शिक्षा में गुणवत्ता, शोध एवं मेहनत को बताया सफलता का मूलमंत्र
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सदास्मृत आशुतोष रंजन
प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा
गढ़वा : आरकेवीएस संस्थान, गढ़वा के बी.एड. विभाग की वार्षिक पत्रिका ‘विद्याविमर्श’ का शनिवार को भव्य एवं गरिमामय लोकार्पण समारोह संस्थान परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं उद्घाटनकर्ता नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. दिनेश कुमार सिंह तथा गढ़वा के उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा थे। दोनों अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम में संस्थान के प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का रोली-चंदन का तिलक लगाकर, पुष्पवर्षा एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर पारंपरिक भारतीय संस्कृति के अनुरूप आत्मीय स्वागत किया। इसके पश्चात मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षु छात्राओं जूही पांडेय एवं छाया ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया। प्रारंभ में जूही पांडेय एवं उनके समूह द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत ने पूरे वातावरण को ज्ञान, संस्कृति और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया, जिसकी उपस्थित लोगों ने खूब सराहना की।
संस्थान के निदेशक सह शिक्षाविद् अलखनाथ पाण्डेय ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि ‘विद्याविमर्श’ केवल एक वार्षिक पत्रिका नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सृजनात्मक प्रतिभा, शोधपरक चिंतन, लेखन क्षमता और शैक्षणिक दृष्टिकोण का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पत्रिकाएं विद्यार्थियों में अध्ययन, अनुसंधान, लेखन एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति की भावना को विकसित करती हैं तथा भविष्य के उत्कृष्ट शिक्षक बनने की दिशा में प्रेरित करती हैं। पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ. आशुतोष कुमार मिश्रा ने पत्रिका की संपादकीय यात्रा, इसमें प्रकाशित शोधपरक लेखों, शैक्षणिक आलेखों, साहित्यिक रचनाओं एवं समसामयिक विषयों पर आधारित सामग्री की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि यह पत्रिका विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शोधार्थियों के लिए समान रूप से उपयोगी एवं प्रेरणादायी है। उन्होंने सभी लेखकगण, संपादकीय टीम एवं सहयोगियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में गढ़वा के उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने, नैतिक मूल्यों को अपनाने तथा एक संवेदनशील एवं जागरूक नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका समाज निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण होती है और भावी शिक्षकों को अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।
मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान 11 देशों में कार्य करने का अवसर मिला। जहां उन्होंने देखा कि चीन सहित अनेक देशों के लोग अनुशासन, समयबद्धता एवं कठिन परिश्रम को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। यदि विद्यार्थी पूरे समर्पण, ईमानदारी, अनुशासन और निरंतर परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होंगे, तो सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर अध्ययन, शोध, नवाचार एवं सकारात्मक सोच को अपनाने का भी आह्वान किया। समारोह के दौरान मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा बी.एड. विभाग की वार्षिक पत्रिका ‘विद्याविमर्श’ का विधिवत लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस उपलब्धि का स्वागत किया।
कार्यक्रम के अंत में संस्थान के प्राचार्य डॉ. चंद्रदीप पाण्डेय ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि संस्थान भविष्य में भी शिक्षा, शोध, नवाचार एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े ऐसे शैक्षणिक आयोजनों का निरंतर आयोजन करता रहेगा। इस अवसर पर प्रसिद्ध चिकित्सक रागिनी अग्रवाल, प्रोफेसर उमेश सहाय, आरके ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के मैनेजर सहेला खान, मीडिया प्रभारी रौशन धर दुबे, सहायक प्राध्यापक राजन चौबे, सतीश तिवारी, रितेश जायसवाल, रंजना तिवारी, वीणा तिवारी, डॉ. आशुतोष कुमार मिश्रा सहित बी.एड. एवं डी.एल.एड. विभाग के सभी शिक्षक, प्रशिक्षु छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का वातावरण शैक्षणिक गरिमा, अनुशासन एवं उत्साह से ओत-प्रोत रहा।









