Bindash News || कैसे करूं "देवी" की पूजा,"देवता" जो चले गए
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

State

कैसे करूं "देवी" की पूजा,"देवता" जो चले गए

Bindash News / 17-08-2018 / 3073


"एक गांव जो डूबा है शोक में"
आशुतोष रंजन
गढ़वा


कैसे करूं देवी की पूजा,देवता जो चले गए",जी हां यह कोई एक पंक्ति मात्र नहीं बल्कि गढ़वा जिले के नौका गांव की कोरी सच्चाई है जहां वाजपेयी जी के मौत से व्यथित लोगों ने नहीं कि गांव में पूजा,लोगों ने एक स्वर से यही कहा कि चले गए देश के देवता,तो कैसे करूं पूजा देवी का।

क्या जरूरत थी उन्हें बुलाने की :- बढ़िया हो बरसात,अच्छी हो पैदावार,हारी बीमारी दूर हो,गांव में सुख समृद्धि आवे इस लिहाज से हर साल तय तिथि के अनुसार गांव में सामूहिक रूप से देवी की पूजा की जाती है,उक्त पूजा को बड़े ही हर्षित माहौल में करने की तैयारी नौका गांव के लोगों ने कर रखी थी,बस आज पूजा होनी थी,लेकिन एन वक्त पर वाजपेयी जी की मौत की खबर आन पड़ी,फिर क्या था पूरा गांव मर्माहत हो गया,और पूजा को रोक दिया गया,और सबने अश्रुपूरित आंखों से और एक कसक भरे लहजे में उसी देवी माँ से यह कहा कि क्या थी जरूरत अभी उन्हें खुद के पास बुलाने की,अभी तो थी देश को जरूरत उनसे बहुत कुछ पाने की।"

वह तो गांव में भी थे:- कौन कहता है कि वाजपेयी जी दिल्ली में रहा करते थे,पर आज नौका गांव के लोगों की उनके प्रति अगाध श्रद्धा को देख कर इसे झुठलाए जाने में कोई अतिशयोक्ति नहीं होनी चाहिए,क्योंकि जहां लोगों ने उन्हें देवता की तरह मानते हुए आज गांव की देवी की पूजा करने से इनकार कर दिया,लोगों ने कहा कि हम गांव वालों में से कुछ ही लोगों ने उन्हें देखा है,लेकिन उनके व्यक्तित्व और उनके कृतित्व से हमेशा ऐसा अहसास होता रहा कि उनसे हमारी मुलाकात हुई है हमने उन्हें देखा है,अब भला इस तरह के अहसासी दिव्य पुरुष के इस जहां से चले जाने के बाद भी हम शोक संतप्त ना हों तो यह बेमानी नहीं बल्कि उनके प्रति बेईमानी होगी,इसलिए आज सबने एक साथ निर्णय लिया कि देश को एक अनूठा बनाने वाला,सबकी समझ रख सबके बारे में सोचने वाला और सबकी सुनते हुए खुद की इक्षा से सबका हित करने वाला आज हमारे बीच से चला गया इसलिए ऐसे हालात में देवी की पूजा नहीं होगी,और लोग दो मिनट का मौन रखते हुए शोक प्रकट कर मायूस और बोझिल मन से घर को लौट गए।

इनकी रही मौजूदगी:- पूजा नहीं करने का निर्णय और शोक सभा करने वालों में गांव के बैगा गउआँ राजदेव बैठा के साथ साथ इंद्रदेव सिंह प्रधान,कर्मण सिंह देवार,गोपाल कोरवा,भाजपा मंडल अध्यक्ष भूषण सिंह खरवार,योगेंद्र सिंह,मोती बैठा,बैजू कोरवा,विश्वनाथ सिंह एवं राजेन्द्र सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

Total view 3073

RELATED NEWS