Bindash News || "सत्तापक्ष" का करने "अंत",यात्रा पर हैं "हेमंत"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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"सत्तापक्ष" का करने "अंत",यात्रा पर हैं "हेमंत"

Bindash News / 12-01-2019 / 1247


सभी मोर्चे पर फेल,और हर काम में नाकाम,क्यों लेते हो ऐसी सरकार का नाम:हेमंत

 
आशुतोष रंजन
 
गढ़वा
 
"कर के सरकार के कार्यकाल का अंत,मानेगा यह हेमंत",जी हां उक्त अल्फ़ाज़ हमारे नहीं बल्कि उस शख़्स की हैं जो आज पिछले कई माह से पूरे राज्य के यात्रा पर है,हम बात कर रहे हैं विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता,जेएमएम के कार्यकारी अध्यक्ष एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की,जो आज उसी यात्रा के दौरान आज से तीन दिनों के लिए गढ़वा में हैं,यात्रा के शुरुआत में गढ़वा में क्या क्या कहा हेमंत सोरेन ने आइये आपको बताते हैं इस ख़बर के जरिये।
 
सरकार का करने चौथा,शुरू किया यात्रा तीसरा:- अपनी दो यात्रा जिसे संघर्ष यात्रा नाम दिया गया है को समाप्त कर तीसरे यात्रा के साथ हेमंत सोरेन अपने एक बड़े काफ़िले के साथ गढ़वा पहुंचे,जहां जेएमएम के केंद्रीय महासचिव मिथिलेश ठाकुर के नेतृत्व में सैकड़ो मोटरसाइकल सवार युवा कार्यकर्ताओं द्वारा उनकी आगवानी की गयी वहीं ज़ोरदार ढंग से स्वागत भी किया गया,स्वागत से अभिभूत हो हेमंत सोरेन ने कहा कि आप कार्यकर्ताओं के इसी दिली मोहब्ब्त के जरिये और सबों के सहयोग से ही इस सरकार का चौथा करना है तभी तो तीसरी यात्रा ले कर आपके पास पहुंचे हैं।
 
लगाया हेमंत ने चौपाल:- उतारने सरकार का रंगा हुआ खाल,लगाया हेमंत ने चौपाल",आज गढ़वा पहुंचने के बाद और शहर में अवस्थित प्राचीन और महत्ता वाली मां गढ़देवी का आशीर्वाद लेने के उपरांत हेमंत सोरेन द्वारा जिला मुख्यालय के व्यस्तम चौक कहे जाने वाले रंका मोड़ स्थित इंदिरा गांधी पार्क में चौपाल का आयोजन किया गया,जहां उनके द्वारा एक एक कर सरकार की नाकामी गिनायी गयी,साथ ही कहा गया कि यह सरकार उस पुरानी कहानी के मानिंद ओढ़ ली है खाल,जिसे उतारने के लिए आवाम के बीच लगाया जा रहा है यह चौपाल।"
 
क्यों लेते हो ऐसी सरकार का नाम:- सभी मोर्चे पर फेल और है जो हर काम में नाकाम,क्यों लेते हो ऐसी सरकार का नाम",जी हां चौपाल में सबका अभिवादन करने के उपरांत हेमंत सोरेन ने सीधे शब्दों में कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार किसी विषय में पास नहीं बल्कि हर सब्जेक्ट में फेल है,और काम के नाम पर नाकाम है,ऐसे नाकाम सरकार की नाकामी गिनाने और आवाम को सरकार की असलियत बताने की ख़ातिर इस संघर्ष यात्रा की शुरुआत की गयी है,कहा कि राज्य में सत्तासीन भाजपानीत सरकार केवल सरजमीन से दूर हो कर केवल ज़बान से कार्य करने वाली सरकार है।
 
अच्छा नहीं होता खुद से खुद का पीठ थपथपाना:- हेमंत सोरेन ने शायराना अंदाज में कहा कि "बढ़िया होता है दूसरों से शाबाशी पाना,अच्छा नहीं होता खुद से खुद का पीठ थपथपाना",लेकिन यह गूढ़ बात इस अबूझ सरकार के समझ से बाहर है तभी तो आज राज्य का गढ़वा और पलामू जिला सूखाड़,बदहाली ग़रीबी और पलायन का दंश झेल रहा है,लेकिन उसे मंडल से पानी देने का हसीन ख़्वाब दिखाया जा रहा है,बेरोजगार रोजगार की आस में सुदूर प्रदेशों की ख़ाक छान रहे हैं और इधर सरकार एक लाख बेरोजगार युवाओं को रोजगार दे कर खुद का पीठ खुद से थपथपाते नहीं थक रही है।
 
यहां तो चराग ही मयस्सर हैं अपने घर के लिए:- चौपाल में मौजूद गढ़वा के व्यवसाइयों द्वारा अनियमित बिजली की बात कहे जाने पर हेमंत सोरेन ने एक बार फिर सरकार की कार्यशैली पर व्यंग्यात्मक पंक्तियों को शायराना लहज़े में पिरोते हुए कहा कि "रौशनी तो महफ़ूज हैं उनके महलों के लिए,यहां तो चराग ही मयस्सर हैं अपने घर के लिए",साथ ही कहा कि राज्य के वर्तमान हुक्मरान अपने किसी सभा में सैकड़ो नहीं बल्कि हजारों ग्रिड बनाये जाने की जरूर चर्चा करते हैं,लेकिन उस ग्रिड से बिजली कब करेगा सक्सीड इसकी जानकारी उनके द्वारा नहीं दी जाती है,नतीज़ा है कि रौशनी में हैं हुक्मरान,और अंधेरे में है आवाम।
 
वो कर रहे उपलब्धि के चर्चे:- पढ़ायी से वंचित हैं लाखों बच्चे,और वो कर रहे उपलब्धि के चर्चे",जी हां उक्त पंक्ति हेमंत सोरेन द्वारा पारा शिक्षकों के हड़ताल के कारण उत्पन्न समस्या और निरंकुश सरकार के बावत कही गयी,उन्होंने कहा कि आज एक तरफ जहां पारा शिक्षकों के हड़ताल के कारण राज्य के लाखों बच्चे पढ़ायी से वंचित हो गए हैं,वहीं हड़ताल और मुफ़्लिशि हालात के कारण पारा शिक्षक मौत के मुंह मे समाते जा रहे हैं,और उधर सरकार इस ओर से उदासीन हो कर खुद की उपलब्धि गिनाने में व्यस्त है,ऐसी स्थिति में बरबस दिल बोल पड़ता है कि "गिना रहे हो कौन सी सफ़लता,यहां तो हर क़दम है दिख रही है तेरी विफलता।"
 
भूल जाओगे अंक,जब हम बैठाएंगें गणित:- चुनाव की तैयारी में लगने के साथ साथ खुद को फिर से जीती हुई पार्टी बताने वाली वर्तमान सरकार को निशाने पर लेते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि बड़ा हास्यास्पद तब लगता है जब वर्तमान सरकार इस साल यानी 19 में होने वाले चुनाव में खुद को सबसे 20 बता रही है,लेकिन शायद उसे इल्म नहीं है कि "वो भूल जाएगी अंक,जब हम बैठाएंगें गणित",साथ ही साथ कहा कि जिस जनता को वो बेवकूफ़ बना रही है,यह वह पब्लिक है जो सब जानती है।
 
 

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