Bindash News || एक "भाई" ऐसा भी
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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एक "भाई" ऐसा भी

Bindash News / 04-06-2019 / 2188


अभिमन्यु का शादी आयोजन

आशुतोष रंजन
गढ़वा

वर्तमान गुजरते वक्त में लोग अमीर लड़की का शौहर बनने की चाहत रखते हैं लेकिन कोई ग़रीब लडक़ी का भाई बनना नहीं चाहता लेकिन दरकते रिश्तों के इस दुनिया में एक भाई ऐसा भी है जो एक नहीं बल्कि कई बहनों का भाई बना है कौन है वह जानने के लिए पढ़िए यह रिपोर्ट-

एक भाई ऐसा भी:- वह खास है फिर भी आम है,वह जिम्मेवारियों से बेफुरसत है फिर भी उसे फुरसत है,वह कई कार्यों को ले कर चिंतित रहता है लेकिन उसे तो फ़िक्र सालती है बस एक कि कैसे होगी उसके बहनों की शादी,वह खुद से उनके लिए रिश्ता ढूंढता है,तय करता है,फिर जुट जाता है शादी की तैयारी में,क्योंकि उसे एक दो नहीं बल्कि कई बहनों की शादी एक साथ जो करानी होती है,कौन है वह भाई इसे जानने के लिए आपकी भी बेचैनी बढ़ रही होगी तो अब आइये आपको बता देते हैं,वह भाई है गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र के मोरबे गांव निवासी और विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र से भावी विधायक प्रत्याशी अभिमन्यु सिंह जिसके द्वारा आज 11 असहाय बहनों की सामूहिक शादी करायी गयी।

स्थापित हो रही है परंपरा:- असहाय,लाचार और असमर्थ परिवार से आने वाली बेटियों को अपना बहन बना उनकी शादी कराने की एक परंपरा की शुरुआत आज अभिमन्यु सिंह के द्वारा की गयी,जी हां अपने पिछड़े क्षेत्र को खुद के सामर्थ्य के अनुसार विकसित करने के साथ साथ ग़रीबी के कलंक को धोने के लिहाज़ से झारखंड नवनिर्माण मोर्चा मोर्चा नामक राजनीतिक पार्टी बना संघर्ष कर रहे अभिमन्यु सिंह ने जहां एक तरफ अविकसित विधानसभा क्षेत्र को लोगों के अनुसार और खुद के सामर्थ्य से विकसित कर रहे हैं वहीं अपने इलाके के गरीब असहाय बहनों का भाई बन उनके हांथ भी पीले कर रहे हैं,आपको बताएं कि आज विश्रामपुर में 11 बहनों की सामूहिक शादी करा एक परंपरा को अभिमन्यु ने स्थापित कर दिया।

आज 11 बहनों को उसने किया विदा:- आज के शादी आयोजन को ले कर अभिमन्यु सहित पार्टी के सभी साथी पिछले कई माह से दिन रात जुटे हुए थे,रिश्ता तलाशने के साथ साथ शादी तय करने से ले कर उपहार की सामग्री जुटाने के साथ साथ युद्धस्तर पर जुट कर आज के शादी आयोजन की तैयारी पूर्ण की गयी,आज विश्रामपुर स्थित मैदान में आयोजित कार्यक्रम में अभिमन्यु अपनी पत्नी अंजू सिंह और अपने पार्टी के साथियों के साथ ग्यारह बहनों को डोली में बिठा विदा किया।


बचपन के सपने को साकार किया:- वह कल का महाभारत था और यह आज का भारत है,कल के महाभारत का अभिमन्यु एक अच्छा बेटा और योद्धा साबित हुए थे और आज के भारत का अभिमन्यु एक सुयोग्य बेटा और एक संघर्षशील नेता के साथ एक सहृदय भाई भी साबित हो रहा है,हम बात कर रहे हैं अभिमन्यु सिंह की जिनके द्वारा आज ग्यारह बहनों की सामूहिक शादी करा अपने बचपन के सपने को साकार किया गया,वैवाहिक कार्यक्रम में मौजूद हजारों लोगों को संबोधित करते हुए अभिमन्यु ने कहा कि वह जब छोटे थे तो एक बार एक व्यक्ति को अपनी बेटी की शादी के लिए लोगों के सामने गिड़गिड़ाते और मदद मांगते देखा था,उस वक्त भी उनकी आंखों में आँशु आ गए थे,और उन्होंने घर पर सारी बातें बता उन्हें मदद दिलाई थी,और साथ ही उसी समय यह संकल्प लिया था कि जब अपना समय आएगा तो वह बेटी की शादी के लिए किसी गरीब बाप के आंखों में आँशु नहीं आने देंगें,और अपने सामर्थ्य के अनुसार गरीब की बेटी को अपना बहन बना उनकी शादी करायेंगें,जिसकी शुरुआत आज की गयी,आज ग्यारह जोड़ों की शादी करा एक परंपरा की शुरुआत की गयी,लेकिन अब हर साल संख्या में इज़ाफ़ा होता रहेगा,आपको बताएं कि अपनी बात रखते रखते कई बार बहन के भाई अभिमन्यु को लोगों ने भावुक होने के साथ साथ फफकते देखा।

कल्लू के गाने पर झूमे लोग:- उधर शादी में सांस्कृतिक कार्यक्रम की स्थापित गवईं रिवाज़ का भी अभिमन्यु ने बखूबी निर्वहन किया,लोगों के मनोरंजन के लिए उनके द्वारा प्रख्यात भोजपुरी गायक अरविंद अकेला उर्फ कल्लू को बुलाया गया था जिसके गीतों का दोपहर से देर शाम तक लोग आनंद लेते रहे।

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