Bindash News || ख़्वाब देखा "जन्नत" का पर "दोज़ख" हुई ज़िंदगी
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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ख़्वाब देखा "जन्नत" का पर "दोज़ख" हुई ज़िंदगी

Bindash News / 07-09-2018 / 1455


एक मामला "लव जेहाद" का
 "एक कि बीबी बनी कितनों की बेग़म''
 
आशुतोष रंजन
 गढ़वा
 
पहले हुई शादी,फिर हुआ निक़ाह,जी हां गढ़वा में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहां एक विवाहिता के साथ फिर से निक़ाह कर उसकी ज़िंदगी से खेलते हुए आज उसे अस्पताल में मरने के लिए छोड़ दिया गया है,पूरा वाक़्या समझने के लिए पढ़िए यह रिपोर्ट-
 
लग गयी नज़र:- वह तो कर रही थी बढ़िया से ज़िंदगी बसर,पर लग गयी उसे नज़र",जी हां हम बात कर रहे हैं एक ऐसी महिला की जो भाग्यवती थी जिसकी शादी हिन्दू होने के नाते स्वजातीय हुई थी,वैवाहिक जीवन बड़ी खुशी से गुजर रही थी,परिवार के साथ साथ अपने बच्चों के देखभाल में व्यस्त भाग्यवती ख़ुशनुमा माहौल में जीवन व्यतीत कर रही थी कि इसी बीच एक ऐसा बवंडर आया जो उसके बसे बसाए जिंदगी के महल को पूरी तरह बिखेर कर जमींदोज कर दिया।
 
जीवन दोज़ख कर दिया:- उसने तो दिखाया ख़्वाब जन्नत का,पर ज़िंदगी दोज़ख कर दिया,हम बात कर रहे हैं उस बवंडर की जो भाग्यवती को कहीं का नहीं छोड़ा,और वह बवंडर है जन्नत नाम का वह युवक जो भाग्यवती की ज़िंदगी में प्यार के रूप में आया,दोनो में मोहब्बत हुई और वह परवान चढ़ी,ऐसे में उक्त युवक द्वारा अपने नाम के अनुरुप भाग्यवती को जन्नत की ज़िंदगी नाज़िर करने का ख्वाब दिखाया गया,अब मोहब्बत तो अंधा होता ही है सो भाग्यवती भी उसके बहकावे में आ गयी और उस युवक के साथ जन्नत की जिंदगी बसर करने के लिए अपना बसा बसाया घर और साथ ही सब लोक लाज को त्याग उसके साथ घर की देहरी लांघ निकली।
 
वह हो गयी शबनम:-घर परिवार छोड़ने का ना हुआ कोई गम,ख़ुशी से चहकते हुए भाग्यवती बन गयी शबनम",जी हां उक्त युवक के साथ भागने वाली भाग्यवती का फिर से निक़ाह हुआ,युवक जन्नत ने भाग्यवती से निकाह करने के बाद उसे एक नाम दिया शबनम,कल की भाग्यवती अब शबनम के नाम से जिंदगी जीने लगी।
 

कितनों की बेग़म जान:-वह तो बनी थी एक कि बीबी,पर उसे बननी पड़ी कितनों की बेग़म जान,जी हां शबनम के रूप में प्रेम की बुनियाद पर शुरू हुआ भाग्यवती का दूसरा जीवन बहुत तकलीफ़ भरा गुजरने लगा,क्योंकि जहां वह युवक शौहर के रूप में उसके साथ हमबिस्तर होने लगा वहीं वह दूसरों के सामने भी उसे परोसने लगा,ज़िल्लत भरे हालात से गुजर रही भाग्यवती अब अपना नसीब मान उसी अवस्था मे जीवन व्यतीत करने लगी,वह नाम के लिए केवल जन्नत की बीबी थी पर उसे प्रतिरोज़ कितनों के लिए बेग़म जान बनना पड़ता था।
 
उसने तो मोहब्बत जिस्म से किया:- भाग्यवती ने तो प्यार दिल से किया पर जन्नत ने जिस्म से तभी तो शबनम के जिस्म से खुद खेलने और लोगों के सामने परोसने के बाद जब उससे मन भर गया तो अगले शिकार की तलाश में जाने से पहले वह शबनम को छतीसगढ़ से ला कर गढ़वा के इलाके में देर रात को फेंक जाता है,जहां से उसे पेट्रोलिंग कर रही पुलिस उठा कर अस्पताल लाती है,जहां आज वो हर पल मौत से जूझ रही है।
 
मामला है लव-जेहाद का:- अभी नईम और चंदा प्रकरण का पटाक्षेप भी नहीं हुआ कि एक और लव जेहाद का मामला सामने आ गया,समाज के लोगों की मानें तो लोग सबसे पहले उसके बेहतर इलाज के साथ मामले की संजीदगी से जांच की मांग कर रहे हैं,साथ ही लोगों का कहना है कि आज समाज में ऐसे लोग जो प्यार मोहब्बत का जाल बुनकर भोली भाली लड़की और महिलाओं को फांस रहे हैं,और फिर उनकी जिंदगी से खेल उन्हें दूध में गिरी मक्खी की तरह निकाल फेंक रहे हैं ऐसे में आज सभी को सावधान रहने की जरूरत है।
 
कल की भाग्यवती और आज की शबनम खुद के जीवन से कतरा कतरा जुदा हो रही है,ऐसे में जरूरत है उसके वजूद को बचाते हुए हुक़ूमत-ए-तंज़ीम के बदौलत मुक्कमल इंसाफ़ दिलाने की।
 

 

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