Bindash News || "बाबू" ने की थी "अब्बू" की हत्या
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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"बाबू" ने की थी "अब्बू" की हत्या

Bindash News / 25-08-2019 / 2411


पुलिस ने किया हत्याकांड का खुलाशा


आशुतोष रंजन 
गढ़वा
 
पिछले महीने की 23 तारीख़ को गढ़वा जिले में दिन के उजाले में एक व्यक्ति की गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी,उस रोज से ले कर अब तलक उक्त हत्या एक अबूझ पहेली बनी हुई थी कि आख़िर किसने की है हत्या,आपको बताऊं की पुलिस ने हत्याकांड का खुलाशा कर दिया है,तो आइए आप इस खबर के जरिये जानिए की आखिर किसने और किस कारण से की हत्या।
 
बाबू ने की थी अब्बू की हत्या:- शहर थाना के पिपरा गांव निवासी अब्बू खान की हत्याकांड का पुलिस ने आज खुलाशा कर दिया,अब्बू की हत्या कोई और नहीं बल्कि बाबू खान ने की थी,हत्या क्यों कि गयी इस बावत बताऊं की अब्बू कुछ अरसा विदेश में रह कर आया था यानी वहां काम कर लौटा था,उसके बाद वह बेरोजगार युवकों को विदेश में भेज काम दिलाने का सब्ज़बाग दिखा पासपोर्ट बनाने के एवज में मोटी रकम लेने लगा,इसी दरम्यान उसकी मुलाकात बाबू से होती है उसे भी अब्बू द्वारा विदेश भेजने की बात तय होती है,उधर बाबू द्वारा उसे 25 हजार रुपया दिया जाता है,लेकिन केवल विदेश भेजने के नाम पर पैसा उगाही करने वाला अब्बू बाबू को बाहर नहीं भेज पाता है,जिस कारण बाबू उससे दिया हुआ अपना पैसा मांगने लगता है,लेकिन अब्बू उसे पैसा नहीं देता है,अंत में बाबू उसे कहता है कि वह उसे उस पैसे के एवज में एक पिस्तौल और गोली दिला दे जिसे सुन अब्बू उसे हथियार और गोली दिलाने को तैयार हो जाता है।
 
पर अब्बू था उससे अनजान:- बाबू के दिमाग में था कुछ और ही प्लान,पर अब्बू था उससे अनजान",जी हां जहां एक तरफ बाबू द्वारा हथियार देने का सौदा तय होने के बाद अब्बू इस बात से बिल्कुल निश्चिंत हो गया कि अब उसे मात्र हथियार देना है अब 25 हजार रुपया वापस नहीं करना है लेकिन उधर बाबू जो प्लान बना कर तैयार था उसका इल्म अब्बू को नहीं था,अंततः वह हो गया जिसका तनिक भी अंदाजा अब्बू को नहीं था,आपको बताएं कि जो पिस्तौल और गोली अब्बू द्वारा दिया गया गोली पर उसका नाम लिखा हुआ था क्योंकि उसी गोली को उस दिए हुए पिस्तौल में भर कर बाबू ने अब्बू को निशाना बना डाला,यानी उसी पिस्तौल से उसने अब्बू को गोली मार कर हत्या कर दी,तभी हमने कहा कि पैसे के एवज में पिस्तौल मांगने के पीछे बाबू की मंसा उसकी हत्या करने की ही थी जिसे उसने एक योजना के तहत अंजाम दे डाला।
 
गिरफ़्तारी का गवाह बना गांव बाना:- आरोपी को पकड़ने को बुना गया बड़ा ताना बाना,पर गिरफ़्तारी का गवाह बना गांव बाना",आज हत्याकांड का खुलाशा करते हुए एसडीपीओ ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि अब्बू की हत्या के बाद शुरू किए गए अनुसंधान में पुलिस के सामने बाबू खान का नाम सामने आया,पर वह हाथ आने से पहले ही फरार हो चुका था उसे पकड़ने के लिए पुलिस की टीम खुद के जिला के साथ साथ पड़ोसी जिला पलामू और यहां तक कि उड़ीसा को भी खंगाल डाला और लगातार दबिश बनाये रखा गया,उसी दबिश का नतीज़ा हुआ कि वह उड़ीसा से भागकर फिर से गढ़वा पहुंच कर छुप गया,लेकिन उसके छुपने की जगह का पता चला और आरोपी बाबू खान को बाना गांव से गिरफ़्तार कर लिया गया,उसके पास से 315 बोर का एक पिस्तौल,एक जिंदा गोली और एक गोली का खोखा बरामद किया गया।
 
गिरफ़्तारी में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही:- आरोपी बाबू खान को गिरफ्तार करने में पुलिस निरीक्षक सह शहर थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह,पुलिस अवर निरीक्षक श्रवण कुमार,सहायक अवर निरीक्षक अभिमन्यु कुमार सिंह एवं कन्हैया कुमार की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
 
 

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