Bindash News || मिल गए वो भेंड़ जो ग़ायब ही नहीं हुए थे
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

State

मिल गए वो भेंड़ जो ग़ायब ही नहीं हुए थे

Bindash News / 28-07-2020 / 1193


कैसे कोई कर पायेगा क्षेत्र को अशांत,यहां कुंडली मारे बैठे हैं लक्ष्मीकांत


आशुतोष रंजन
गढ़वा

झारखंड के गढ़वा में एक ऐसी विपरीत स्थिति उत्पन्न हुई जिसने एक गांव को परेशान किया तो वहीं पूरे पुलिस महकमे को हलकान कर के रख दिया,आख़िर ऐसा हुआ क्या था आइये जानने के लिए पढ़िए हमारी यह ख़ास रिपोर्ट।

जो ग़ायब ही नहीं हुए थे:- हमने लिखा कि जो ग़ायब ही नहीं हुए थे,इतना मात्र लिखने से आप भला कैसे समझ पाइयेगा तो आपको बताऊं की यह पंक्ति ऐसे पूरा होगा कि बरामद हुए वो भेंड़ जो ग़ायब ही नहीं हुए थे,अब हम आपको बताएं कि पुलिस को सूचना मिलती है कि एक गड़ेरिया अपने दो सौ भेंड़ के साथ ग़ायब हो गया,इस सूचना के साथ ही उसके परिवार वालों के साथ साथ जहां एक तरफ़ पूरा गांव सकते में आ गया वहीं पुलिस प्रशासन के पेशानी पर भी बल आ गया क्योंकि एक ऐसी ही घटना इसी जिले के रंका अनुमंडल क्षेत्र में घटित हुई थी जहां ग़ायब हुए गड़ेरिये का शव बरामद हुआ था,किसी अनहोनी को ले कर पुलिस सूचना मिलते ही खोजबीन में जुटी और भेंड़ सहित गड़ेरिये को भी बरामद कर लिया गया,यहां आपको यह भी बताएं कि वह सभी भेंड़ और गड़ेरिया गायब ही नहीं हुए थे,यह जानकारी कैसे हुई आइये आगे बताते हैं।

यहां कुंडली मारे बैठे हैं लक्ष्मीकांत:- अशांत माहौल को शांत करने की जिम्मेवारी के साथ शहर थाना में प्रभारी के रूप में पदस्थापित हुए थाना प्रभारी लक्ष्मीकांत को जैसे ही भेंड़ और गड़ेरिये के गायब होने की सूचना मिली वो फौरन वरीय अधिकारी से निर्देश प्राप्त कर खोजबीन में जुट गए और आखिरकार खोज निकाला,उनके द्वारा बताया गया कि यह बात सही है कि ससमय घर को वापस नहीं लौटने की सूरत में लोगों का चिंतित होना स्वाभाविक है और लोगों ने पूर्व की घटना को नजर करते हुए किसी अनहोनी की आशंका के कारण सूचना देते हुए बताया कि इतने भेंड़ के साथ अन्नराज घाटी क्षेत्र से गड़ेरिया गायब हो गया,लेकिन जब तलाशा गया तो बात गायब होने वाली नहीं निकली,जिला से ले कर पड़ोसी राज्य छतीसगढ़ के जंगलों तक उनके खोजबीन के लिए पुलिस द्वारा ख़ाक छाना गया,लेकिन उनकी बरामदगी उसी अन्नराज घाटी के पास से हुई,जब उस गड़ेरिये से पूछा गया तो उसने बताया कि हम तो इसी घाटी क्षेत्र में भेंड़ चरा रहे थे लेकिन चरते चरते सभी भेंड़ तराई में उतर गए और हम साथ में चलते चले गए और उधर अपने मोबाइल का नेटवर्क भी ख़त्म हो गया,जहां एक तरफ़ भेंड़ फिर वापस जल्दी में ऊपर नहीं चढ़ सके तो दूसरी ओर नेटवर्क नहीं रहने के कारण हम घर बता भी नहीं सके,उधर उसके साथ साथ परिवार और उसके गांव वालों द्वारा पुलिस के प्रयास की सहृदय सराहना भी की गयी,घटना तो कोई घटित हुई नहीं थी,लेकिन थाना प्रभारी द्वारा किये गए त्वरित कार्रवाई को देख मन बरबस बोल पड़ रहा है कि "कैसे कोई कर पायेगा क्षेत्र को अशांत,रखने को यहां शांत,कुंडली मारे बैठे हैं लक्ष्मीकांत।"

 


Total view 1193

RELATED NEWS