसलिए अभी भी वक्त है वापस लौट आओ राजेश,नहीं तो अब केवल नाम रह जायेगा शेष।
 

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