Bindash News || "भगवान" जन्म दे तो "ग़रीबी" ना दे
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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"भगवान" जन्म दे तो "ग़रीबी" ना दे

Bindash News / 11-06-2019 / 1438


पलायन ने ली दो की जान


आशुतोष रंजन
गढ़वा

झारखंड का गढ़वा और पलामू वह जिला है जहां बेरोजगारी,बेकारी और भूख के आलम में दो जून की रोटी के लिए युवा प्रतिरोज़ बाहर सुदूर प्रदेशों में पलायन करते हैं,जहां उनके पाले में रोटी कम मौत ज़्यादा आती है,आज फिर पलायन रूपी सुरसा ने दो युवकों को निगल लिया,कहां के थे दोनो युवक और कहां हुई उनकी मौत पढ़िए इस ख़ास रिपोर्ट में।

वह तो रोटी लाने जा रहा था:-किसी भी तरह के रोजगार से दूर अपने झारखंड के बेरोजगार युवक प्रतिरोज़ भारी संख्या में सुदूर प्रदेशों में पलायन करते हैं,उन्हीं के फेहरिस्तों में आज मुन्ना का भी नाम जुड़ा था जो भूख की आतुरता में दो रोटी लाने बाहर प्रदेश जा रहा था,पर उसे इसका तनिक भी इल्म नहीं था कि वह तो अपने गंतव्य तक पहुंच भी नहीं पायेगा क्योंकि उसकी मंजिल तो कहीं और तय है,सो अभी वह अपने घर से कुछ ही दूरी तय कियव था कि वह बहुत दूर चला गया जहां से वह फिर कभी वापस नहीं आएगा,यानी उसकी मौत हो गयी,मौत के बावत बताएं कि पलामू जिले के सबनवा गांव निवासी मुन्ना अपने साथियों के साथ बाहर काम करने जा रहा था,अभी वह शक्तिपुंज एजस्प्रेस से नगर उंटारी स्टेशन से कुछ आगे ही बढ़ा था कि वह ट्रेन से गिर पड़ा और गम्भीर रूप से घायल हो गया,उसके साथियों द्वारा उसे फौरन अनुमंडलीय अस्प्ताल लाया गया लेकिन होनी को तो उसे जिंदा रखने की जगह मारना मंजूर था सो उसकी मौत हो गयी,उसके मौत के बाद रोते बिलखते उसके साथियों द्वारा बस एक ही बात पूछा जा रहा था कि आख़िर इस बेरोजगारी रूपी मौत के मुंह मे हम कब तलक समाते रहेंगें,कोई तो बतावे मेरे घर में रोटी की जगह कब तक अपनों के शव आते रहेंगें।

भगवान जन्म दे तो ग़रीबी ना दे:- ऐसी घटना जब भी मेरे सामने आती है तो मैं बस एक ही बात लिखता हूं कि भगवान या तो जन्म ना दे और अगर दे तो ग़रीबी ना दे क्योंकि जिंदगी दोज़ख से भी बद्तर हो जाती है,हालात यह होती है कि लाख प्रयास के बाद भी गरीबों के खाते में रोटी नहीं बल्कि विवशता,विपदा और अंततः मौत ही आती है,अभी आपने ऊपर में पढ़ा कि एक युवक की मौत रोटी कमाने जाते वक्त मंजिल पर पहुंचने से पहले रास्ते में हो हो गयी,अब आपको दूसरी मौत के बताएं कि यह भी युवक ग़रीबी से बेज़ार खुद के पेट के साथ साथ परिवार पालने के लिए सुदूर प्रदेश में मजदूरी करने गया था,लेकिन उसकी मजदूरी ने उसे जिंदगी से दूर कर दिया,हम बात कर रहे हैं गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड अंतर्गत अधौरा गांव निवासी रविन्द्र कुमार की जिसकी मौत आज उड़ीसा में हो गयी,पत्नी और एक पुत्र के लिए पलायन कर बाहर गया मजदूर रविंद्र आज उनसे बहुत दूर चला गया,अब यहां सवाल उठता है कि उस बेहाल पत्नी और उस नौनिहाल का क्या होगा,कौन बनेगा उनका सहारा और कैसे कटेगी उनकी बाकी जिंदगी यह यक्ष प्रश्न आज सबके जेहन में कौंध रहा है पर जवाब किसी को नहीं सूझ रहा है।

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