Bindash News || Bindash news की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट,बड़ा "नक्सली" कमांडर हुआ "गिरफ़्तार"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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Bindash news की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट,बड़ा "नक्सली" कमांडर हुआ "गिरफ़्तार"

Bindash News / 05-02-2019 / 786


पुलिस उगलवाने में जुटी आज,उस नक्सली से कई राज

 
आशुतोष रंजन
 
गढ़वा
 
पूरे झारखंड राज्य के साथ साथ पलामू प्रमंडल के तीनों जिले गढ़वा,पलामू और लातेहार से नक्सलियों का पूर्ण उन्मूलन करने में जुटी पुलिस और सीआरपीएफ ने उस वक्त एक बड़ी सफलता हासिल कर ली जब एक बड़ा नक्सली कमांडर गिरफ़्तार हो गया,कौन है वह नक्सली जानने के लिए पढ़िए यह रिपोर्ट।
 
क्योंकि गिरफ़्तार हो गया दशरथ:- अब माओवादी पूरा नहीं कर पायेंगें संगठन विस्तार का शपथ,क्योंकि गिरफ़्तार जो हो गया दशरथ",जी हां आज पुलिस और सीआरपीएफ़ के संयुक्त प्रयास से माओवादी सब जोनल कमांडर दशरथ को गिरफ़्तार कर लिया गता,आपको बताएं कि पिछले साल नक्सल प्रभावित भंडरिया क्षेत्र के खपरी महुआ स्थान पर हुए बारूदी सुरंग बिस्फोट जिसमे छह पुलिस जवान शहीद हुए थे उक्त घटना का मुख्य सूत्रधार दशरथ ही था,साथ ही बूढ़ा पहाड़ पर रह कर इसके द्वारा नक्सली घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा था।
 
की टूट गयी जुड़ने से पहले ही कड़ी:- लगी ऐसे मौके पर हंथकड़ी,की टूट गयी जुड़ने से पहले ही कड़ी",जी हां पहाड़ पर रह कर रणनीति बनाने के साथ साथ जहां उसे अमलीजामा पहना रहा था,वहीं इधर दशरथ संगठन विस्तार में भी रत था,इसके द्वारा जहां एक तरफ प्रभावित इलाकों के गांव में लोगों के पास संदेश भेजवाया जा रहा था कि वो अपने बच्चों को संगठन में शामिल होने को भेजें,साथ ही दूसरी ओर पुलिस से अपने आप बचते बचाते वह गांव में खुद भी पहुंच रहा था और लोगों को बहकाने और बरगलाने की कोशिश कर रहा था ताकि लोग अपने बच्चों को हमें दे दें जिससे संगठन का बुझता चराग एक बार फिर से रौशन हो जाये,लेकिन उसको गिरफ्त में लेने के फ़िराक में लगी पुलिस और सीआरपीएफ को आज सफ़लता मिली और दशरथ गिरफ़्तार हो गया।
 
इनकी रही अहम भूमिका:- माओवादी कमांडर दशरथ के गिरफ़्तारी के बावत गढ़वा एसपी शिवानी तिवारी ने बताया कि इसके गिरफ़्तारी में गढ़वा पुलिस तो साथ थी ही लेकिन सबसे अहम और महत्वपूर्ण भूमिका लातेहार पुलिस और सीआरपीएफ की रही,इन्हीं के प्रयास से दशरथ को सफ़लता पूर्वक गिरफ़्तार कर लिया गया,साथ ही एसपी ने बताया कि ऐसे तो लगातार गिरफ़्तारी से संगठन कमज़ोर होने के साथ साथ टूट कर बिखर ही रहा है लेकिन दशरथ की गिरफ़्तारी माओवादी संगठन के लिए एक ऐसा झटका है जिससे शायद ही संगठन उबर पाए,इसलिए एक बार फिर से उसी बात को दुहराना चाहेंगें की अभी भी वक्त है सरेंडर नीति के तहत मिलने वाले लाभ को नजर करते हुए मुख्य राह के हमराह बनें और खुद के साथ साथ अपने परिवार को एक बेहतर ज़िंदगी दें।
 
 

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