Bindash News || विकास से हो रहा "पुरनूर", झारखंड का "भवनाथपुर"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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विकास से हो रहा "पुरनूर", झारखंड का "भवनाथपुर"

Bindash News / 07-12-2018 / 1677


"तारा" को "विधायक" ने दिया मुआवज़ा" का सहारा
मोर्चा ऐसी है पार्टी जो बदल रही पुरानी परिपाटी:भानु

आशुतोष रंजन
गढ़वा

अंधेरे को मिटाना है हमें,उजाले की ओर बढ़ना है हमें, इंतजार नहीं किसी मसीहा की,भाग्य क्षेत्र का खुद गढ़ना है हमें",जी हां उक्त पंक्ति को दिल में आत्मसात कर दशकों से पिछड़े इलाके की सूरत बदलने में जुटा है एक शख़्स,उस नाम से आप भी बखूबी परिचित होंगें,नहीं हैं तो आइए आपको बता दें उनका नाम है भानु प्रताप शाही जो भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक भी हैं,तो आइए इस खबर के जरिये जानिए किस तरह स्याह अंधेरे को दूर कर वह ला रहे विकास का नया उजाला।

विकास पा रहा मक़ाम:- बना पहला पायदान,देखिये विकास पा रहा मक़ाम,जी हां सड़क को विकास का पहला पायदान कहा जाता है,और आपको बताएं कि भानु के विधायक बनने से पूर्व पूरी तरह बदहाल था भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र,विधायक ने उसे चुनौती के रूप में लिया,और जुट गए बिगड़े सूरत को बनाने में,सबसे पहले विकास के पहले पायदान को सुधारा यानी लोगों को पंगडंडी से निजात दिलायी और सड़क का निर्माण कराया,आज आलम है कि उसी सड़क से अन्य सारी विकास योजनाएं क्षेत्र में तेजी से पहुंच रहा है।

हो रहा रौशनी से पुरनूर:- सालों का अंधेरा हुआ दूर,इलाका हो रहा रौशनी से पुरनूर",जी हां बीसवीं इक्कीसवीं सदी में भी घुप अंधेरे में ढिबरी की रौशनी में उजाला ढूंढने वाले भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने ख़्वाब में भी यह नहीं सोचा था कि बिजली के बल्ब हमारे यहां भी टीमटिमायेंगें,लेकिन उसी रौशनी की राह ताकते बचपन से युवावस्था में पहुंचे और विधायक बने भानु ने बिजली को विकास की पहली प्राथमिकता दी और तन्मयता के साथ जुट गए,जिसका परिणाम हुआ कि कल का अंधेरा भवनाथपुर क्षेत्र आज बिजली की रौशनी से पुरनूर हो रहा है।

अब मिलने लगा सूखते हलक को पानी:- पूरी हुई अधूरी प्यास की कहानी,अब मिलने लगा सूखते हलक को पानी,संख्या के अनुसार राज्य का 81 वां विधानसभा क्षेत्र भवनाथपुर के लोगों से पीने का साफ पानी भी 81 कोस दूर था,लोग कुआं,नदी और नाला के गंदा पानी से किसी तरह प्यास बुझाते थे,यह विकट समस्या दूर हो इसकी कालांतर से लोग राह ताक रहे थे,क्षेत्र में आने वाले हर राजनेता के साथ साथ प्रशासनिक अधिकारी से साफ पानी का लोग गुहार लगा रहे थे लेकिन सुनवाई शून्य थी,पर जैसे ही उनका बेटा विधायक बना यानी भानु के विधायक बनते ही लोगों के बुझे आंखों में उम्मीद की किरण जग उठी,उधर विधायक भानु द्वारा भी उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास शुरू किया गया,जिसका फलाफ़ल सामने आया और लोगों के सूखते हलक साफ पानी से तर ही नहीं बल्कि उनकी अधूरी प्यास भी पूरी हो गयी।

बजंर खेत से उपजने लगा सोना:- काम कर गया बेटे का विधायक होना,बजंर खेत उपजने लगा सोना",जी हां खेत उपजाऊ होने के बावजूद सिचाई साधन के बिना वो बजंर पड़े हुए थे लोग सिचाई सुविधा जल्द मिल जाने का आश्वासन सुनते सुनते आजिज आ चुके थे,लेकिन उस दर्द पर मरहम लगाने का काम किया विधायक बने इलाके के बेटे ने,यानी सिचाई की समस्या को संजीदगी से महसूस करते हुए भानु ने सरकार से ले कर सरकारी तक अथक प्रयास कर के जहां एक तरफ दशकों पुराने जर्जर हो कर पूरी तरह मृत हो चुके छोटे से ले कर बड़े बड़े जलाशयों को पुनर्जीवित करते हुए उसे उपयोग लायक बनाया वहीं कई नयी योजनाओं को अमलीजामा पहनाया,जिसका परिणाम है कि आज बजंर पड़े खेत सिंचित हो कर उपज के रूप में सोना उगल रहे हैं।

क्योंकि बदल गया उनका शिक्षण संस्थान:- बच्चे पा रहे पढ़ायी में ऊंचा स्थान,क्योंकि बदल गया उनका शिक्षण संस्थान",अपने क्षेत्र को हर दृष्टिकोण से विकसित करने में प्रयासरत विधायक द्वारा शिक्षा के मामले में भी विशेष तौर पर ध्यान दिया गया,क्योंकि स्कूल कॉलेज तो कालांतर से विद्यमान था पर सुविधाविहीन था,जहां स्कूल में छोटे बच्चे बोड़ा प्रणाली शिक्षा पा कर मानसिक रूप से कमजोर हो कर उच्च शिक्षा पाने को आगे बढ़ते थे,तो वहां भी उन्हें पर्याप्त सुविधा नहीं मिलती नतीजा होता कि किसी किसी प्रकार पढ़ कर कुछ रोजगार पाने की ओर बढ़ने वाले बच्चे बेरोजगार हो भटकने लगते,लेकिन उस हालात में विधायक द्वारा खासा परिवर्तन किया गया,जहां एक तरफ छोटे बच्चों के स्कूलों में भी बेंच डेस्क की सुविधा दी गयी जिससे उन्हें बोड़ा पर बैठ कर पढ़ने से आजादी मिली,तो दूसरी ओर उच्च विद्यालयों में भी सारी सुविधाएं महफ़ूज करायी गयीं,नतीजा हुआ कि आज क्षेत्र के बच्चे एक मजबूत शिक्षा पा कर एक मक़ाम हासिल कर रहे हैं।

अपने आवास में करने लगे प्रवास:- पूरी हो गयी घर की आस,अपने आवास में करने लगे प्रवास",राजनीति शुरू करने के साथ ही वक्त आने पर सभी बेघरों को एक अदद घर मुहैया कराने का संकल्प लेने वाले विधायक भानु ने शपथ को पूरा किया,और आज आलम है कि कल तक बेघर रहने वाले मुफ़्लिसि के मारे लोग आज अपने खुद के घर में सुखमय जीवन बसर कर रहे हैं,किसी को इंदिरा आवास,बिरसा आवास तो किसी को पीएम आवास दे कर एक घर होने का ख़्वाब विधायक ने हक़ीकत किया।

जल्द होने लगा राहत का भुगतान:- कुछ मदद पाने के लिए दौड़ दौड़ कर लोगों को नहीं हो रहा थकान,क्योंकि विधायक के प्रयास से जल्द होने लगा राहत का भुगतान",जी हां हम बात कर रहे हैं भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र में होने वाले विभिन्न आपदाओं में जान माल के क्षति की,जो हो जाने के बाद एक अदद मुआवजा के लिए लोगों को महीना से ले कर साल तक सरकारी कार्यालय और बाबुओं की चिरौरी करनी पड़ती थी,फिर भी सुनवाई नहीं होती थी,लेकिन आज विधायक भानु के प्रयास से लोगों को बिना दौड़े उनके हांथों तक राहत और मुआवज़ा पहुंच रहा है,ताज़ा मामले की बात करें तो बिजली करंट से मौत हुए डंडई प्रखंड के रारो गांव निवासी लक्ष्मण विश्वकर्मा की पत्नी तारा कुवंर को आज विधायक द्वारा दो लाख रुपये मुआवज़ा का भुगतान किया गया।

ये रहे मौजूद:- विधायक द्वारा तारा को मुआवज़ा देते वक्त बिजली विभाग के एसडीओ रामाशीष प्रजापति,नवजवान संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष बबलू पटवा,पार्टी के केंद्रीय नेता राजीव रंजन तिवारी,रारो पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि पंकज विश्वकर्मा,झोंतर पंचायत के मुखिया प्रिंस यादव के साथ साथ कन्हैया विश्वकर्मा,बबन पासवान,कमलेश यादव एवं पवन पासवान सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।

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