Bindash News || "हाइवे" पर "हाइवा" लूटने वाले "लुटेरे" गिरफ़्तार
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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"हाइवे" पर "हाइवा" लूटने वाले "लुटेरे" गिरफ़्तार

Bindash News / 23-01-2019 / 2668


झारखंड में करिये गाड़ियों की लूट,बिहार में है ठिकाना लगाने की छूट

 
गढ़वा पुलिस को मिली बड़ी सफ़लता
 
आशुतोष रंजन
 
गढ़वा
 
गढ़वा पुलिस को आज उस वक़्त एक बड़ी सफ़लता हांथ आयी जब चार सड़क लुटेरों को गिरफ़्तार कर लिया गया,क्या लुटा था लुटेरों ने और कैसे संभव हुई गिरफ़्तारी पढ़िए इस रिपोर्ट में।
 
लुटेरे हो गए गिरफ़्तार:-गिरफ़्तारी के लिए बढ़ी पुलिस की रफ़्तार,और फिर हाइवे पर हाइवा लूटने वाले लुटेरे हो गए गिरफ़्तार,जी हां पुलिस गिरफ्त में खड़े ये वही चार सड़क लुटेरे हैं जिनके द्वारा पिछले 12 तारीख को एनएच 75 नेशनल हाइवे सड़क पर गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र में हाइवा गाड़ी को लूटा गया था,उक्त लूटकांड की घटना को अंजाम दे लुटेरों ने गढ़वा पुलिस को चुनौती दे दी थी,इधर पुलिस द्वारा भी चुनौती को स्वीकार करते हुए उनकी गिरफ़्तारी के लिए प्रयास शुरू कर दिया गया,और आज लुटेरों की गिरफ़्तारी कर ली गयी।
 
स्विफ्ट से किया था शिफ्ट:- लुटा था स्कॉर्पियो से और किया था स्विफ़्ट से शिफ़्ट",लगता है आप नहीं समझे,तो आपको बता दें कि हाइवा लूटकांड की घटना को कोई साधारण लुटेरों ने नहीं बल्कि अंतरराजिय लूट करने वाले लुटेरों ने अंजाम दिया था,अब स्कॉर्पियो और स्विफ्ट वाली पहेली समझा दुं,तो इसके बावत बताऊं की हाइवा को लूटने के लिए लुटेरे पैदल और मोटरसाइकल से नहीं बल्कि एक स्कॉर्पियो से आये थे और उसी गाड़ी से हाइवा का रेकी कर उसकी लूट की थी,लूट के बाद उस हाइवा को ठिकाने लगाने तक लुटेरे उस स्कॉर्पियो पर सवार नहीं रहे,कारण की वो पहचाने जाते,इसलिए अंतरराजिय गिरोह वाले दिमाग़ का इस्तेमाल करते हुए लुटेरों ने खुद की गाड़ी बदल डाली,और स्कॉर्पियो को छोड़ स्विफ़्ट कार पर सवार हो गए,फिर उसी स्विफ़्ट कार से लुटेरों ने हाइवा को ठिकाने तक पहुंचाया।
 
बिहार में ठिकाना लगाने के लिए छूट:- झारखंड में करिये लूट,बिहार में है ठिकाना लगाने के लिए छूट",जी बिल्कुल,कौन कहता है बिहार में सुशासन नहीं है,पूरी तरह से है,लेकिन आम आवाम के लिए नहीं बल्कि अपराधियों और लुटेरों के लिए,क्योंकि कल भी उनके लिए बिहार में बहार था और आज भी वही बहार कायम है,अब इसी घटना को लीजिये लुटेरों ने झारखंड के गढ़वा में भले हाइवा लूटकांड को अंजाम दिया,लेकिन उस गाड़ी को वो झारखंड में कहीं ठिकाना नहीं लगा सके क्योंकि उन्हें यहां पुलिस की नज़र में आ जाने का डर था,वो उस लुटे गए हाइवा गाड़ी को ले कर आगे बढ़े और वहीं जा पहुंचे जहां वो कालांतर में भी लूटी गयी गाड़ियों को ले कर जाते रहे थे,यानी लुटेरे गाड़ी को ले कर बिहार में गए और बड़े ही आराम से उसे वहां ठिकाना लगा दिया,इसीलिए कह रहा हूं कि बिहार में सुशासन है।
 
ऐसे संभव हुई गिरफ़्तारी:- लूटकांड की घटना के बाद लुटेरों की गिरफ़्तारी के लिए पुलिस द्वारा प्रयास शुरू किया गया,और आधुनिक पुलिसिकरण को अक्षरसः सिद्ध करते हुए पुलिस ने लुटेरों को गिरफ़्तार कर लिया,जानकारी देते हुए मुख्यालय डीएसपी संदीप गुप्ता ने बताया कि ये लुटेरे पूर्व में भी गाड़ियों के लूट में शामिल रहे हैं,इस कारण इनका आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज था उसी आधार पर इनकी पड़ताल की गयी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर इनकी गिरफ़्तारी कर ली गयी,लुटेरों के पास से लूट के साथ साथ उसे ठिकाना लगाने तक इस्तेमाल की गयी एक स्कॉर्पियो और एक स्विफ़्ट कार को बरामद किया गया,साथ ही डीएसपी ने कहा कि उक्त लूटकांड में इन चारों के अलावा और लोगों की संलिप्तता है,जिनकी गिरफ़्तारी के लिए हमारा प्रयास जारी है।
 
इनकी रही भूमिका:- लूट की घटना के बाद लुटेरों की गिरफ़्तारी के बावत एसपी शिवानी तिवारी द्वारा डीएसपी मुख्यालय संदीप गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था,जिसमें पुलिस निरीक्षक संदीप रंजन और मेराल थाना प्रभारी गुप्तेश्वर तिवारी भी शामिल थे,जिनके प्रयास से लुटेरों को गिरफ़्तार कर लिया गया।

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