Bindash News || इलाके को करने शांत, अभियान में जुटे "प्रशांत"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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इलाके को करने शांत, अभियान में जुटे "प्रशांत"

Bindash News / 08-09-2018 / 999


काम करना है कुछ हटके,अब कोई कदम ना भटके
जिन हांथों में आया है कलम,ना आवे उन हांथों में हथियार:एसपी
 
आशुतोष रंजन
रांची
 
नक्सल प्रभावित लातेहार को पूरी तरह करने को शांत,एक विशेष अभियान में जुटे प्रशांत",जी हां हम बात कर रहे हैं लातेहार एसपी प्रशांत आनंद की,जो उस गांव में पहुंचे जहां कभी केवल नक्सलियों की आवाजाही होती थी,उक्त गांव में पहुंच एसपी ने ग्रामीणों के बीच घंटों वक्त गुज़ारा,उस दरम्यान क्या हुई बात जानने के लिए पढ़िए यह रिपोर्ट
 
उनसे एसपी ने किया संवाद:- जिनसे अब तलक उग्रवादी करते थे बात,आज उनसे एसपी ने किया संवाद,एसपी प्रशांत आनंद उस गांव में पहुंचे जहां अब तलक केवल नक्सलियों की धमक होती थी जहां नक्सली अहले सुबह से देर रात तक वक्त गुजारा करते थे,लेकिन इधर लगातार बढ़ी पुलिसिया दबिश ने नक्सलियों को गांव से दूर कर दिया है,आज उसी गांव में पहुंच एसपी ने ग्रामीणों से रूबरू होते हुए संवाद किया।
 
आज वह खिल उठे:- जो चेहरे थे कल मुरझाये हुए,आज वह खिल उठे,जी हां अपने बीच पूरी पुलिसिया टुकड़ी के साथ पहुंचे स्वनामधन्य एसपी प्रशांत आनंद को पा कर ग्रामीणों के कल के मुरझाये चेहरे खिल उठे,लोगों ने पारंपरिक ग्रामीण रिवाज़ के तहत एसपी और अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों का स्वागत किया,तत्पश्चात ग्रामीणों ने एसपी से अपनी आपबीती बताने के साथ साथ प्रतिरोज दो चार होने वाली समस्याओं से अवगत कराया।
 
हमारे दिन सुधारिये हुजूर:- कैसी होती है सुविधा,हैं उससे हम सभी बहुत दूर,दिन हमारी सुधारिये हुजूर,कुछ इसी कसक भरे लहजे में अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि आज नक्सल इलाके का कलंक खुद पर लगने के कारण हम हर व्यवस्था से महरूम हैं,आज तलक हमारे पास आने वाले साहेब लोग नक्सली के बाबत ही पूछा करते थे आज पहली बार ऐसा हुआ है कि आप आये हैं और नक्सली के बारे में नहीं बल्कि हमारे हालात को जानने और पहचानने की कोशिश कर रहे हैं,अब व्यवस्था सुधरे या ना सुधरे लेकिन आपके इस रहमदिली व्यवहार ने ऐसा अहसास करा दिया कि हम सभी खुद को हर सुविधा से परिपूर्ण पा रहे हैं।
 
जो चढ़े थे परवान:- बरस रहा था आसमान,फिर भी नहीं रुके वो क़दम,जो हौसलों से लबरेज़ हो चढ़े थे परवान",जी हां वह क़दम थे लातेहार एसपी प्रशांत आनंद के जो नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत एक नयी पहल के तहत सुदूर नक्सल प्रभावित गांव के लिए निकले थे,रास्ते में आसमान बरसने लगा,यानी मूसलाधार बारिश राह रोकने लगी पर बिना मंज़िल पाए ना रुकने वाले कदम भला कैसे ठिठकते सो जो चलने शुरू हुए थे वो चलते रहे और बारिश की बौछार से सामना करते हुए उस गांव में पहुंचे जहां कभी केवल नक्सली ही आया जाया करते थे,अपने बीच एसपी सहित पुलिस प्रशासन की एक बड़ी टुकड़ी को देख पहले तो ग्रामीण सकते में आ गए,लेकिन फिर एसपी द्वारा प्रयोजन बताए जाने के बाद वो सहज हुए और फिर घंटों बातचीत हुई।
 
फिर कोई क़दम ना भटके:- करना है काम अब कुछ हटके ताकि कोई क़दम अब ना भटके",कुछ इसी पंक्ति के साथ ग्रामीणों से मुख़ातिब होते हुए एसपी ने कहा कि जो पांव मुख्य राह से भटक कर बे-राह हो गए हैं उन्हें तो हम सबों को प्रयास कर वापस मुख्य रास्ते पर लाना ही है,लेकिन सबसे ज्यादा कोशिश यह करनी है कि अब फिर कोई क़दम ना भटके।
 
बच्चों को पढ़ाएं,आगे बढ़ाएं:- ग्रामीणों के जरूरत के उपयोग में आने वाले कुछ सामान को साथ ले कर पहुंचे एसपी द्वारा उसे ग्रामीणों के बीच वितरण किया गया,वयस्क और वृद्ध तो खुश हुए ही सबसे ज़्यादा आह्लादित हुए वो बच्चे जिनके हांथ में पहली बार किताब-कॉपी और खेल सामग्री आयी,उक्त मौके पर एसपी ने ग्रामीणों से कहा कि यही वो समय है जब नक्सली आपको बरगला कर आपके बच्चों को बहला कर साथ ले जाते हैं,आपको भ्रम रहता है कि आपके बच्चों की ज़िंदगी बन जाएगी लेकिन हमें बताने की जरूरत नहीं आप खुद वाकिफ़ हैं कि उन बच्चों का जीवन कैसा हो जाता है,इसलिए आज आप संकल्प लें कि जिन हांथों में आज कलम आया है उन हांथों में ना आवे हथियार।
 
 

 

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