Bindash News || क्या डिगायेगी उन्हें कोई बला, जिसने शपथ लिया "मैदान-ए-कर्बला"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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क्या डिगायेगी उन्हें कोई बला, जिसने शपथ लिया "मैदान-ए-कर्बला"

Bindash News / 16-09-2018 / 1437


हजारों का जुटना नहीं है अजीब,है कोशिश,कायम रहे यह गंगा-जमुनी तहज़ीब
हालात सुधार रहा देश का लाल,माहौल बिगाड़ रहा अंग्रेजों का दलाल
बनता रहूंगा उसके राह का अवरोध,जो करेगा राष्ट्र का विरोध:विधायक
 
आशुतोष रंजन
गढ़वा
 
सैकड़ो साल पहले मज़हब-ओ-ईमान की रक्षा के लिए कर्बला के मैदान में हुई लड़ायी जिस तरह इतिहास बन गया ठीक उसी तरह आज आपसी मिल्लत के लिए हुआ आयोजन भी यादगार बन गया,और संयोग देखिये फिर गवाह बना कर्बला का मैदान,तो आइए आप इस रिपोर्ट के जरिये जानिए किस उद्देश्य से और किसने किया यह अनूठा आयोजन।
 
कायम रहेगी एकता:- ना कभी आयी है,ना कभी आएगी दिल में कटुता,सालों से जो कायम है आपस में एकता,जी हां उसी एकता की परचम को बुलंद करते हुए आज गढ़वा विधायक सतेंद्र नाथ तिवारी द्वारा अपने विधानसभा क्षेत्र के तिलदाग गांव स्थित कर्बला के मैदान में आपसी मिल्लत को और मजबूत बनाने के दिली उद्देश्य के साथ आज हिंदू-मुस्लिम एकता सम्मेलन का आयोजन किया गया,जहां हजारों की संख्या में मौजूद दोनो क़ौम के लोगों ने कहा कि कल भी हम एक थे,हैं आज भी दो जिस्म और एक जान,करते हैं आज यह वादा,रहेंगें आगे भी दो मुंह एक ज़बान।"
 
कहता है मैदान-ए-कर्बला:- है आपस में जो मिल्लत अपनी,गर उसे डिगाने आवे कोई बला,डिगना नहीं है किसी दम पर,यही कहता है मैदान-ए-कर्बला",कुछ इसी जोश-ओ-खरोश अंदाज़ में मौजूद लोगों से मुख़ातिब होते हुए विधायक सतेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि हर देखने वालों को देख कर कहना पड़ता है अजीब की, किस तरह दशकों से क़ायम है,गढ़वा में गंगा-जमुनी तहज़ीब,बस इसी संस्कार और तहज़ीब को वजूद में बनाये रखने के लिए इस एकता सम्मेलन का आयोजन किया गया है,कहा कि आज लोग बस हमारी इसी एकता और अखंडता को खंड खंड करने को आमादा हैं,लेकिन शायद उन्हें इल्म नहीं है कि हमारा बस देंह एक दूसरे से जुदा है पर दिल और जान एक है,इसलिए वैसे फ़िरक़ा परस्त ताकत वाले लोग खुद को इस तरह के ग़लत कामों से अपने आप को अलग कर लें क्योंकि वैसे ग़लत मंसा वाले को कर्बला के मैदान का यह हुजूम किसी सूरत में नहीं बख्शेगा।
 
जो करेगा राष्ट्र का विरोध
:- बनता रहूंगा उसके राह का अवरोध,जो करेगा राष्ट्र का विरोध,जी हां विधायक ने तल्ख़ अंदाज में कहा कि मैं कल भी कहा था और आज भी उसी कहे बात को दुहरता हूं कि मैं उसी के राह से हमराह हो सकता हूं जो गांव, समाज,राज्य और देश की एकता-अखंडता को अक्षुण्ण रखने में महती भूमिका निभाता हो,मैं कदापि उसका साथ नहीं दे सकता जो देश और राष्ट्र का विरोधी हो,साथ ही कहा कि "आज हम सभी लें एक शपथ,ना चलेंगें कभी ग़लत पथ।"
 
जो रहा हो अंग्रेजों का दलाल:- गांव,समाज और देश बंटने का उसे क्यों होगा मलाल,जो रहा हो अंग्रेजों का दलाल,इस पंक्ति के साथ दूर से ही सही उनके पूर्वजों को अंग्रेजों का दलाल कहते हुए विधायक ने कहा कि जिनके पूर्वज अंग्रेजों की दलाली कर देश का नमक खाने के बावजूद भी नमक हरामी किये,आज उन्हीं के वंसज द्वारा समाज और देश को एकता के सूत्र में बांधने की कोशिश में जुटे देश का लाल यानी हमें राष्ट्र विरोधी ताकतों का सहयोगी बताया जा रहा है,पर शायद उन्हें इसका आभास नहीं है कि मैं नमक हरामी नहीं बल्कि देश का नमक खा कर नमक हलाली कर रहा हूं,इसलिए बस इतना ही कहूंगा कि "उन्हें किसी दम पर प्यारी है सत्ता,पर हमें तो प्यारा है स्वदेश।"
 
जब कव्वालों ने गाया देशभक्ति:- क़ौमी एकता उस वक्त हो गयी और बलवती,जब कव्वालों ने गाया देशभक्ति,जी हां आज के एकता सम्मेलन की गंभीरता को थोड़ा सरस बनाने के ख़्याल से कव्वाली का भी आयोजन किया गया था,जहां कार्यक्रम पेश करने आये कव्वाल अज़हर शाबरी और करिश्मा बानो द्वारा क़ौमी एकता की डोर को और मज़बूत करने के लिए जैसे ही क़ौमी तराना गाया गया वैसे ही लोगों के दिलों में पेवस्त आपसी मिल्लत की भावना बलवती हो गयी,दोपहर से शुरू हुआ गायन कार्यक्रम सांझ पहर तक चलता रहा और लोग स्वदेश गान को सुन कर झूमते रहे।

 

 

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