Bindash News || "तंत्र" में "अंत"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

State

"तंत्र" में "अंत"

Bindash News / 18-08-2019 / 1002


कैसी जागरूकता जब कोई नहीं है जागरूक


आशुतोष रंजन
गढ़वा

अगर सच में इक्कीसवीं सदी में हमारा समाज भी बसर कर रहा होता तो घटना सत्रहवीं और अठारहवीं सदी वाली नहीं घटती,जी हां हम बात कर रहे हैं झारखंड के गढ़वा जिले में आज तंत्र मंत्र और झाड़फूंक के दरम्यान घटी घटना की,आखिर कौन सी घटना घटी आइये आपको इस रिपोर्ट के जरिये बताते हैं।

तंत्र में अंत:- उसे डॉक्टरी इलाज़ पर यकीन नहीं था क्योंकि वह इस आधुनिक युग मे भी अपने गांव सहित पूरे समाज को बीमार होने पर अस्पताल जाने के बजाए तंत्र मंत्र और झाड़फूंक करने वालों के पास जाते देखा था तभी तो खुद भी बीमार होने पर वह अस्पताल जाने के बजाए ओझा गुनी के पास जाना मुनासिब समझा,उसे विश्वास था कि सबका मर्ज ठीक होता है तो मेरी भी बीमारी का अंत हो जाएगा,लेकिन उसे इस बात का इल्म नहीं था कि अंत तो होगा लेकिन उसकी बीमारी का नहीं बल्कि उसके जीवन का,और हुआ भी वही आपको बताएं कि रमना थाना क्षेत्र का एक परिवार बीमार महिला को ले कर इलाके के सपही गांव में झाड़फूंक करने वाली महिला के पास पहुंचता है,जहां उक्त तंत्र मंत्र करने वाली महिला बीमार महिला का अपने तरह से इलाज करना शुरू करती है इस अवधि में दो तीन दिन गुजर जाता है,परिजनों को लगा कि अब वह ठीक हो जाएगी लेकिन देर रात अचानक बंद कमरे से चीखने की आवाज आने पर जब परिजन कमरे के अंदर पहुंचते हैं तो वहां का दृश्य देख सकते में आ जाते हैं क्योंकि वहां तो उक्त तांत्रिक महिला द्वारा उस बीमार महिला पर त्रिशूल से लगातार वार किया जा रहा था,जब तक लोग उसे बचा पाते तब तक उसने वहीं दम तोड़ दिया,उधर परिजनों द्वाराउक्त तंत्र मंत्र करने वाली महिला को पकड़ पुलिस को सूचना दिया गया,पुलिस मौके पर पहुंच उस महिला को गिरफ्तार कर ली।

जब नहीं है कोई जागरूक
:- कैसी जागरूकता जब नहीं है कोई जागरूक",यहां यह सवाल उठना लाजिमी है कि सरकार द्वारा लगातार लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाते हैं,लेकिन उक्त जागरूकता अभियान किस ईमानदारी और नेक नियति के साथ चलायी जाती है कि अभी भी लोग जागरूक नहीं हो पाए हैं और तंत्र मंत्र के चक्कर में उनकी जान जा रही है।

Total view 1002

RELATED NEWS