Bindash News || अभिशाप को "वरदान" में बदल देगी यह योजना
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

Economy

अभिशाप को "वरदान" में बदल देगी यह योजना

Bindash News / 04-05-2020 / 991


सोना उगलेंगे पलामू,गढ़वा और लातेहार के खेत:मंत्री


आशुतोष रंजन
गढ़वा

झारखंड सरकार उस ख़्वाब को सच करने जा रही है जो अब तलक एक सपना नहीं बल्कि वह दिवास्वप्न बना हुआ था जो कभी पूरा नहीं होता,पर बदलाव के वाहक के रूप में सत्तासीन हुई हेमंत सोरेन की सरकार उस सपना को पूरा करने जा रही है,क्या है वह ख़्वाब आइये आपको इस ख़ास ख़बर के जरिये बताते हैं।

 

आएगी पानी अपने हिस्से:- नहीं सुनने पड़ेंगें छलकते नीर के किस्से,आएगी पानी अपने हिस्से",जी हां राज्य के तीन जिले क्रमशः गढ़वा पलामू और लातेहार वह जिले हैं जहां के लोगों को एक तरफ़ प्रकृति दगा देती है तो दूसरी ओर सरकार भी अब तलक धोखा देती आयी है,ससमय बारिश ना दे कर प्रकृति यहां निवास करने वाले लोगों को सूखा का सामना करा पैदावार ज़मीन रहते हुए भूमिहीन बनाये रखी है वहीं अब तलक की सरकारों ने भी हर खेत को पानी देने का सुनहरा सब्ज़बाग ही दिखाया है,आलम है कि आज लोग खेत रहते हुए बार बार सूखा पड़ने से टूट चुके हैं और उनके सामने पलायन की विवशता बनी हुई है,पर अब शायद उनकी बुझी उम्मीदों में एक रौशनी दिखायी पड़ी है क्योंकि राज्य में बदलाव करने की नीयत से ही सत्ता पर आसीन हुई हेमंत सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है,जिससे अब यहां के लोगों को नहीं सुनने पड़ेंगें केवल कहानी किस्से,क्योंकि आएगी पानी अब उनके हिस्से।

 

अभिशाप को वरदान में बदल देगी यह योजना:- आप निश्चित रूप से सोच रहे होंगें की जिस राज्य में हमें और विकासीय योजना की बात कौन करे पानी के नाम पर अब तक कि सरकारों द्वारा छला गया,पर यह सरकार ऐसी कौन सी योजना लाने जा रही है जो सूखा की समस्या से निज़ात दिला देगी,तो इस बावत राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि,मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा आज प्रोजेक्ट भवन रांची से नीलांबर पितांबर  जल-समृद्धि योजना की शुरुआत की गयी,उदघाटन कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौजूद मंत्री मिथिलेष ठाकुर ने योजना की विषेषता बताते हुये कहा कि नीलांबर पितांबर जल-समृद्धि योजना से गढ़वा-पलामू और लातेहार के किसानों को लाभ होगा,कहा कि झारखंड का अधिकांष भू-भाग पठारी है,राज्य की जमीनी भौगोलिक बनावट यद्यपि उबड़-खाबड़ है,जिसके कारण अधिकांष वर्षा जल यूं ही बह कर राज्य से बाहर चला जाता है,पानी की अनुपलब्धता के कारण राज्य में अधिकतर खरीफ की ही खेती होती है,उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाले वर्षापात का संरक्षण करने से जल की उपलब्धता बढ़ेगी तथा अब राज्य के किसान अब दो-तीन फसल का उत्पादन कर सकेंगे,खेत का पानी खेत में रोकने के लिये यह योजना कारगर सिद्ध होगी, विभिन्न संरचनाओं के माध्यम से किसान इसका लाभ उठा सकते हैं,इस योजना का सही से अनुपालन करने पर राज्य की वार्षिक जल संरक्षण क्षमता में 5 लाख करोड़ लीटर की वृद्धि होगी साथ ही 5 लाख एकड़ बंजर भूमि का संवर्द्धन भी हो सकेगा,राज्य में होने वाली वर्षा का संरक्षण कर राज्य में जल की उपलब्धता अब बढ़ाई जा सकेगी,इस योजना का लाभ वैसे किसानों को भी मिलेगा जिनके खेतों की संरचना अधिक ढाल वाली हो या कम ढाल वाली हो,खेतों की संरचना किसी भी प्रकार की हो,किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा,इसके अतिरिक्त इस योजना का क्रियान्वयन गांवों में अवस्थित सार्वजनिक उपयोग में आने वाले हैंडपंप,कुंआ इत्यादि स्थानों पर भी किया जा सकेगा,जिससे भूमिगत जल संरक्षण की क्षमता में वृद्धि होगी,मंत्री ने कहा कि गढ़वा,पलामू और लातेहार जिले में निवास करने वाले सभी लोग पानी की समस्या से वर्षों से जूझते आ रहे हैं,पानी की एक-एक बूंद का महत्व यहां के लोग समझते हैं,हेमंत सरकार द्वारा जनहित में लागू किये गये नीलांबर पितांबर जल-समृद्धि योजना का लाभ सभी को मिलेगा और विशेषकर गढ़वा,पलामू और लातेहार के लोग इससे अधिक लाभान्वित होंगे।

Total view 991

RELATED NEWS