Bindash News || धरि रह गयी सारी "आस",नहीं आये "रघुवर दास"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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धरि रह गयी सारी "आस",नहीं आये "रघुवर दास"

Bindash News / 28-02-2019 / 662


था बेटी का ब्याह,नहीं करना चाहिए था राजनीति का निर्वाह
 
आशुतोष रंजन 
गढ़वा
 
चलो विधायक बुलाये हैं,सीएम आने वाले हैं,जी हां ऐसा कहते हुए जहां एक तरफ सैकड़ो की संख्या में हुजूम कार्यक्रम स्थल पहुंचा था वहीं सैकड़ो लोग अभी रास्ते में तेज चाल से चलते हुए पहुंचना चाह रहे थे क्योंकि उन्हें विधायक द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पहुंचने के साथ साथ उसमें आने वाले सीएम को देखना और उनकी बातों को सुनना था,लेकिन उन्हें एकाएक सूचना मिलती है कि अब सीएम नहीं आयेंगें,अचानक खबर मिलने से घंटों से चेहरे पर छिटकती खुशी काफ़ूर हो गयी और वो निराश और मायुष हो गए,कहां आयोजित था कार्यक्रम,जहां आना था सीएम को जानने के लिए पढ़िए bindash news की यह ख़ास रिपोर्ट-
 
नहीं आये रघुवर दास:- धरि रह गयी सारी आस,नहीं आये रघुवर दास",आम की बात कौन करे ख़ास की भी सारी आस तब धरि की धरी रह गयी जब पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के बाद भी झारखंड के सीएम रघुवर दास कार्यक्रम में नहीं आये,आपको यहां बताएं कि भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक भानु प्रताप शाही द्वारा अपनी पार्टी नवजवान संघर्ष मोर्चा के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 51 ग़रीब असहाय बेटियों की सामूहिक शादी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास सहित कई मंत्रियों को आमंत्रित किया गया था,सभी के द्वारा आने की हामी भी भरी गयी थी,इधर जहां एक तरफ आयोजन की तैयारी की गयी थी वहीं दूसरी ओर सीएम के आगमन को ले कर भी हेलीपैड सहित सभी तरह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका था,उधर क्षेत्र सहित पूरे जिले के लिए कई मांगों को आवाम की मौजूदगी में सीएम के सामने रखने की आस विधायक ने दिल में संजोए रखा था वहीं कार्यक्रम में पहुंची पब्लिक द्वारा भी सीएम को सुनने का आस धरा गया था,लेकिन सीएम का नहीं आना उन्हें उदास और मायुष कर गया,आम से ले कर खास सबकी आस धरि की धरी रह गयी।
 
नहीं करना चाहिए था राजनीति का निर्वाह:- था बेटियों का ब्याह,नहीं करना चाहिए था राजनीति का निर्वाह",कुछ ऐसी ही पंक्तियों के साथ कार्यक्रम स्थल पर मौजूद आम  से ले कर ख़ास तक यही प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे कि विधायक भानु द्वारा किसी योजना का शिलान्यास और उदघाटन का कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया था बल्कि ग़रीब,अनाथ,असहाय और लाचार बेटियों की करायी जा रही सामूहिक शादी समारोह में उन्हें आमंत्रित किया गया था,जहां सभी 51 वर वधु सीएम के हांथों आशीर्वाद पाने को लालायित थे लेकिन उनका नहीं आना उनके दिल को गहरा चोट दे गया,विधायक तो अभी कुछ नहीं कह रहे लेकिन उनके कुछ ख़ास लोगों ने सीधे रूप में यहां तक कह दिया कि हमारे विधायक जी द्वारा किये गए कई अहसान का बढ़िया सिला दिया है सीएम ने,लोगों ने कहा कि वर्तमान सरकार चलाने सहित कई मौकों पर विधायक ने सीएम की साख़ बचायी लेकिन आज उन सभी अहसानों को मुख्यमंत्री भूल गए,अंत में कहा कि यहां तो था बेटियों का ब्याह,नहीं करना चाहिए था सीएम को राजनीति का निर्वाह ?
 
एक चर्चा यह भी:- विधायक भानु के बुलावे को स्वीकार करने के बाद भी सीएम का कार्यक्रम में नहीं आना कई तरह के चर्चाओं को जन्म दे दिया है,जहां एक तरफ अप्रत्यक्ष कौन कहे प्रत्यक्ष रूप से विधायक भानु द्वारा सीएम को साथ देने के बाद भी बने रिश्ते में अचानक कैसे दरार आ गयी,जहां एक तरफ ऐसी चर्चाएं भी हो रही हैं वहीं दूसरी ओर भानु के प्रतिद्वंदी एवं भवनाथपुर से पूर्व विधायक सह भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनंत प्रताप देव को ले कर भी एक चर्चा हो रही है कि क्या चुनाव के पूर्व ही वो वर्तमान विधायक पर भारी पड़ गए,क्या उनके द्वारा रोके जाने के कारण ही सीएम नहीं आये,ऐसी कई चर्चाएं क्षण प्रतिक्षण इलाके में बलवती हो रही हैं,लेकिन अभी तक ना तो वर्तमान और ना ही पूर्व किसी जनप्रतिनिधि यानी भानु और अनंत प्रताप देव के तरफ से इस विषय पर कुछ बयान जारी नहीं किया गया है।

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