Bindash News || सरकार की नज़र ख़ज़ाने पर...
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

Economy

सरकार की नज़र ख़ज़ाने पर...

Bindash News / 15-05-2020 / 302


मजदूर कैसे पहुंचेंगें घर-द्वार,ग़लत नियत से काम कर रही है सरकार:सत्येंद्र नाथ
 


आशुतोष रंजन
गढ़वा



राजनीति में जितनी आलोचना होती है,तारीफ़ भी कम नहीं होती,अगर आप काम बढ़िया करते हैं तो आपके विरोधी भी आपकी प्रशंसा करते हैं,लेकिन उसके लिए आपको केवल जबान पर नहीं बल्कि जमीन पर उस कार्य को अंजाम देना पड़ेगा,ऐसा नहीं होने की सूरत में ही तो उन्हें सरकार के कार्यों को नाकाफ़ी बता कर नियत पर सवाल उठाते हुए लगातार हमला बोला जा रहा है,हम यहां भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सह गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी की कर रहे हैं,जिनका कहना है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के कोने कोने में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी को उनके गृह राज्य पहुंचाने के लिए 1200 ट्रेनों को आरक्षित किया है,लेकिन राज्य सरकार द्वारा बहुत ही कम ट्रेनों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र देने की वजह से केंद्र सरकार देश के अन्य राज्यों में फंसे झारखंड के प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेन मुहैया नहीं करा पा रही है,उन्होंने राज्य सरकार की मंशा प्रवासी मजदूरों के प्रति ठीक नहीं होने का उदाहरण एक आंकड़े के साथ प्रस्तुत करते हुए कहा कि जैसे पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में अभी तक 400 और बिहार में 200 की तुलना में झारखंड सरकार द्वारा मात्र 34 ट्रेनों का ही अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंता का विषय है,जो सरकार की नियत को स्पष्ट रूप से दर्शाता है,इसकी पुष्टि भारत सरकार के रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी किया है,कहा कि राज्य सरकार की रुचि प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के बजाय केंद्र पर आरोप मढ़ने एवं खजाना खाली का झूठा प्रचार कर अपनी जिम्मेदारियों से भागने में ज्यादा है,पूर्व विधायक ने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा है कि विवश,लाचार प्रवासी मजदूरों से राजनीति ना करते हुए राज्य सरकार देश के कोने कोने में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के लिए रेल मंत्रालय को सिर्फ अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत कर प्रवासी मजदूरों की घर वापसी करने में रोड़ा ना अटकाते हुए सहयोग करें।

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