Bindash News || "मजदूर" रो रहे जार-बेज़ार,क्या इतनी बेरहम है "सरकार".?
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

Economy

"मजदूर" रो रहे जार-बेज़ार,क्या इतनी बेरहम है "सरकार".?

Bindash News / 16-03-2020 / 1424


धन से दूर हुआ ग़रीब का धान,सरकार कब देगी ध्यान:भानु


आशुतोष रंजन
गढ़वा
 
ऐसे तो जनप्रतिनिधि अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास को ले कर चिंतित रहा करते हैं,लेकिन एक विधायक ऐसे भी हैं जो अपने क्षेत्र के साथ साथ जिला और पूरे प्रमंडल की फ़िक्र किया करते हैं,हम बात यहां भवनाथपुर विधायक भानु प्रताप शाही की कर रहे हैं,किस बात को ले कर और कहां पर उनके द्वारा चिंता ज़ाहिर किया गया है आइये आपको बताते हैं।
 
जिन्हें होना था आबाद,वो हो गए बर्बाद:- वह चाहे जिला,प्रमंडल या राज्य मुख्यालय के अधिकारियों से मुलाक़ात हो या विधानसभा सत्र की बात हो हर जगह बस समस्या और विकास की बात करने वाले विधायक भानु प्रताप शाही द्वारा आज सत्र में कई समस्याओं के बावत प्रमुखता से अपनी बात रखी गयी,सबसे पहले उन्होंने किसानों की पीड़ा बयां की,कहा कि हर दूसरे साल पैदावार मारे जाने के बाद भी हर साल किसान पैदावार होने की आस के साथ खेती किया करते हैं,कभी सफल तो कभी विफ़ल होते हैं,इस बार उनके हाथ सफ़लता आयी थी पर उन्हें क्या इल्म था कि हर बार दगा देने वाली बेरहम प्रकृति इस बार भी दगा दे जाएगी,किसानों के खेतों में फ़सल लगा,पर असमय बारिश और ओलावृष्टि ने उनके पूरे फ़सल को बर्बाद कर दिया,आलम है कि जिन किसानों को उक्त फ़सल के भरोसे आबाद होना था आज वो पूरी तरह बर्बाद हो गए,ऐसे में ज़रूरत है सरकार किसानों के दर्द को शिद्दत से महसूस करते हुए जल्द उन्हें राहत पहुंचाए।
 
रोटी से हुए दूर,हजारों मजदूर:- हमारे जिले में और तो कोई स्थायी रोज़गार का साधन नहीं है जहां बेरोजगार काम कर कुछ लाभ हासिल कर सकें,एक था भी जिसे सरकार ने बंद कर दिया,उक्त बातें विधायक ने कही,दरअसल वो सत्र के जरिये बंद हुए माइंस की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट करा रहे थे,कहा कि सुनने में आता है कि किसी भी प्रदेश में सत्तासीन सरकार बेरोजगारों को रोज़गार दे कर उनके निवाले की व्यवस्था करती है,लेकिन झारखंड ही वह एक राज्य उदाहरण के रूप में जाना जाएगा,जहां सत्ता में आयी सरकार मजदूरों के हांथ से रोज़गार ही नहीं बल्कि उनके मुंह से निवाला भी छिनती है,आसन से मुख़ातिब होते हुए उनके द्वारा कहा गया कि गढ़वा जिले के भवनाथपुर में दशकों से स्थापित डोलोमाइट पत्थर का माइंस जहां अहले सुबह से देर शाम तक पत्थर तोड़ कर दो रोटी की जुगाड़ करने वाले मजदूर और उनका परिवार रोटी से दूर हो गया क्योंकि वर्तमान झारखंड सरकार ने एकाएक गुज़रे सोलह फरवरी को उस माइंस को बंद कर दिया,विधायक ने भावुक होते हुए कहा कि आज मजदूर और उनके परिवार के सामने भूख से व्याकुल हो कर मरने की स्थिति आन पड़ी है,ज़रूरत है सरकार को इस ओर जल्द पहल करने की ताकि मजदूरों के घरों में चूल्हा जले।
 
धन से दूर हुआ धान:- धान क्रय केंद्र द्वारा बरती जा रही घोर अनियमितता की चर्चा करते हुए विधायक ने कहा कि पलामू प्रमंडल में किसान धान से धन उपार्जन किया करते हैं,यानी अन्य फसलों की तरह वो धान की बिक्री कर जो पैसा मिलता है उससे परिवार का भरण पोषण किया करते हैं लेकिन क्रय केंद्रों द्वारा किसानों से धान की ख़रीदी नहीं कि जा रही है,नतीज़ा है कि किसानों का धान बोड़ा बंद स्थिति में ही खराब होता जा रहा है,सरकार इस ओर जल्द से जल्द कार्रवाई करे ताकि उक्त धान से धन उपार्जन में किसान सफल हो सकें।
 
ग़रीब,मज़लूम और किसानों की समस्याओं से सदन के जरिये मुखर हो कर विधायक द्वारा सरकार को अवगत करा दिया गया,अब देखना यह होगा कि सरकार इस ओर कब तलक नज़र करती है क्योंकि यह वही सरकार है जो खुद को बदलाव का वाहक बताते हुए राज्य की सत्ता पर आसीन हुई है।
 
 

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