सतबहिनी झरना तीर्थ के साथ पूरे विधानसभा क्षेत्र का होगा सर्वांगीण विकास : विधायक

सतबहिनी झरना तीर्थ के साथ पूरे विधानसभा क्षेत्र का होगा सर्वांगीण विकास : विधायक

सतबहिनी झरना तीर्थ में चालू व्यवस्था की समीक्षा व आगे की कार्य योजना पर की गई चर्चा



सदास्मृत आशुतोष रंजन

प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा


गढ़वा : प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सतबहिनी झरना तीर्थ में सतबहिनी विकास समिति के सभी कोटि के सदस्यों एवं इस स्थल से जुड़े श्रद्धालु सज्जनों की एक बैठक की गई। इसकी अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष एवं विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने की। मां सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति द्वारा आहूत बैठक में चालू व्यवस्था की समीक्षा एवं स्थल के लिए आवश्यक योजनाओं को लेकर लोगों से विचार आमंत्रित किए गए थे। इस दौरान लोगों ने एक स्वर से समिति के द्वारा बीच के 6 वर्षों को छोड़कर 20 वर्षों से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। समिति के सचिव पंडित मुरलीधर मिश्र ने विषय प्रवेश कराते हुए लोगों के विचार आमंत्रित किया। इस दौरान समिति के विशिष्ट स्थायी सदस्य, स्थायी सदस्य एवं सामान्य सदस्यों तथा श्रद्धालु आम जनों ने स्थल के सुचारू रूप से संचालन एवं उत्कृष्ट पर्यटन स्थल के रूप में विकास के लिए अनेक सुझाव दिए। समिति गठन के प्रारंभिक काल से उल्लेखनीय सहयोग कर्ता एवं मार्गदर्शक बैंक के सेवानिवृत्त शाखा प्रबंधक एवं पतंजलि योगपीठ के प्रांतीय प्रभारी रासबिहारी तिवारी ने सकारात्मक सुझाव देते हुए कहा कि इस स्थल के महत्व को देखते हुए इसके सर्वांगीण विकास के लिए 11 या 21 सदस्यीय कोर कमेटी का गठन किया जाना अति आवश्यक है। जिसमें प्रबुद्ध लोगों को शामिल किया जाए। जो समय-समय पर रचनात्मक सुझाव दे सकें। खाली जगह एवं सभी छोटे-बड़े मार्गों के दोनों तरफ छोटे-छोटे फूलों के झाड़ी नुमा पौधे का रोपण किए जाने से स्थल का सौंदर्यी करण हो जाएगा। साथ ही यह एक धार्मिक प्राकृतिक पर्यटन स्थल है इसके लिए यहां पर थोड़े अंतराल पर धार्मिक आयोजन किए जाने चाहिए। जिसमें उक्त आयोजन के साथ-साथ जन जागरण का उद्देश्य भी सफल होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था या स्थल के विकास के लिए कोष का समृद्ध होना अति आवश्यक है। एक समृद्ध कोष के निर्माण का सुझाव दिया। साथ ही स्थल के भविष्य को देखते हुए सेकेंड लाइन तैयार करने को लेकर नई पीढ़ी को जोड़ना एवं सक्रिय करना आवश्यक बताया। साथ ही महीना में 1 दिन श्रमदान एवं उसी दिन भंडारा की व्यवस्था सार्थक होगी। विशिष्ट स्थायी सदस्य सेवानिवृत्त थाना प्रभारी अशर्फी दुबे ने आगे की कार्य योजना तैयार करने पर बल दिया। जबकि गुड्डू पासवान ने बजरंगबली मंदिर के ऊपर श्री राम दरबार की स्थापना एवं मंदिर का सुंदरीकरण आवश्यक बताया। साथ ही गुड्डू ने कहा कि यहां की मौलिक पहचान झरना से है। झरना लगातार सालों भर चलता रहे इसकी व्यवस्था की जाए। जो काफी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करेगा। डॉ हरे कृष्णा विश्वकर्मा ने कहा कि सभी दानदाताओं की परमानेंट सूची लगाई जाए। जिससे अन्य लोग भी प्रोत्साहित होकर दान देने के लिए आगे आएंगे। वैद्यनाथ पांडेय ने कहा कि महीना के अंतिम रविवार को भंडारा की व्यवस्था की जाए। जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को स्थान से जोड़ना होना चाहिए। समिति के पूर्व अंकेक्षक नवल किशोर तिवारी ने कहा कि छठ घाट, प्रवचन पंडाल, शेड आदि का निर्माण आवश्यक है। कहा कि आय वृद्धि का स्थाई संसाधन विकसित किया जाना चाहिए। समिति के संस्थापक अध्यक्ष, पूर्व संयोजक एवं वर्तमान सदस्य प्रियरंजन सिन्हा ने कहा कि भीषण बाढ़ में भगवती सतबहिनी मंदिर को खतरा न हो इसके लिए आरसीसी सेफ्टी वॉल का निर्माण सख्त जरूरी है। जबकि झरना के ऊपर दोनों तरफ हाथी का निर्माण हो एक के पेट में डीजल पंप एवं दूसरे के बिजली मोटर स्थापित हो। वहीं सूंड के अंदर सक्शन पाइप झरना के कुंड में से पानी लिफ्ट करके झरना में छोड़े। जहां से झरना गिरता है वहां ग्रुप काटकर रॉड देकर ढलाई करते हुए जीभ रूपी संरचना करीब 15 फीट की चौड़ाई में बनाई जाए। जिस पर से फव्वारा की तरह सालों भर पानी गिरेगा। सूर्य की किरणें पड़ेंगी तो झरना में से इंद्रधनुष निकलता हुआ दिखाई पड़ेगा। जिससे हजारों की संख्या में पर्यटक आकर्षित होंगे। जबकि पुराने बजरंगबली के उत्तर वाले मैदान में चिल्ड्रेन पार्क का निर्माण एवं नदी घाटी में नीचे चार-पांच फीट ऊंचा डैम बनाकर लाइटिंग की व्यवस्था करके बोटिंग (नौकायन)चालू किया जाए। यह सभी चीजें पर्यटकों को आकर्षित कर आय का बेहतरीन स्रोत साबित होंगे। डॉक्टर अनिल प्रसाद ने कहा कि यहां सभी सुविधाओं से युक्त विवाह मंडप का निर्माण कराया जाए। जिससे मोटी आमदनी होगी। मौके पर मौजूद बृजमोहन दुबे ने राधा कृष्ण से संबंधित एक गीत प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में समिति के अध्यक्ष विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने कहा कि सतबहिनी भगवती के आशीर्वाद एवं आप सबों के सहयोग ने ही मुझे इस मुकाम पर पहुंचाया है। निश्चित रूप से इस स्थल का सर्वांगीण विकास होगा। तत्काल में सामुदायिक भवन के पीछे जो टीले की मिट्टी का कटाव हो रहा है उसकी सुरक्षा और जन सुविधा के सृजन के लिए छठ घाट का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्माण वह अपने मिशन जन कल्याण के तहत निजी राशि से कराएंगे। तत्काल इसका स्थल निरीक्षण भी किया गया। इसके साथ ही बजरंगबली मंदिर का सुंदरीकरण एवं सभी सुविधाओं से समृद्ध विवाह मंडप का भी निर्माण कराया जाएगा। जब तक समृद्ध विवाह मंडप का निर्माण नहीं हो जाता है तब तक यथा संभव सुविधा के साथ पूर्व से निर्मित भवन में विवाह मंडप का काम चलता रहेगा। विधायक ने कहा कि पर्यटन स्थल के बगल में ही समिति के कार्यकारी अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह के द्वारा निर्मित बड़ा तालाब है। इसका विकास एवं सुंदरीकरण कराकर छठ घाट का स्वरूप दिया जाएगा। क्योंकि छठ के मौके पर यहां स्थान की कमी हो जाती है। जो तालाब के सुंदरीकरण से पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र में सात प्रखंड हैं। जिसका 85 प्रतिशत भाग अविकसित है। वहां बहुत सा काम करना बाकी है। मैं आप सबों को विश्वास दिलाता हूं कि जितना कार्य बाकी है सब तत्काल नहीं हो जाएगा। लेकिन अपने कार्यकाल के दौरान मैं सभी कार्यों को सर जमीन पर उतारने का प्रयास करूंगा। जिसमें सतबहिनी का विकास पहले पायदान पर है। उन्होंने भीषण गर्मी में सभी उपस्थित लोगों के आगमन के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति के सचिव पंडित मुरलीधर मिश्र के धन्यवाद ज्ञापन के साथ सभा संपन्न हुई। इस अवसर पर महाप्रसाद की भी व्यवस्था की गई थी। बैठक के बाद सभी लोगों ने श्रद्धा के साथ महाप्रसाद ग्रहण किया।

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