Bindash News || हितकारी नहीं अहितकारी है सरकार
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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हितकारी नहीं अहितकारी है सरकार

Bindash News / 10-08-2020 / 267


जहां बेटियां नहीं हैं महफ़ूज, वहां भला कौन है सुरक्षित:भानु


आशुतोष रंजन
गढ़वा

विधायक बनने के पूर्व से ही सरकार और सरकारी स्तर पर कुछ भी गलत होने पर उसका पुरजोर मुख़ालफ़त करने वाले भानु प्रताप शाही में आज भी वही तल्ख़ अंदाज पेवस्त है तभी तो उनके द्वारा झारखंड में सत्तासीन हेमंत सरकार पर जमकर ज़बानी हमला बोला गया है,उक्त हमले का कारण क्या है आइये आपको बताते हैं।

अहितकारी है सरकार:-भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने सीधे रूप में कहा कि हितकारी नहीं पूरी तरह अहितकारी है झारखंड सरकार,उनके अनुसार प्रदेश में जब से हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झामुमो की अगुवाई वाली महागठबंधन की सरकार बनी है तब से प्रदेश में कानून व्यवस्था की हालत दिन प्रतिदिन बदतर होती गई है,प्रदेश में हमारी दलित,आदिवासी और पिछड़ी जाति की बहन बेटियों की आबरू सुरक्षित नहीं है,येसा प्रतीत होता है की एक खास समुदाय जिसे वर्तमान सरकार और प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है, उस समुदाय के लोग नंगा नाच कर रहे हैं,बहु बेटियों की आबरू के साथ खेल रहे हैं,सरकार के मंत्री और अफसर वैसे लोगों को बचा रहे हैं,पिछले 4 माह के भीतर गढ़वा जिले की घटित तीन घटनाओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है,खुद को आदिवासियों की हितैषी बताने वाली हेमंत सरकार में आदिवासी,दलित और पिछड़ी जाति की नाबालिग लड़कियों की आबरू सुरक्षित नहीं है, गढ़वा जिले की तीन घटनाओं ने यह भी साबित किया है कि हेमंत सरकार के गठन के बाद सरकार द्वारा संरक्षित एक खास समुदाय के लोगों का आतंक तेजी से बढ़ा है,गैंगरेप और छेड़खानी के तीनों मामलों में इसी खास समुदाय के लोगों की संलिप्तता रही है।

गढ़वा जिले के मेराल थानांतर्गत टिकुलडीहा में 2 मार्च 2020, एक दलित नाबालिग के साथ गांव के ही दो युवकों समीर खान व सम्मी खान द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया,इसके बाद सभी उसे जान से मारने का प्रयास करने लगे,इसी दौरान उसका ममेरा भाई वहां पहुंचा और शोर मचाना शुरू कर दिया,इस पर दोनों युवकों ने उसके भाई के साथ भी मारपीट की,बाद पीड़िता ने दोनों युवकों पर नामजद केस किया इसके बावजूद उसके ममेरे भाई को ही राजनीतिक दबाव में रेप के आरोप में पुलिस ने जेल भेज दिया,गैंगरेप आरोपी खुलेआम घूमते रहे।

गत 23 जुलाई 2020 को गढ़वा सदर थाना के कल्याणपुर गांव में पिछड़ी जाति की नाबालिग लड़की जो अपने भाई के साथ ट्यूशन पढ़ने जा रही थी,उसी दौरान कुछ युवकों मधु खान, एहसान खान और अंजार खान ने उसपर अश्लील टिप्पणी करते हुए उसका मजाक उड़ाया,यह देख उसके साथ जा रहे भाई ने विरोध जताया तो  उसपर उनलोगों ने भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए उसके साथ मारपीट करने लगे,यह देख जब वह भाई को बचाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उसका दुपट्टा खींचकर फेंक दिया। आरोपियों ने कहा कि अब तुम जवान हो गई हो,हम सब मिलकर तुम्हारे साथ रेप पार्टी मनाएंगे,आरोपी भले गिरफ़्तार कर लिए गए हों पर उस मामले में लड़की के परिवार वालों के ऊपर दबाव डाला जा रहा है।

अब बात तीसरी सबसे बड़ी दरिंदगी की करें तो गुजरे 29 जुलाई को नगर उटारी में यूपी की एक आदिवासी और एक पिछड़ी जाति की यानी दो नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप की हैवानियत भरी घटना घटित हुई,यूपी की दो लड़कियां अलग-अलग मोटरसाइकल से दो रिश्तेदारों के साथ नगर उटारी से यूपी स्थित अपने गांव लौट रही थी की रास्ते के बराईटांड जंगल में उनका पीछा करते हुए पहुंचे दरिंदों ने लड़कियों से गैंगरेप किया,इस घटना में सद्दाम आलम के अलावे उसी गांव के विक्की खान, जावेद खान उर्फ भोला खान एवं अली रजा तथा विशुनपुर गांव के सुफ्रैल खान, शायद खान एवं नेयामद खान उर्फ छोटू आदि पकड़े गए हैं,इस कांड में लड़की का मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को नहीं मिला है,सरकार के कुछ लोग रेप के आरोपी को बचाने के लिए हर हथकंडे अपना रहे हैं, लेकिन मैं यहां स्पष्ट कह देना चाहता हूं कि सरकार और प्रशासन चेत जाए और इस तरह के जघन्य अपराध पर अंकुश लगाए और इसके दोषियों को बचाना बंद करे अन्यथा वो  ख़ामोश नहीं बैठेंगे।

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