Bindash News || मैं देखती नहीं किसी का जंगला, पर वो झांक रहे मेरा बंगला
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

Economy

मैं देखती नहीं किसी का जंगला, पर वो झांक रहे मेरा बंगला

Bindash News / 26-04-2021 / 1647


वो दिखाते चलें मार्कशीट अपना,मुझे नहीं चाहिए सर्टिफिकेट किसी का:पिंकी


आशुतोष रंजन
गढ़वा

ऐसे तो आम जनजीवन में भी जहां एक तरफ़ लोग एक दूसरे की चर्चा किया करते हैं तो वहीं दूसरी ओर एक दूसरे के घरों में भी नज़र करने से परहेज़ नहीं करते हैं,यह तो आम ज़िंदगी की चर्चा हो गयी लेकिन बात अग़र हम एक ऐसे क्षेत्र की करें जहां एक दूसरे के बारे में ही ज़्यादा चर्चा और एक दूसरे के घरों में झांकने की आदत कमोवेश हर किसी के आदत में शुमार होता है,वह क्षेत्र है राजनीति की,जहां की ज़िंदगी बिल्कुल जुदा होती है,तभी तो आज गढ़वा नगर परिषद की अध्यक्ष ने कहा कि "मैं तो देखती नहीं जंगला किसी का,और वो हैं कि मेरा बंगला झांक रहे है"आख़िर उनके द्वारा यह शायराना पंक्ति किस संदर्भ में कही गयी आइये आपको इस ख़बर के जरिये बताऊं।

पर वो झांक रहे मेरा बंगला:- नहीं देखती मैं किसी का जंगला,पर देखिये वो झांक रहे मेरा बंगला",आख़िर ऐसी व्यंग्यात्मक पंक्तियां नगर परिषद अध्यक्ष पिंकी केशरी द्वारा क्यों कही गयी इस बावत उनके द्वारा बताया गया कि राजनीति में एक दूसरे पर छींटाकशी करने की आदत भले राजनेताओं में रहती हो,पर मैं इससे बिल्कुल जुदा हूं,वो चाहे संसदीय राजनीति वाले जनप्रतिनिधि हों या विधायी प्रतिनिधि,यानी सांसद या विधायक,मैं किसी के कार्यक्षेत्र में दखल नहीं देती हूं,ना ही किसी भी प्रकार के बयान से कोई सरोकार रखती हूं,लेकिन थोड़ा अजीब तब लगता है जब लोग मेरे कार्यक्षेत्र में दखलंदाजी करने लगते हैं,साथ ही जिस बात से मेरा कोई वास्ता नहीं होता उससे भी मेरा नाम जोड़ते हैं,तभी तो मैंने कहा कि मैं नहीं देखती किसी का जंगला,पर वो परहेज़ नहीं करते झांकने से मेरा बंगला,उधर जहां तक विकास कार्य की बात है तो जनता ने दूसरी बार मुझे चुन कर यह साबित कर दिया है की विकास किसी और कि तरह ज़बानी नहीं बल्कि ज़मीनी हुआ है,यहां तो पहली बार ही जीतना मुश्किल होता है,ऐसे में दूसरी बार जितने का मौका विकास ही देता है,जहां तक वीडियो वायरल की बात है मैं इसके बारे में कुछ नहीं जानती हूं,यह जांच का  विषय है,शहरी जलापूर्ति योजना पर बहुत रार मचा हुआ है,तो मैं बताऊं की इसकी आधारशिला हमारे और उपाध्यक्ष साथ ही सभी वार्ड पार्षदों की मौजूदगी में रखी गयी थी,नगर परिषद एक स्वतंत्र इकाई है,इसका अपना बोर्ड होता है,जिसके जरिये ही सारी योजनाएं स्वीकृत होती हैं और सरज़मीन पर मूर्तरूप लेती हैं,यह हर बार बताना नहीं चाहती लेकिन ऐसे पल आ जाते हैं कि मुझे दुहराना पड़ता है,आइये एक बार फ़िर कह दूं कि मैं विकास के लिए सतत प्रयत्नशील हूं,जिसका उदाहरण आप सबके सामने है,मुझे नगर परिषद क्षेत्र का विकास करना है,जो मैं पूरी दिली तन्मयता के साथ कर रही हूं,वो और लोग हैं जो ख़ुद का मार्कशीट लिए घूमते हैं,पर मैं किस तरह विकास कर रही हूं,और नगर परिषद क्षेत्र किस रूप में विकसित हो रहा है इसके लिए मुझे किसी का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए।


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