Bindash News || सब मांग रहे टिकट की भिक्षा, वो कर रहे कार्यों की "समीक्षा"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

Economy

सब मांग रहे टिकट की भिक्षा, वो कर रहे कार्यों की "समीक्षा"

Bindash News / 12-10-2019 / 2057


सब हो जायेंगें खुद ही शेष,कुछ ऐसा कर रहे नरेश


आशुतोष रंजन
गढ़वा

हम आप इससे सर्वविदित हैं कि राजनीति में चिरौरी को महत्वपूर्ण माना जाता है,आप को राजनीति में आगे बढ़ना है या स्थापित होना है तो चिरौरी ही वह एकमात्र रास्ता है जिसके जरिए आप स्थान पा सकते हैं जिसे गुज़रते हुए वर्तमान दौर में लौंबिंग कहा जाता है,इस विषय पर ज्यादा नहीं जाते हुए मुख्य मुद्दा चुनाव पर केंद्रित होते हैं,तो आपको बताऊं की अभी हर चुनाव लड़ने वाला राजनेता राज्य की राजधानी से ले कर देश की राजधानी तक टिकट को ले कर लौंबिंग नहीं बल्कि ठेठ में कहें तो भिक्षाटन किया जा रहा है,पर इन सबसे जुदा एक व्यक्ति ऐसा भी है जो आवाम के लिए बहुत कुछ करने के बाद भी वह खुद को नेता कहलाना पसंद नहीं करता और उस शख्श द्वारा कोई भिक्षा नहीं बल्कि कार्यों की समीक्षा की जा रही है।

 

वो कर रहे कार्यों की समीक्षा:- कौन है वह शख़्श जिसके द्वारा आवाम के लिए अनवरत बहुत कुछ किया जा रहा है इसके बावजूद भी वह नेता नहीं बल्कि समाजसेवी कहलाना पसंद करता है,तो उनके बावत आपको बताऊं की गढ़वा जिले के मझिआंव थाना क्षेत्र निवासी नरेश प्रसाद सिंह द्वारा विगत चार सालों से मझिआंव विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र में वो सारे विकासीय कार्य किये जा रहे हैं जिसे निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा किया जाना था पर अफ़सोस क्षेत्र की जनता उन सभी कार्यों से महरूम थी,आपको बताऊं की कालांतर से ले कर वर्तमान तक इलाके की जनता ने अपने दिन बहुरने की आस ले कर जनप्रतिनिधि तो चुना लेकिन क्या विकास के निमित कोई निधि भी आती है इससे प्रतिनिधियों ने लोगों को अनजान रखा तभी तो इलाके के गांव बुनियादी विकास से मिलों दूर थे,ऐसे में अब यहां सोचने की बात है कि जहां बुनियाद ही नहीं वहां बिकास की बुलंद इमारत की बात करना तो बेमानी ही नहीं बल्कि पूरी तरह बेईमानी है,हां हम यह नहीं कह रहे कि विकास नहीं हुआ बहुत हुआ लेकिन विडंबना इस बात का है कि विकास क्षेत्र का नहीं बल्कि उन जनप्रतिनिधियों का हुआ जिनके हाथों में जनता ने विकास का बागडोर थमाया था लेकिन उस डोर का इस्तेमाल उनके द्वारा अपनी ज़िंदगी के बाग संवारने में किया गया,और इलाके की फुलवारी मुरझाते हुए पूरी तरह से मृतप्राय हो गयी,उस फुलवारी में फूल तब खिलने शुरू हुए जब माली बन कर नरेश प्रसाद ने बाग में पानी देना शुरू किया।

 

 

सबको नसीब हुआ विकास:-इनके द्वारा शुरू किया गया प्रयास,सबको नसीब हुआ विकास",सीधे रूप में आपको बताएं कि खुद को नेता की जगह समाजसेवी कहलाना पसंद करने वाले नरेश सिंह द्वारा अपने निजी राशि से शुरू किए गए विकास कार्यों का परिणाम है कि जहां लोगों को चलने के लिए पगडंडी नसीब थी वहां आज लोग बेहतर सड़क से गुज़रते हैं,जहां उपजाऊ खेत सिचाई सुविधा बिना बजंर पड़े हुए थे आज वहां इनके द्वारा बड़े बड़े डैम बनवा दिया गया जिसका आलम है कि आज वो खेत फसल के रूप में सोना उगल रहे हैं,इस आशय से तो आप बख़ूबी वाक़िफ़ हैं कि सरकारी कंबल उस अनुपात में नहीं आते जिससे सभी ग़रीब असहायों के ठिठुरते देंह ढंक सके,लेकिन उनके दर्द का अहसास नरेश सिंह को हुआ और इनके द्वारा इन गुज़रे वक्त में हर साल जाड़े के मौसम में अब तक लाखों कंबल उन्हें दिया गया जो सरकारी कंबल की आस में ठिठुरते रह जाते थे,सूखाड़,ग़रीबी और बेरोजगारी के आलम में बेटियों की शादी कैसे हो इसकी चिंता गरीबों को हर वक्त सालती रहती है ऐसे में उनके लिए भी दर्द का मरहम बन कर आगे आये नरेश और हजारों बेटियों की शादी में इनके द्वारा आर्थिक सहयोग दिया गया,अल्पसंख्यक विकास की वकालत भी खूब की जाती है लेकिन कई ऐसे मकतब और मदरसे थे जो दिन बहुरने के बाट जोह रहे थे उनकी सुध तब ली गयी जब नरेश सिंह ने उसे नज़र किया जिसका परिणाम हुआ कि आज क्षेत्र में जहां भी लोगों ने चाहा वहां उनके मकतब और मदरसे को पूर्ण कराया गया,कहीं नवनिर्माण भी किया गया,उधर जनप्रतिनिधियों द्वारा खेल को बढ़ावा देने के निमित ज़बानी घोषणा हर बार की जाती है पर वह घोषणा उनके ज़बान से सरजमीन पर कभी नहीं उतरती,पर खिलाड़ियों के इक्छा का भी नरेश सिंह ने मान रखने का काम किया और पूरे विधानसभा क्षेत्र में जहां भी खिलाड़ियों ने खेल मैदान बनाने की मांग की इनके द्वारा मैदान का निर्माण कराया गया जहां आज ग्रामीण युवकों की कल कुंठित हो जाने वाली खेल प्रतिभा निखर रही है,इनके द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों को आम तो सराह ही रहे हैं ख़ास भी यह कहने से नहीं चूक रहे हैं कि ऐसे विरले पुरुष कम ही पैदा होते हैं।

 

पर कर लूं कार्यों की समीक्षा:- अब तो कभी ख़त्म नहीं होगी मन से विकास करने की इक्छा,पर कर लूं कार्यों की समीक्षा",कहा ही गया है कि आप खुद का व्यक्तिगत कार्य करें या सार्वजनिक उसकी समीक्षा जरूर होनी चाहिए जिससे किया गया कार्य कितना उपयोगी सिद्ध हो रहा है और साथ ही आगे और क्या करना जरूरी है इसकी जानकारी होती है तभी तो समाजसेवी नरेश प्रसाद सिंह द्वारा कल समीक्षा सभा का आयोजन किया गया है,पलामू जिले के विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कधवन गांव में कल आयोजित होने वाले समीक्षा बैठक में विधानसभा क्षेत्र के सभी सात प्रखंडों की जनता भाग लेगी जो नरेश सिंह द्वारा अब तलक किये गए कार्यों की समीक्षा करेगी,इस मौके पर आप भी पहुंचे और जानें कि अगर किसी के दिल में कुछ करने की इक्छा बलवती होती है तो वह पद का मोहताज नहीं होता।

 

Total view 2057

RELATED NEWS