Bindash News || जब हुए साथ, तो ये क्या बोल गए "विष्णु" और "गिरिनाथ"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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जब हुए साथ, तो ये क्या बोल गए "विष्णु" और "गिरिनाथ"

Bindash News / 15-04-2019 / 2438


इसे कहते हैं वक्त का तक़ाज़ा

 
आशुतोष रंजन
गढ़वा
 
कहा गया है कि राजनीति में कोई किसी का स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता,तभी तो कल एक दूसरे को ना सुहाने वाले दो दलों के राजनेता जब एक के होते हैं तो कैसे उनके सुर से सुर मिलते हैं,कुछ ऐसा ही देखने को मिला झारखंड के गढ़वा में जब दो राजनेता एक दूसरे की दिल से प्रसंशा करते नजर आए,कौन कौन थे वो दो राजनेता और दोनो ने क्या कहा पढ़िए इस ख़ास रिपोर्ट में।

यहां दर्ज़ होगा विष्णु का नाम:- आएगा ऐसा परिणाम की यहां दर्ज़ होगा विष्णु का नाम",जी हां राजद छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद गढ़वा पहुंचे पूर्व मंत्री गिरिनाथ सिंह द्वारा अपने आवास पर कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया,जहां एक तरफ गिरिनाथ सिंह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि इतने दिनों तक तो भटक रहा था लेकिन अब जा कर सही ठौर मिला,कहा कि हम ही नहीं आप सभी इससे वाकिफ़ हैं कि जो देश साल 14 से पहले काफी पिछड़ा हुआ था आज वही हमारा देश विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर होते हुए दुनिया के विकासशील देशों की श्रेणी में आ खड़ा हुआ है,और यह सब संभव हुआ है अपने देश के पीएम मोदी जी के विकसित सोच से,बस इसीलिए भाजपा को वोट देना जरूरी है,वहीं दूसरी ओर सम्मेलन में मुख्य रूप से मौजूद पार्टी प्रत्याशी बिडी राम को एक सफल सांसद बताते हुए कहा कि इनके द्वारा पूरे लोकसभा क्षेत्र में विकास की एक ना मिटने वाली लक़ीर खींची गयी है,बस इनके कृतित्व को नज़र करते हुए आप इन्हें इतना ज़्यादा वोट दें कि इनका नाम रामविलास पासवान जैसा गिनीज बुक में दर्ज़ हो जाये।
 
पद से ज़्यादा कद से बड़े हैं गिरिनाथ:- उधर निवर्तमान पलामू सांसद सह वर्तमान भाजपा प्रत्याशी बिडी राम ने कहा की बाहरी शक्तियों से एक बड़ी ताकत के साथ लड़ने और भारत को एक पूर्ण विकसित देश बनाने के लिए नरेंद्र मोदी को एक बार फिर से  प्रधानमंत्री बनाना बेहद जरूरी है,साथ ही गिरिनाथ सिंह के विषय में बोलते हुए कहा कि ये पद से नहीं बल्कि कद से बहुत बड़े राजनेता हैं,इनका हैसियत राजनीति में बहुत ऊंचा है,कहा कि इनका भाजपा में आना पार्टी के लिए बहुत ही लाभदायक सिद्ध होने वाला है।
 
इसे कहते हैं वक्त का तक़ाज़ा,क्योंकि जबान वही रहता है पर बोल बदल जाते हैं,अब यहीं देखिये कल तक विपक्ष में रह कर सत्तापक्ष पर ज़बानी हमला करने वाले गिरिनाथ सिंह और वक्त बे वक्त उसका सैद्धांतिक जवाब देने वाले विष्णु दयाल राम इन दोनों के जबान अब एक हो गए हैं और वो एक सुर से बस यही गुनगुना रहे हैं कि "चुनाव की ये जंग,जीत लेंगें हम,साथी गर तेरा साथ हो",लेकिन अब यह साथ क्या परिणाम लाता है यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।

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