Bindash News || रोज़ रहिया निहारे "नयनवा", "सजनवा" मोर कहिया ले अइहें
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

Economy

रोज़ रहिया निहारे "नयनवा", "सजनवा" मोर कहिया ले अइहें

Bindash News / 27-04-2020 / 1476


तोरा बिना निक नाहीं लागे रे संवरिया



हम गढ़वा से आशुतोष

विदेश से एगो जे बीमारी आइल,ओह से बचे ख़ातिर आपन देश के लउक डाउन कईल गइल बा,कहे के मने की बंद कर दिहल गइल बा,जे जाहां बा,उ ओहिजे बा,अब अईसन में कोई बहरा काम करे गइल बा त भला उ घरे कइसे आव,काहे की सब गाडियो बंद बा,जेकर नतीज़ा बा कि सइयां बाड़े दूर प्रदेश त भला इहवां सजनी के कइसे सुहाओ घर आउ आपन देश..

सजनवां मोर कहिया ले अइहें:- कुछ साल पहिले भोजपुरिया गवइया के एगो गीत बहुते सुनल जात रहे,उ ई रहे कि रोज़ रहिया निहारे नयनवां,सजनवां मोर कहिया ले अइहें",ई गीत अभी के गुजरत समय में एकदम फिट बइठत बा,काहे की कुछ लोग त बहरा से आ गईले,लेकिन ई लॉक डाउन हो जाये आउ सब गाड़ी के बंद हो जाये के चलते बहुत लोग अभियो बहरे बाड़े,जाहां बाड़े उहां ठीक बाड़े,काहे की उ कमसे कम ई वायरसवा से त दूर बाड़े,ई ख़तरा से बचे ख़ातिर उ दूर बाड़े लेकिन बहुते मजबूर बाड़े,काहे की उ घर से,परिवार से,आउ त आउ आपन सजनी से दूर बाड़े,कुछ लोग त परिवार आउ बाल बच्चा वाला बाड़े लेकिन कुछ लोग त बिआह कईला के बाद बहरा चल गइल बाड़े,अब उनकर करेजा कइसे कुंहकत होइ,एकर अंदाज़ा उहे लगा सकेला,जे ओकर मरम जानत होइ,एक देन उहां उ तड़पत बाड़े,त इहां कुछ नइहर में त कुछ ससुरा में बिलखत बाड़ी,तबे त सगर दिन बेरी बेरी बहरा निकल के राह ताकत बाड़ी,आउ झर झर झरत अंखिया से लोरवा के पोंछत इहे कहत बाड़ी की "रोज़ रहिया निहारे नयनवा,सजनवां मोर कहिया ले अइहें।"

तोरा बिना निक नाही लागे रे संवरिया
:- जवन सपनवां के मन में ले के उ ससुरा आइल रहली ह,उ ई लउक डाउन ख़तम कर देले,कुछ अभी गवना के असरा में बिआह के बादो नइहर में बाड़ी त कुछ अभी गवनहरी बाड़ी,मगर दुनो के दिलवा एके जइसन कुंहकत बा,उनका आपन संवरिया के इयाद सतावत बा,उनकर हाल के सोच के लिखेला पड़त बा कि "भइल बीमार सगर देंहिया,बेरी बेरी आवेला रोआई,हारत बाड़े बईद आउ डाकडर,काम आवत नईखे कवनो दवाई,ए हो पिया,सुरतिया तोहार कहिया समनवा हमर आई",अइसहीं गोहरावत गोहरावत एक सबेरे से रोज रात गुजरत जात बा,पर पिया मिलन के आस धरल के धरले रह जात बा,तबे न सुना परल घर के देखी के एगो कहत बाड़ी की "अंगना दुआर सगरे,महल अटरिया,तोहरा बिना निक नाहीं लागे रे संवरिया।"

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