Bindash News || "विकास" की हो रही खुटागड़ी,गवाह बन रहा गांव "मदगड़ी"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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"विकास" की हो रही खुटागड़ी,गवाह बन रहा गांव "मदगड़ी"

Bindash News / 27-12-2018 / 787


दूर हुआ बारूद का गंध,अब आ रही फूलों की सुगंध"

 
उपायुक्त हर्ष के अभिनव पहल से बड़े हर्षित हैं लोग
 
थे पहले जो ख़ौफ़ज़दा,एसपी शिवानी के प्रयास से जी रहे जीवन अलहदा
 
आशुतोष रंजन
 
गढ़वा
 
विकास की हो रही खुटागड़ी,गवाह बन रहा गांव मदगड़ी,जी हां यह कोई जुमला नहीं बल्कि सरकार के निर्देश पर अमल करते हुए गढ़वा जिला प्रशासन द्वारा विकसित किये जा रहे एक गांव की वर्तमान स्थिति को परिलक्षित कर रहा है,तो आइए आपको भी इस खबर के जरिये लिए चलते हैं उस गांव से रूबरू कराने,आप भी जानिए की कौन है वह गांव और किस तरह हो रहा है उसका विकास।
 
अब सुधर रहा है हाल:- थे जो कल फटेहाल और तंगहाल,अब देखिए सुधर रहा है उनका हाल", जी हां गरीबी और लाचारी से बेहाल लोगों के पुरातन हाल को जिसने भी देखा होगा वह अगर वर्तमान में उनके हालात को नजर करे तो वह निश्चित रूप से कह उठेगा की सच में सुधर रहा इनका हाल,कल की बुझी आंखों में एक उम्मीद की चमक बेशक देखी जा सकती है,जो शरीर बेचारगी से कमज़ोर हो गयी थी उसमें एक स्फूर्ति का हुआ संचार बखूबी नजर आ रहा है,इसीलिए तो हर देखने वाला कह रहा है कि देखो मदगड़ी बदल रहा है।
 
अब वो हो रहा विकास से पुरनूर:- जो था हर सुविधा से कोसो दूर,अब वो हो रहा विकास से पुरनूर",जी हां हम यहां बात कर रहे हैं मदगड़ी गांव की जो कल विकास से काफी दूर था,विकास किसे कहते हैं उससे अनभिज्ञ थे,लेकिन सरकार द्वारा मिले निर्देश को आत्मसात करते हुए उसे धरातल पर विकासीय कार्य के रूप में शुरू किए जाने के बाद अब जा कर लोगों ने एक बेहतर जिंदगी का ख्वाब देखना शुरू किया है,आप खुद देखिये जहां एक तरफ पगडंडी अब सड़क का रूप लेने लगा है,वहीं उन्हें ढिबरी युग से बाहर निकालने के लिए बिजली का ताना-बाना भी बुना जा रहा है,उधर जहां कभी झोपड़ी और जर्जर कच्चे मकान दिखते थे अब वहां पक्के आवास नजर आ रहे हैं,अब लोग नदियों में और खेतों में खुले में शौच नहीं जाते क्योंकि उनके यहां शौचालय जो बना दिया गया है,कल प्यास से सूखते हलक को तर करने के लिए जहां के लोग गंदे नाले और नदियों में चुआं का सहारा लेते थे वहां अब पेयजल की बेहतर व्यवस्था कर दी गयी है जिससे लोगों तक साफ पानी पहुंच रहा है,उधर गांव के लोगों के साथ साथ विस्थापित हो कर आ रहे लोगों को ख़रीददारी करने के लिए कहीं बाहर नहीं जाना पड़े इस ख़ातिर गांव में ही बाज़ार शेड का निर्माण कराया जा रहा है ताकि कल को वहां बाजार व्यवस्थित किया जा सके,उधर दूसरी ओर शहीद आदर्श गांव के रूप में विकसित किये जाने के कारण मद्गड़ी गांव के मध्य में दोनो शहीद भाइयों की प्रतिमा स्थापित की गयी है,जिस दिन गांव का पूर्ण रूपेण विकास हो जाएगा उस दिन उक्त प्रतिमा का विधिवत अनावरण होगा और साधारण सा मदगड़ी गांव कहलाने लगेगा शहीद आदर्श गांव।
 
अब आ रही फूलों की सुगंध:- हर वक्त जहां से आती थी बारूद की गंध,आ रही वहां से अब फूलों की सुगंध",विकास किस रूप में और कितनी सजगता से करा रहा गढ़वा जिला प्रशासन इसकी बानगी आपको मदगड़ी गांव में पहुंचने के साथ ही नजर आने लगेगा,अगर आप आंख बंद कर भी उक्त गांव में पहुंचेंगें तो भी आपको अहसास हो जाएगा कि आप मदगड़ी पहुंच चुके हैं,क्योंकि फूलों की सुगंध आपको पहचान करा देगी की वह आप मदगड़ी में हैं,लेकिन आप वहां कुछ देर सोच में पड़ कर और बोल पड़ियेगा की वाकई कितना बदल गया है बेहद नक्सल प्रभावित कहा जाने वाला मदगड़ी गांव, जहां गांव में पहुंचना कौन कहे दूर से ही बारूद की गंध मिलती थी आज उस गांव में चारो ओर फूलों की सुगंध फैली पड़ी है,तो आपको बता दें कि यह सब संभव हो पाया है गढ़वा जिला प्रशासन के अथक प्रयास से,जहां एक तरफ उपायुक्त द्वारा गांव में विकास योजनाएं कार्यान्वित करायी जा रही हैं,वहीं दूसरी ओर एसपी द्वारा गांव में पुलिस पिकेट स्थापित करने के साथ साथ मदगड़ी को पूरी तरह सुरक्षित बना दिया गया है,बस इसी का सुपरिणाम है कि मुरझाने वाले गांव में फूल खिल रहे हैं।
 
बड़े हर्षित हैं लोग:- उपायुक्त हर्ष मंगला के अभिनव प्रयास से बड़े हर्षित हैं लोग",गढ़वा जिला में उपायुक्त के रूप में अपने पदस्थापना के साथ ही मदगड़ी को पूर्ण रूप से विकसित कर एक आदर्श गांव बनाने की दिशा में प्रयासरत डीसी हर्ष मंगला के अभिनव प्रयास का रंग दिखने लगा है,मेरे गांव में भी कभी विकास होगा यह ख़्वाब देखने वालों के आंखों के सामने ही जब उनका सपना पूरा हो रहा है तो वो फुले नहीं समा रहे हैं,पूछे जाने पर बड़े हर्षित अंदाज में ग्रामीण कहते हैं कि विकास तो हमारे लिए पूरी तरह से दिवास्वप्न बन गया था लेकिन प्रशासन के प्रयास से पूरी हो रही है आस,उधर उपायुक्त कहते हैं कि शहीद आदर्श गांव के रूप में मदगड़ी को विकसित किये जाने से संबंधित सभी विकासीय कार्य युद्धस्तर पर किये जा रहे हैं,बहुत जल्द मदगड़ी एक पूर्ण विकसित गांव के रूप में नुमाया होगा।
 
एसपी शिवानी के प्रयास से जी रहे जीवन अलहदा:- रहते थे जो कल ख़ौफ़ज़दा,आज एसपी शिवानी के प्रयास से जी रहे जीवन अलहदा",जी हां गढ़वा जिले से किस तरह नक्सलियों का उन्मूलन हुआ है और दहशतजदा लोग किस तरह भयमुक्त माहौल में जीवन बसर कर रहे हैं इसकी बानगी देखनी हो तो ज़रा मदगड़ी गांव का रुख़ कर लीजिए,जहां लोगों को अपने कामों में रमा हुआ देख कर आप खुद समझ जायेंगे की अब लोग सच में ख़ौफ़ के जद्द से बाहर हैं,यह सब एसपी शिवानी तिवारी के प्रयास से संभव हो पाया है,एसपी कहती हैं कि जहां एक तरफ मदगड़ी को नक्सलियों के ख़ौफ़ से आजाद कराते हुए पूर्ण रूपेण विकसित करने का लक्ष्य है वहीं दूसरी ओर पूरे जिले को नक्सल मुक्त बनाना संकल्प है जिस पर अनवरत कार्य जारी है,बस सबके सहयोग की जरूरत है।
 
कहीं से होंगे विस्थापित,होंगे कहीं पुनर्वासित,जी हां मदगड़ी गांव को विकसित करने के साथ साथ बूढ़ा पहाड़ से लोगों को विस्थापित कर मदगड़ी में पुनर्वासित यानी बसाने का निर्णय निश्चित रूप से सराहनीय है,अब जरूरत है कार्य को तेजी से पूरा करने की ताकि लोगों के आंखों का हसीन ख़्वाब जल्द हक़ीक़त हो सके।

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