Bindash News || ई फ़ैसला या मामले से फ़ासला..?
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

State

ई फ़ैसला या मामले से फ़ासला..?

Bindash News / 21-04-2021 / 629


आपके लिए चुनौती है नए सीएस साहब


आशुतोष रंजन
गढ़वा

प्रशासनिक व्यवस्था का तो यह पुराना सगल कालांतर से हम आप देखते आ रहे हैं,वह है निलंबन यानी निलंबित,कोई मामला ज़्यादा तूल पकड़ने लगे और उसमें कुछ घालमेल करना हो या यूं कहें कि फ़ैसला में देरी या उसे ठंढे बस्ते में डालना हो तो सरकार या सरकारी महक़मा द्वारा उस मामले से सीधे जुड़े कर्मचारी को निलंबित कर दिया जाता है,अधिकारी पर गाहे ब गाहे ही गाज गिरता है,अब गढ़वा के इस ताज़ा मामले को ही लीजिए,हम बात कोविड वार्ड में मृत पाए गए पिंटू उपाध्याय की कर रहे हैं,फांसी पर उसे झूलता पाया गया था,उसके द्वारा आत्महत्या किया गया लोग इसे स्वीकार नहीं रहे,सबका यही कहना है कि यह मौत संदेह के घेरे में है यानी कहने का मतलब की मौत संदेहास्पद है,उसी रोज़ से यह मांग उठ रही है कि इस मौत मामले की उच्च स्तरीय जांच हो,अब प्रशासनिक महक़मा क्या जांच कर रहा है और अंततः क्या निकल कर सामने आता है यह तो भविष्य के गर्त में है,लेकिन इसी मामले के संबंध में सीएस को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया,इसे देख कर तो लग रहा है कि लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है,लेकिन फ़िर सवाल उठता है कि क्या किसी अधिकारी को पद से हटाना ही जांच है या जांच से लोगों का ध्यान भटकाना मक़सद है,अब आगे भी कुछ होता है या रोड,तालाब,डैम या अन्य योजनाओं में होने वाली गड़बड़ी के बाद ऐसी निलंबन वाली कार्रवाई कर के जिस तरह उक्त मामले को रफ़ा दफ़ा कर दिया जाता है क्या इस मामले का भी पटाक्षेप कर दिया जाएगा.?,उधर नए सिविल सर्जन कमलेश कुमार को हम नयी जिम्मेवारी के लिए बधाई तो देंगें ही साथ ही यह भी कहना चाहेंगे कि वर्तमान गुज़र रहे वक्त में इस पद पर आसीन होना बहुत बड़ी चुनौती है सीएस साहब

Total view 629

RELATED NEWS