Bindash News || आज फिर मिली "बेटी" फेंकी हुई
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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आज फिर मिली "बेटी" फेंकी हुई

Bindash News / 18-07-2019 / 2064


अब माता "कुमाता" होने लगी..
कब तक फेंकी जाती रहेंगीं बेटियां..?


आशुतोष रंजन
गढ़वा

वह बात गुज़रे जमाने की हो गयी जब विपरीत परिस्थिति के बाद भी मां अपने कलेजे के टुकड़े यानी अपने बच्चे को खुद से जुदा नहीं करती थी,लेकिन वर्तमान गुज़रते वक्त में माता कुमाता होने लगी,आज बड़े शहरों और महानगरों में ही नहीं बल्कि गांव देहात में भी अजन्मे बच्चे को गर्भ में मारने के साथ साथ जन्म ले चुके बच्चों को फेंक दिया जा रहा है,आज ताज़ा वाक्या कहां सामने आया पढ़िए यह रिपोर्ट-

पर बेटी की क़िस्मत में था बचना:- मां ने तो फेंका था बेटी को मरने के लिए,पर बेटी की क़िस्मत में था बचना",जी हां आज झारखंड के गढ़वा में एक बार एक मां ने बेटी को जन्मते ही उसे खुद से जुदा करते हुए बाहर खेतों में फेंक दिया,यह ताज़ा वाक्या जिला मुख्यालय से सटे तेनार गांव की है,जहां शाम में खेतों से गुज़र रहे लोगों को बच्चे के रोने की आवाज़ सुनायी,लोग आवाज़ की ओर दौड़ पड़े जब वहां जा कर देखा तो एक बच्ची जिसका जन्म थोड़े देर पहले ही हुआ था और उसे एक छोटे से बोड़े में लपेट कर फेंक दिया गया था,ग्रामीण महिलाओं द्वारा तत्काल उसे उठाया गया और उसकी साफ सफाई की गयी,उधर यह ख़बर तेजी से फ़ैली,जिसने भी सुना वह उसे देखने को पहुंचा,लेकिन सभी के मुंह से एक ही अल्फ़ाज़ निकल रहा था कि अब माता कुमाता होने लगी।

देवी के देश में:- कब तक फेंकी जाती रहेंगीं बेटियां देवी के देश में,दशकों से यह सवाल यक्ष प्रश्न बना हुआ जिसका जवाब आज तलक नहीं ढूंढा जा सका,यह बात निश्चित रूप से सोचने की ज़रूरत है कि हम आप अपने देश को देवी-देवताओं का देश कहते हैं,और साथ ही इस देश में हर बाला देवी की प्रतिमा गाते हुए बेटियों को देवी का रूप मानते हैं,लेकिन क्या इस कलयुग में भी लोगों के ऊपर राक्षसी प्रवृति इतनी हावी हो गयी है कि वो देवी की प्रतिरूप यानी बेटी को एक तरफ जहां जन्म लेने से पहले उसे गर्भ में ही मार रहे हैं वहीं दूसरी ओर कुछ लोग जन्म लेने के बाद भी उसे मरने के लिए निर्दयता पूर्वक खेतों और झाड़ियों में फेंक दे रहे हैं,बस इसीलिए यहां यह कहने को विवश होना पड़ रहा है कि आख़िर कब तक फेंकी जाती रहेंगीं बेटियां ?

"सगी ने तो छोड़ दिया,गैर कोई अपनाएगी,अपनी तो निष्ठुर हुई,अब परायी ही मां कहलाएगी।"

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