सब लोग बोल उठे..देखिए एक विवाह ऐसा भी


आशुतोष रंजन
गढ़वा

आज ख़बर लिखने से पहले विवाह फिल्म की याद आ गई जब आग में जल जाने के बाद भी वर्तमान गुजरते वक्त में शादी से मुकर जाने की जगह लड़के द्वारा अस्पताल में ही विवाह किया गया,कुछ ऐसी ही शादी को दुहराया गढ़वा के एक लड़के ने,जहां एक तरफ़ वो एंबुलेंस से होने वाले ससुराल के दरवाज़े पर पहुंचा,वहीं स्ट्रेचर से मंडप तक पहुंच शादी की,आख़िर ऐसी नौबत क्यों आई,आइए आपको पूरी बात से अवगत कराते हैं।

एक विवाह ऐसा भी: – जिसे देखकर लोगों के मुंह से क्यों हठात निकल पड़ा कि एक विवाह ऐसा भी,उस बावत आपको बताएं की कांडी थाना अंतर्गत खुटहेरिया पंचायत के बेलोपाती गांव निवासी पुजारी सुदर्शन मिश्र के पुत्र चंद्रेश मिश्र की शादी तय हुई,सभी तिथियां तय की गईं,इस बीच चंद्रेश ने स्विफ्ट डिजायर चार पहिया गाड़ी खरीदी,शादी से संबंधित खरीदारी के लिए 22 जून को गढ़वा जाना पड़ा,गाड़ी खुद चलाकर दो बार गए आए,लेकिन तीसरी बार गांव से गढ़वा के रास्ते में बोकेया गांव के समीप गाड़ी की पेंड़ से जोरदार टक्कर हो गई,लेकिन एयर बैग ने जान बचा दी,वहीं कुल्हा खिसकने के साथ साथ फ्रैक्चर भी हो गया,डॉक्टर ने रॉड का सपोर्ट देकर कच्चा प्लास्टर कर ऑपरेशन की सलाह दी,इधर अगले दिन ही तिलकोत्सव था, परिजनों ने तिथि आगे बढ़ाने की बात कही,लेकिन जांबाज चंद्रेश ने कहा कि नियत समय पर सब होगा,23 जून को पैर सीधा कर चार आदमी का सहारा लेकर लड़का बैठा और तिलकोत्सव संपन्न कराया,इसी तरह 25 जून को एक एंबुलेंस मंगाकर दुल्हा लेटा एवं बारात गई,पलामू जिला के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत पनेरीबांध गांव निवासी मिथिलेश मिश्र की बेटी प्रेरणा के साथ शाहपुर के रिवर व्यू होटल में निहित मुहुर्त में एंबुलेंस से स्ट्रेचर पर उठाकर दुल्हे को मंडप में ले जाया गया,संक्षिप्त कर्मकांड के बाद दर्द से बेजार दुल्हा चंद्रेश ने प्रेरणा की मांग भरी,देखनेवाले सैकड़ों महिला पुरुष दुल्हे के साहस,जज्बे व दुल्हन प्रेरणा के प्रति प्रेम को देखकर दंग रह गए। सबके मुंह से एक साथ निकल पड़ा कि एक विवाह ऐसा भी…