Bindash News || हे भगवान..मुर्दा मजदूर को भी नहीं बख़्श रही राज्य सरकार
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

Economy

हे भगवान..मुर्दा मजदूर को भी नहीं बख़्श रही राज्य सरकार

Bindash News / 26-05-2020 / 702


सरकार नहीं दे सकती दलित और पिछड़ों का साथ,कह रहे सत्येंद्र नाथ


आशुतोष रंजन
गढ़वा


खुद को बदलाव का वाहक और सबका पक्षधर बताने वाली राज्य सरकार की हक़ीक़त अब सबके सामने आ गयी,जो केवल ख़ुद का स्वार्थ और हित देखता हो वो किसी और का भला नहीं कर सकता,उक्त बातें भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सह गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने कही, दरअसल वो रंका हाईवे राहत शिविर की समीक्षोपरांत कंचनपुर के पिपरा टोला में पहुंचे थे,जहां मोटरसाइकल दुर्घटना में भुइंया समाज के रवि भुइंया एवं उपेंद्र भुइयां की दुखद मृत्यु की सूचना मिलने के उपरांत उनके परिजनों से मिलकर दुख की घड़ी में उनके परिवार को सांत्वना देते हुए भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी मित्रों को जिला प्रशासन से संपर्क कर हर संभव सहयोग दिलाने का सलाह दिया,उन्होंने कहा कि लॉक डाउन की वजह से महाराष्ट्र के अहमदनगर में फंसे रंका खुर्द के मजदूर राहुल कुमार,पिता द्वारिका भुइंया की इलाज के अभाव में मृत्यु हो गई,उनके परिजन प्रशासन से लाख गुहार लगाते रहे,प्रार्थना और विनती करते रहे कि उनके पार्थिव शरीर को महाराष्ट्र से लाकर परिवार को सुपुर्द किया जाए ताकि परिवार के सदस्य पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन कर सकें,जिससे उन्हें थोड़ी संतुष्टि मिलती,किंतु राज्य सरकार ने एक ना सुनी,परिजनों की इच्छा के विरुद्ध पार्थिव शरीर का महाराष्ट्र में ही दाह संस्कार कर दिया गया,इससे राज्य सरकार का दलित और पिछड़ा विरोधी चेहरा उजागर हो गया,घटना हुए कई दिन गुज़र जाने के बावजूद प्रशासन उनके परिजन को कुछ भी सहयोग करने में अब तलक असफ़ल है,विडंबना तो इस बात का है कि सरकार से मिलने वाली राशन तो दूर उसे वो पा सकें इस निमित आज तक भुक्तभोगी परिवार का राशन कार्ड भी नहीं बन सका है,पूर्व विधायक ने कहा 3 वर्ष पूर्व मेराल प्रखंड के अखिलेश भुइयां,पिता सोबरन भूइयां की मृत्यु सऊदी अरब में होने की जानकारी के बाद मैंने सरकार पर दबाव देकर सऊदी अरब से पार्थिव शरीर को हवाई जहाज से देश में लाकर उक्त पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सुपुर्द कराने का काम किया था,किंतु वर्तमान सरकार इच्छाशक्ति के अभाव में देश के अंदर महाराष्ट्र से राहुल भूईयां का पार्थिव शरीर लाकर उनके परिजनों को सौंपने में असफल रही है,जो अमानवीय है,साथ ही साथ सरकार का दलित व पिछड़ा विरोधी चेहरा भी उजागर करता है,राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि तीनों भुईयां समाज के लोगों के निधन से उनके परिवारजनों के सामने विपत्ति का पहाड़ टूटने के कारण भुखमरी की स्थिति आन पड़ी है,इसलिए राज्य सरकार तत्काल तीनों शोक संतप्त परिवार को 10-10 लाख का मुआवजा दे ताकि इस विपत्ति की घड़ी में मृतकों के परिवार को सहयोग मिल सके।

 

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