Bindash News || कार्यकर्ता लिख रहे "खून से नाम", नेता कर रहे "सलाम"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

Economy

कार्यकर्ता लिख रहे "खून से नाम", नेता कर रहे "सलाम"

Bindash News / 19-11-2019 / 4066


आप वोट दें,खून नहीं:विधायक


आशुतोष रंजन
गढ़वा

राजनीति भी बड़ी अजीब नशा है,जिस तरह लोग नशे की मदहोशी में सबकुछ भूल बैठता है ठीक उसी तरह राजनीति में भी किसी राजनेता को चाहने वाला शख़्श कुछ ऐसा कर बैठता है जो ना तो कहीं से भी उचित होता है और ना ही वह कार्य सराहने योग्य होता है,किसके द्वारा किस राजनेता के लिए कौन सी हरक़त की गयी आइये आपको इस रिपोर्ट के जरिये बताते हैं।

लिख दिया खून से नाम:- जब टेलीफोन और मोबाइल का चलन नहीं था,जब चिट्ठी पत्री का दौर था तो उस दौर में लोग अपने चाहने वाले को खून से चिट्ठी लिखा करते थे ताकि अगले को हमारे दिली चाहत का अहसास हो,कुछ लोग तो उस दौर में भी अपने सीने पर और हाथ पर अपनी चाहत का नाम गुदवा दिया करते थे,लेकिन इस आधुनिक युग में जब लोग एक जगह कौन कहे पूरे देंह में टैटू बनवा रहे हैं,ऐसे वक्त में एक जुनूनी व्यक्ति द्वारा अपने हाथों पर अपनी प्रेमिका का नहीं बल्कि पसंदीदा राजनेता का नाम लिखा गया है,और वह नाम किसी स्याही से नहीं बल्कि ब्लेड के तेज धार से हाथ के कोमल चमड़े को चीरते हुए लिखा गया है,आप तस्वीरों में खुद देख सकते हैं कि किस तरह एक हाथ और भवनाथपुर विधायक भानु प्रताप शाही का नाम लिखा गया है,उसने इस तरह खुद को तकलीफ़ देते हुए नाम लिख कर यह जताने की कोशिश की है कि वह किस हद तक अपने राजनेता भानु को चाहता है।

लेकिन ऐसा करना बिल्कुल ग़लत है:- जब उस शख़्श द्वारा नाम लिखकर उसकी तस्वीर विधायक को भेजी गयी तो फौरन विधायक भानु द्वारा उस तस्वीर को अपने फेसबुक वॉल पर पोस्ट किया गया,जहां उन्होंने लिखा है कि आपके इस दिली चाहत को हम सलाम करते हैं लेकिन ऐसा करना बिल्कुल गलत है,विधायक के कहने का मतलब यही है कि आप मुझे चाहत की हद से ज्यादा चाहते हैं इसका मैं दिल की गहरायी से इस्तकबाल करता हूं लेकिन आपका ऐसा करना कहीं से भी उचित नहीं है क्योंकि मुझे आपका खून नहीं आपका साबुत शरीर चाहिए।

किसी व्यक्ति विशेष के प्रति आपकी दिली आशक्ति हो सकती है,आपका उनसे सहृदय जुड़ाव हो सकता है,आपको वो और सबसे अच्छे लगते हों लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि आप उन्हें साथ,समय और सहयोग देने के बजाए उन्हें खुद की मौजूदगी का अहसास अपने शरीर से खून बहा कर करें यह कहीं से भी उचित नहीं है।

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