Bindash News || हे भगवान, "मंदिर" में "महापाप"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

Nation

हे भगवान, "मंदिर" में "महापाप"

Bindash News / 19-12-2019 / 1770


ये क्या हो रहा है गढ़वा में..?


आशुतोष रंजन
गढ़वा

क्या आवासीय विद्यालय की स्थापना इसी उद्देश्य से की गयी थी,आज यह सवाल हर किसी के ज़बान पर बलवती हो रहा है,आख़िर हो भी क्यों ना ?,ऐसी बड़ी वज़ह सबके सामने है जिसने इस सवाल को जन्म दे दिया है,आपको बताएं कि जिस विद्यालय को शिक्षा से वंचित बच्चियों को शिक्षित करने के उद्देश्य स्थापित किया गया था वहां तो पढ़ने वाली बच्चियां जहां एक तरफ़ छेड़खानी की शिकार हो रही हैं तो वहीं दूसरी ओर उनके माँ बनने तक का मामला सामने आ रहा है,ताज़ा वाक़्या गढ़वा जिले का है,किस आवासीय विद्यालय का यह मामला है और साथ ही और किन कड़ियों का जुड़ाव इससे हुआ है आइये आपको इस ख़ास खबर के जरिये बताते हैं।

 

आज घर को क्या बन कर लौटी:- वह क्या बनने स्कूल गयी थी,और आज घर को क्या बन कर लौटी",जी हां हम बात उस लड़की यानी आवासीय विद्यालय के उस छात्रा की कर रहे हैं जिसे नाबालिग़ उम्र में ही माँ बनना पड़ा,यह विषम परिस्थिति की शिकार बरडीहा थाना क्षेत्र निवासी एक छात्रा हुई है,गांव में समुचित पढ़ायी नहीं होने के कारण वह ठीक ढंग से पढ़ने का ख़्वाब देखते हुए मझिआंव स्थित आवासीय विद्यालय पहुंची,जहां वह पूर्ण मनोयोग से शिक्षा ग्रहण करने लगी,लेकिन कुछ ही समय के अंतराल में उसके साथ वह सब वाक़्या गुजरा जिसकी उसने कभी सपने में भी कल्पना नहीं की होगी,अपने घर में चारपायी पर माँ के साथ बैठी हुई वह बस शून्य में ताकती हुई मानो एकमात्र सवाल पूछ रही हो कि मैं घर से क्या बनने स्कूल गयी थी और आज वापस घर क्या बन कर लौटी,उधर उसकी माँ की बेचारगी देख हर कोई यह सोचने पर विवश हो रहा है कि आज उस जननी पर क्या गुज़र रहा होगा इसका इल्म शायद ही कोई कर पाए ?

सीडब्ल्यूसी की ज़ुबानी:- अब सुनिए इस मामले के साथ साथ कई और नयी कहानी,सीडब्ल्यूसी की ज़ुबानी",आवासीय विद्यालय मझिआंव में क्या क्या हो रहा है और उस छात्रा के साथ क्या हुआ इसकी जानकारी अन्य पूर्व के मामलों की तरह सामने नहीं आ पाते अगर इसकी जानकारी अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदारी से तटस्थ रहने वाले सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष उपेंद्र दुबे को नहीं हुई होती,संस्था द्वारा कार्यरत स्वयंसेवक द्वारा मिली सूचना के आधार पर एक कमिटी का गठन कर करायी गयी जांच में जो बातें सामने आयीं निश्चित रूप से वो चौकाने वाली हैं,उन्होंने बताया कि जांच कमिटी स्कूल से ले कर लड़की के घर और अस्पताल तक जांच की उसमें मामला पूरी तरह सही साबित हुआ,सबसे पहले तो मालूम हुआ कि उस छात्रा का प्रसव मझिआंव स्थित रेफरल अस्पताल में कराया गया जहां उसने एक बच्चे को जन्म दिया,लेकिन जो अस्पताल के दस्तावेज कहते हैं उसके अनुसार उस बच्ची के नाम के जगह अस्पताल की एएनएम निर्मला ने अपना नाम दर्ज़ किया,यानी प्रसव उसका हुआ है,लेकिन वह कागज़ी तौर पर तब पकड़ में आयी जब उसी रात के और प्रसव की सूची में उसी एएनएम द्वारा जो अभी चंद मिनटों पहले खुद प्रसूता थी उसके द्वारा किसी दूसरे का प्रसव कराना दर्ज़ था,इसके बाद बारी स्कूल की आयी,पहले तो स्कूल के गार्ड द्वारा ही बरगलाने की कोशिश की गयी लेकिन कुछ ही देर में गार्ड द्वारा यह कहा गया कि अगर उन्हें स्वतंत्र गवाह बनाया जाता है तो वह सारी बात बताने को तैयार हैं,और सीडब्ल्यूसी द्वारा उन्हें स्वतंत्र गवाह बनाने के उपरांत गार्ड द्वारा सबसे पहले छात्रा के बावत बताया गया कि उसे स्कूल से अस्पताल ले जाया गया था जहां उसका प्रसव हुआ,और लोकलाज़ के डर से बच्चा नहीं अपनाने के साथ साथ इस बात को भी गुप्त रखा गया,आगे बताया कि उक्त छात्रा के गांव का ही एक लड़का है जिसके साथ छात्रा मिला करती थी,इनकी ज़्यादा मुलाक़ात उसी गांव की एक महिला जो सेक्स रैकेट चलाती है उसी के घर पर होती थी,गार्ड द्वारा तो यहां तक कहा गया कि इस छात्रा के अलावे स्कूल से अन्य छात्राओं का भी महिला के घर आना जाना था,इस बात की तस्दीक़ खुद छात्रा द्वारा भी बयान देने के दौरान की गयी है,उधर अध्यक्ष ने बताया कि इसी जांच के दरम्यान मालूम हुआ कि एक छात्रा स्कूल में ही जली जिसे निजी स्थान पर इलाज़रत किया गया था जानकारी होने पर उससे भी पूछताछ की गयी जिसने बहुत सारी बातें बतायीं,साथ ही एक छात्रा पढ़ायी की जगह वार्डेन का बच्चा खेलाती औए काम करती दिखी,तो दूसरी ओर एक छात्रा द्वारा यह कह कर आत्महत्या का प्रयास किया गया कि वह घर से दुबारा स्कूल नहीं आना चाहती थी कारण की उससे स्कूल में काम कराया जाता था,समय पर खाना नहीं दिया जाता था और साथ ही उसे मोररसाइकल से बाहर भेजा जाता था,उक्त छात्रा की मौत इलाजिय हालात में अस्पताल में हो गयी,इन सभी जांच रिपोर्ट को तैयार कर सीडब्ल्यूसी द्वारा पहले तो 15 अक्टूबर को पुलिस से कहा गया कि आप अभियुक्त युवक चंदन को गिरफ़्तार करें,लेकिन अब तलक गिरफ़्तारी नहीं हुई,तपश्चात सारे मौजूद दस्तावेज़ को किशोर न्यायालय बोर्ड को भेजने के साथ साथ जिले के डीसी और एसपी के अलावे सीआईडी,डीजीपी,बाल संरक्षण आयोग रांची और दिल्ली के साथ साथ राज्यपाल को भी भेज दिया गया,अध्यक्ष ने बताया कि कार्रवाई के बावत भेजे गए कुल अठारह लोगों में दो वार्डेन,एएनएम और उसका पति,सहिया,सेक्स रैकेट संचालिका और उसकी महिला और पुरुष सहयोगी,सहित जिला शिक्षा पदाधिकारी और शिक्षा अधीक्षक का नाम शामिल है।

एक तरफ़ हैदराबाद में हुई बर्बरता का इंसाफ़ त्वरित हुआ तो वहीं दूसरी ओर निर्भया के दोषियों को फांसी देने के लिए जल्लाद ने फंदा भी तैयार कर लिया,अब शिक्षा के मंदिर से जुड़े इस महापाप के दोषियों के विरुद्ध कब तलक और क्या कार्रवाई होती है यह देखने वाली बात होगी।

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