Bindash News || राजा का "नगर", अब हो गया "भगवान" का शहर
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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राजा का "नगर", अब हो गया "भगवान" का शहर

Bindash News / 06-09-2018 / 1786


"रघुवर" बने "रहबर"
"विष्णु" ने पेश किया उदाहरण

आशुतोष रंजन
गढ़वा

कल के पिछड़े राज्य को आज झारखंड सरकार उन्नत सोच के बदौलत उन्नति की राह पर अग्रसर कर रही है,विकास के नित नए नए आयाम गढ़ कर एक अमिट इतिहास का सृजन कर रही है,ऐसे ही एक ऐतिहासिक पहल की बात करें तो लोगों की मांग को मानते हुए सरकार ने गढ़वा जिले के नगर उंटारी अनुमंडल मुख्यालय का नाम बदल कर बंशीधर नगर कर दिया,वह अब बंशीधर नगर के नाम से जाना जाएगा।

अब हुआ भगवान का शहर:- कल जो था राजा का नगर,वह हुआ अब भगवान का शहर,जी हां हम बात कर रहे हैं नगर उंटारी की जिसे कल तक नगर गढ़ के रूप में जाना जाता था,लेकिन अब वही नगर उंटारी भगवान के शहर यानी बंशीधर यानी भगवान कृष्ण के शहर के रूप में जाना जाएगा,अब यहां सवाल उठता है कि बंशीधर नाम ही क्यों,तो आइए पहले इसके बाबत आपको बताएं तो नगर उंटारी मुख्यालय में भगवान कृष्ण की अद्वितीय 32 मन ठोस सोने की प्रतिमा अवस्थित है जिसे विश्व की इकलौती प्रतिमा होने का भी गौरव प्राप्त है,जहां उक्त प्रतिमा स्थापित है वहीं कालांतर में एक मंदिर बनाया गया है जिसे बंशीधर मंदिर के नाम से जाना जाता है,उसी मंदिर के नाम से लोग नगर उंटारी का नाम रखने की मांग सालों से करते आ रहे थे,हर वैसे कार्यक्रम जहां इस बात को प्रमुखता से रखी जा सकती थी लोगों ने सबसे पहले अपने इस मांग को प्रमुखता दिया,जिसका नतीज़ा हुआ कि आज उनकी वर्षों की चिरप्रतीक्षित मांग पूरी हुई,हर्षित होते हुए लोग आज सरकार की उन्मुक्त कंठ से सराहना कर रहे हैं।

रघुवर बने रहबर:- नगर उंटारी का नाम बदल कर बंशीधर नगर कर दिया जाए इसकी मांग तो आज सालों से दुहरायी जा रही थी,राज्य में सरकार चाहे जिसकी भी रहे सबसे इस विषय को रखा जा रहा था पर कहते हैं न कि ऐतिहासिक कार्य करने का मौका सभी के हांथ नहीं आता,वह मौका हांथ आया झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास को जिन्होंने जैसे ही इस बाबत सुना तुरंत हां कहते हुए कहा कि इससे बढ़िया और क्या हो सकता है कि चाहे नगर उंटारी के लोग हों या सुदूर जिलों और प्रदेशों के जब यहां का नाम लेंगें तो उनके जबान पर भगवान कृष्ण का नाम आएगा इसलिए इसका नाम बंशीधर नगर होगा,और फिर प्रक्रिया में लाते हुए इसका नामकरण सरकारी दस्तावेजों में हो गया।

विष्णु ने पेश किया उदाहरण:- हर वक्त ज़बान से भगवन नाम का हो उच्चारण,इस निमित विष्णु ने पेश किया नायाब उदाहरण,जी हां हम यहां बात कर रहे हैं पलामू सांसद विष्णु दयाल राम की,जिनके द्वारा लोगों की मांग को प्रमुखता देते हुए और साथ ही खुद से आगे बढ़ते हुए सरकार से नगर उंटारी में बंशीधर महोत्सव आयोजित करने का अनुरोध किया जिसके फलस्वरूप पिछले वर्ष फरवरी माह में महोत्सव आयोजित हुआ और उक्त आयोजन में मुख्यमंत्री ने नगर उंटारी का नाम बदलते हुए बंशीधर नगर करने की घोषणा कर डाली,उस घोषणा के बाद भी कार्रवाई में देर होता देख सांसद द्वारा राज्य से ले कर केंद्र सरकार तक दौड़ लगायी गयी जिसका परिणाम हुआ कि सरकार द्वारा नाम बदले जाने की कार्रवाई पूरी कर दी गयी,और अब नगर उंटारी बंशीधर नगर के नाम से जाना जाएगा।

सच कहा गया है कि कोई भी ऐतिहासिक काम जब होना होता है तो एक बड़ा संयोग जुटता है,अब इसी को आप उदाहरण के रूप में ले लीजिए क्योंकि एक नगर का नाम भगवान कृष्ण के नाम से करने की मांग बहुत दिनों से हो रही थी,लेकिन वह तब संभव हुआ जब अपना सांसद विष्णु और मुख्यमंत्री रघुवर हुए यानी विष्णु और राम ने मिल कर किया बंशीधर नगर का नामकरण।

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