Bindash News || गढ़वा का ''मुहर्रम'' देशभक्ति में रंगा,एक हांथ रहा "तलवार",तो दूजे हांथ "तिरंगा"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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गढ़वा का ''मुहर्रम'' देशभक्ति में रंगा,एक हांथ रहा "तलवार",तो दूजे हांथ "तिरंगा"

Bindash News / 21-09-2018 / 1564


देखने में लगा बड़ा अजीब,जब नुमाया हुआ गंगा-जमुनी तहज़ीब

 
शांति से गुजारने को मुहर्रम,दिली तन्मयता से जुटे हैं हम:प्रदीप/ओमप्रकाश
 
आशुतोष रंजन
 
गढ़वा
 
तलवार और तिरंगा एक साथ,जी हां यह दुर्लभ दृश्य शायद ही किसी ने नुमाया होते देखा होगा,लेकिन आज ऐसा दृश्य सदृश्य होते दिखा गढ़वा में,मोहर्रम के जुलूस में जहां एक तरफ़ लोगों के हांथों में तलवार तो दूजे हांथ में तिरंगा दिखा,कहां ऐसा दृश्य सदृश्य हुआ आइये जानने के लिए पढ़िए यह ख़ास रिपोर्ट-
 
जब नुमाया हुआ गंगा-जमुनी तहज़ीब:- देखने में लगा सबको बड़ा अजीब,जब नुमाया हुआ गंगा-जमुनी तहज़ीब",जी हां आपसी भाईचारा और गंगा जमुनी तहज़ीब की अनूठी मिसाल पेश किया गढ़वा जिले के कांडी मुहर्रम इंतजामिया कमिटी ने,जहां मुहर्रम के पहलाम जुलुश में देशभक्ति का दृश्य सदृश्य होता दिखा,एक ओर जहां लोगों के हांथों में तलवार था तो था दूसरे हांथ में तिरंगा।
 
कोई कह रहा था देश जिंदाबाद:- थे जिस्म जुदा-जुदा पर एक था ज़बान,कभी कह रहे थे हाय ईमाम तो कभी बोल रहे थे जय हिंदुस्तान",जी हां जुलुश में जहां एक तरफ लोग मातमी त्योहार के अनुसार या हुसैन और हाय ईमाम बोल रहे थे,तो वहीं दूसरी ओर देशभक्ति का संदेश देने के लिए हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे बुलंद कर रहे थे,पूछे जाने पर सभी ने कहा कि जहां एक तरफ़ हमारे हांथ में त्योहार के अनुसार तलवार है तो देश भावना से जुड़े रहने का प्रतीक तिरंगा भी है।
 
बस होठों पर गंगा हो,हांथों में तिरंगा हो:- मुहर्रम जुलुश में मातमी मसीहा के साथ बज रहे देशभक्ति धुन के साथ क़दम से क़दम मिला कर चल रहे मुसलमान भाइयों ने सीधे रूप में एक कसक के साथ कहा कि यह दिल से मंजूर कर लेने में कोई परेशानी नहीं है कि कुछ लोगों के कारण ही मुस्सलम ईमान वाला अपना क़ौम बदनाम हो रहा है,लेकिन हमारी कोशिश सदा यही रहती है कि जिस आपसी मिल्लत वाली तहज़ीब से हम अपने हिंद मुल्क में रहा करते हैं वह तहज़ीब आजीवन हममें पेवस्त रहे,साथ ही कहा कि यह प्रयास हर वक्त रहेगा कि "करेंगें ना कोई काम ऐसा,की क़ौम अपना शर्मिंदा हो,बस होठों पर गंगा हो,और हांथों में तिरंगा हो।"
मुस्तैद रहा प्रशासन:- उधर मुहर्रम को शांतिपूर्ण गुजारने को ले कर काफ़ी पहले से प्रतिबद्ध जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की दिली सक्रियता देखते बन रही थी,जिला मुख्यालय के साथ साथ सुदूर प्रखंडों में पहुंच कर सदर एसडीओ प्रदीप कुमार और एसडीपीओ ओमप्रकाश तिवारी को व्यवस्था देखते और लोगों से मिल कर मुहर्रम का हाल जानते देखा गया।
 

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