गढ़वा की फिज़ा में 3 को गूंजेगा गज़ल तो 4 मार्च को मंत्रमुग्ध करेगा भजन

आशुतोष रंजन
गढ़वा

ग्यारह साला संघर्ष के बाद जिस गढ़वा के लोगों ने मिथिलेश ठाकुर को अपना रहनुमा चुना तो उधर झारखंड सरकार द्वारा उन्हें एक बार कौन कहे एक ही कार्यकाल में दुबारा मंत्री बनाया,इधर मंत्री द्वारा गढ़वा के लोगों के एक एक बहुमूल्य मत को जहां एक ओर तवज्जो देते हुए तो दूसरी ओर लोगों की समस्या को दिली शिद्दत से महसूस करते हुए अनगढ़ गढ़वा को गढ़ना शुरू किया गया,और यहां मुझे शायद बताने की ज़रूरत नहीं है की कार्यकाल के मात्र चार सालों में ही गढ़वा किस रूप में नज़र आ रहा है,उधर हमने ख़बर का शीर्षक दिया है की सांस्कृतिक शून्यता भी ख़त्म करने में जुटे हैं मंत्री मिथिलेश,तो इस विषयक मैं क्या बताऊं आप ख़ुद नावाकिफ़ नहीं हैं की मिथिलेश ठाकुर तो गुजरे चार साल पहले विधायक बने हैं लेकिन उससे पहले उनके द्वारा ग्यारह साल इस गढ़वा के क्या शहर और क्या गांव सबकी ख़ाक छानी गई है,इस दरम्यान उन्होंने लोगों की पीड़ा को केवल महसूस ही नहीं किया बल्कि उसे ख़ुद जिया भी,लोग हाल बताते बताते भावुक हुए तो उनकी बातें सुनते हुए इनका भी आंख लरजा,तभी तो मंत्री द्वारा विकास के निमित कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है,सड़क,स्वास्थ्य,बिजली,सिंचाई से ले कर हर क्षेत्र में काम करते हुए विकास की जड़वत शून्यता ख़त्म की जा रही है,तो इधर विकास की शून्यता की तरह गढ़वा की सांस्कृतिक शून्यता भी ख़त्म करने की एक बड़ी कोशिश की गई है,उस बावत आपको बताएं की आगामी तीन मार्च को मुख्यालय स्थित नए टाउन हॉल के मैदान में गज़ल गायक सत्यम कुमार अपनी प्रस्तुति देंगे तो अगले रोज़ यानी चार मार्च को उसी जगह प्रख्यात भजन सम्राट अनूप जलोटा अपने भजन से एवं भोजपुरी के विख्यात गायक भरत शर्मा अपनी गायिकी से आपको मंत्रमुग्ध करेंगें,ऐसे में क्या मेरा यह कहना गलत है की विकास के साथ साथ अब सांस्कृतिक शून्यता भी ख़त्म करने में जुटे हैं मंत्री मिथिलेश।