Bindash News || 31 वां "वोट" आख़िर किसका था.?
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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31 वां "वोट" आख़िर किसका था.?

Bindash News / 20-06-2020 / 608


लड़खड़ा कर चल रही राज्य की तिपहिया सरकार:भानु


आशुतोष रंजन
गढ़वा

इस आधुनिक युग में हर राजनेता सोशल मीडिया पर एक्टिव रहा करते हैं,लेकिन इस राज्य में जो सबसे ज़्यादा सक्रिय रहते हैं वो हैं भवनाथपुर से भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही जिनके द्वारा जहां एक तरफ़ क्षेत्र के विकास को ले कर किये जा रहे प्रयास को बताया जाता है वहीं राज्य से ले कर देश की राजनीति पर भी उनकी त्वरित प्रतिक्रिया भी देखने और पढ़ने को मिलती है,कभी लिख कर तो कभी खुद से बोलते हुए वीडियो रिकॉर्ड कर वो अपने फेसबुक वॉल पर पोस्ट किया करते हैं,कल झारखंड के हिस्से का राज्यसभा का चुनाव गुजरा है,एक सीट सत्तापक्ष तो एक सीट विपक्ष यानी भाजपा के खाते में आया है,लेकिन इस चुनाव में जो कुछ राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया,उसे कम शब्दों में ही इनके द्वारा बताया गया है,उन्होंने अपनी लेखनी से संकेत दिया है कि झारखंड में सत्तासीन वर्तमान सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है,और क्या कहा गया है आइये आप इस ख़बर के जरिये पढ़ लीजिये।

लड़खड़ा कर चल रही राज्य की तिपहिया सरकार:- विधायक का कहना है कि राज्यसभा चुनाव ने यह ज़ाहिर कर दिया की झारखंड की तीपहिया सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा,दो पहिया JMM+RJD एक साथ है,वहीं कांग्रेस रूपी पहिया अकेली पड़ गई है,इसीलिए उक्त पहिया के साथ साथ पूरी गाड़ी मजबूत हो सके इस लिहाज़ से वो बंधु और प्रदीप को साथ लेना चाहती है,लेकिन जेएमएम ने ऐसा पेंच फंसाया है की दोनो ना घर के और ना घाट के बने हुए हैं,एक बात और जो सामने आयी है की जेएमएम अगर चाहता तो कांग्रेस का तीन वोट और बढ़ सकता था जो जीत से कहीं अधिक होता,उधर गुरु जी का वो वोट भी नहीं दे कर कांग्रेस को अपनी हैसियत में रहने को कहा,शायद कांग्रेस जो राज्यसभा में मुस्लिम तुष्टिकरण करना चाह रही थी वो JMM को पसंद नहीं आया क्यूँ की..?

 

31 वां वोट आख़िर किसका था:-राज्यसभा चुनाव भविष्य के लिए नयी राजनीतिक द्वार खोल कर खड़ी हो गई है,31वां वोट आख़िर किसका था,प्रदीप यादव का या इरफ़ान अंसारी का,यह वर्तमान राजनीति का एक यक्ष प्रश्न बन गया।

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